100 फीट की ऊंचाई से दिखेगी काशी की खूबसूरती, रोपवे बनेगा पर्यटन का नया आकर्षण
वाराणसी। धर्म, संस्कृति और आध्यात्मिक विरासत के लिए दुनिया भर में पहचान रखने वाली काशी अब आधुनिक परिवहन व्यवस्था के साथ एक नया अनुभव देने जा रही है। शहर में निर्माणाधीन अर्बन ट्रांसपोर्ट रोपवे के शुरू होने के बाद यात्रियों को न केवल जाम से राहत मिलेगी, बल्कि आसमान से बनारस का विहंगम दृश्य देखने का अवसर भी मिलेगा। रोपवे के गंडोला (केबल कार) में बैठकर शहर की ऐतिहासिक इमारतों, मंदिरों, सड़कों और प्रमुख स्थलों को करीब सौ फीट की ऊंचाई से देखा जा सकेगा।
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रोपवे के गंडोला को चारों तरफ से पारदर्शी बनाया गया है, जिससे यात्रा के दौरान यात्रियों को शहर का नजारा साफ दिखाई देगा। वाराणसी कैंट रेलवे स्टेशन से सफर शुरू होने के बाद नीचे मकानों की छतें, व्यस्त सड़कें, महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ परिसर और सिगरा स्टेडियम दिखाई देंगे। आगे बढ़ने पर गिरजाघर क्षेत्र के आसपास बाबा विश्वनाथ धाम सहित कई प्रमुख मंदिरों के शिखर भी नजर आएंगे। इस तरह यह परियोजना परिवहन सुविधा के साथ पर्यटकों के लिए आकर्षण का नया केंद्र भी बन सकती है।
कैंट से गोदौलिया तक पांच स्टेशन
करीब 3.85 किलोमीटर लंबे इस रोपवे कॉरिडोर में कुल पांच स्टेशन बनाए गए हैं। इनमें वाराणसी कैंट रेलवे स्टेशन, काशी विद्यापीठ, रथयात्रा, गिरजाघर और गोदौलिया शामिल हैं। पूरे मार्ग में 29 टावर स्थापित किए गए हैं। परियोजना का उद्देश्य शहर के सबसे व्यस्त मार्गों में शामिल कैंट से गोदौलिया के बीच यातायात का दबाव कम करना है।
वर्तमान में सड़क मार्ग से इस दूरी को तय करने में भीड़ और ट्रैफिक जाम के कारण काफी समय लग जाता है। रोपवे शुरू होने के बाद यही सफर लगभग 15 से 16 मिनट में पूरा किया जा सकेगा। इससे स्थानीय नागरिकों, श्रद्धालुओं और पर्यटकों को राहत मिलने की उम्मीद है।
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50 रुपये में पूरा होगा सफर
रोपवे के लिए निर्धारित किराया व्यवस्था के अनुसार कैंट से गोदौलिया तक की पूरी यात्रा का सामान्य किराया 50 रुपये रखा गया है। काशी स्मार्ट पास धारकों को किराये में 20 प्रतिशत की छूट मिलेगी। यात्रियों की सुविधा के लिए टिकट लेने की अलग-अलग व्यवस्थाएं भी की जाएंगी।
एक गंडोला में एक बार में अधिकतम 10 यात्री सफर कर सकेंगे। परियोजना में लगभग 148 गंडोला संचालित करने की व्यवस्था है। सुरक्षा और तकनीकी संचालन के लिए आधुनिक उपकरण लगाए गए हैं। बिजली आपूर्ति बाधित होने की स्थिति में वैकल्पिक व्यवस्था भी रखी गई है।
पर्यटन को भी मिलेगा बढ़ावा
रोपवे के गोदौलिया स्टेशन पर पहुंचने के बाद श्रद्धालुओं के लिए काशी विश्वनाथ मंदिर और दशाश्वमेध घाट तक पहुंचना आसान होगा। खासकर बुजुर्गों, बच्चों और दिव्यांगजनों को भीड़भाड़ वाले सड़क मार्ग से गुजरने में होने वाली परेशानी कम हो सकती है। काशी आने वाले पर्यटकों के लिए यह यात्रा अपने आप में एक अलग अनुभव होगी। हालांकि, आम यात्रियों के लिए सेवा शुरू होने की आधिकारिक तारीख का इंतजार है। ट्रायल और अंतिम तैयारियां पूरी होने के बाद इसके नियमित संचालन का रास्ता साफ होगा।
