BHU में बच्चे पर कुत्ते के हमले से हड़कंप, 50 टांके लगे, VC ने ट्रॉमा सेंटर पहुंचकर जाना हाल
वाराणसी। काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) परिसर में 11 वर्षीय बच्चे पर कुत्ते के हमले के बाद मामला गंभीर हो गया है। घायल बच्चे का ट्रॉमा सेंटर में इलाज चल रहा है। उसके चेहरे और सिर में करीब 50 टांके लगाए गए हैं।
घटना के बाद बच्चे ने बोलने में असमर्थ होने पर मोबाइल पर मैसेज टाइप कर परिजनों को पूरी घटना की जानकारी दी।
बच्चे ने मैसेज में बताया कि भूरे रंग के कुत्ते ने उस पर हमला किया और बाद में एक व्यक्ति ने उसे उठाकर अस्पताल पहुंचाया।
घटना के बाद बच्चे के परिजनों ने विश्वविद्यालय प्रशासन से मामले की जांच और घटनास्थल के आसपास की CCTV फुटेज की जांच कराने की मांग की है।
मोबाइल पर बच्चे ने बताई घटना की पूरी जानकारी
घायल बच्चे अभिनव के पिता प्रेमाराम BHU में सीनियर नर्सिंग ऑफिसर हैं। उनके मुताबिक, घटना के बाद बच्चा काफी दर्द में था और बोल नहीं पा रहा था।
ऐसे में उसने मोबाइल पर मैसेज टाइप करके बताया कि वह विश्वविद्यालय क्लब और चौराहे के बीच खड़ी एक कार के पास था। इसी दौरान एक भूरे रंग का कुत्ता वहां आया और उसने बच्चे पर हमला कर दिया।
बच्चे के मुताबिक, हमले के कुछ देर बाद एक व्यक्ति ने उसे उठाया और अस्पताल पहुंचाया। इसके बाद उसे ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है।
कुत्ते के हमले को लेकर अलग-अलग दावे
मामले में बच्चे के पिता ने आरोप लगाया है कि हमला एक पालतू कुत्ते ने किया था। वहीं, संबंधित प्रोफेसर की ओर से बच्चे को कुत्ते के काटने की बात से अलग बाइक की टक्कर से चोट लगने का दावा किए जाने की बात सामने आई है।
दोनों दावों के बीच वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने के लिए घटनास्थल की CCTV फुटेज महत्वपूर्ण मानी जा रही है। बच्चे के पिता ने चीफ प्रॉक्टर से आसपास की CCTV फुटेज की जांच कराने की मांग की है।
BHU प्रशासन ने शुरू कराई जांच
BHU के चीफ प्रॉक्टर डॉ. संदीप पोखरिया के अनुसार मामले की जांच कराई जा रही है। विश्वविद्यालय के एस्टेट ऑफिस से परिसर में पंजीकृत पालतू कुत्तों की सूची दोबारा मांगी गई है।
विश्वविद्यालय प्रशासन यह भी देख रहा है कि परिसर में रहने वाले लोगों के पालतू कुत्तों का नियमानुसार पंजीकरण है या नहीं। नियमों का पालन नहीं करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति किए जाने की बात कही गई है।
कुलपति ने ट्रॉमा सेंटर पहुंचकर जाना बच्चे का हाल
घटना की जानकारी के बाद BHU के कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी शुक्रवार को ट्रॉमा सेंटर पहुंचे। उन्होंने घायल बच्चे और उसके परिजनों से मुलाकात कर स्वास्थ्य की जानकारी ली।
कुलपति ने इलाज कर रहे चिकित्सकों और ट्रॉमा सेंटर प्रभारी प्रो. अजीत सिंह से भी बात की तथा बच्चे को बेहतर और शीघ्र उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
अब CCTV जांच से साफ होगी तस्वीर
बच्चे के परिजनों की मांग है कि घटनास्थल के आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज की गंभीरता से जांच की जाए, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि बच्चे के साथ वास्तव में क्या हुआ था और उसे चोट कैसे लगी।
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फिलहाल विश्वविद्यालय प्रशासन की जांच और CCTV फुटेज के आधार पर ही घटना की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। वहीं, घायल बच्चे का ट्रॉमा सेंटर में इलाज जारी है।
