वाराणसी में ज्ञानवापी मामले पर शान्तनु महाराज ने कहा- यह देश हिंदुओं का है और हिन्दू मान्यताओं के अनुसार चलेगा
वाराणसी में ज्ञानवापी मामले पर शान्तनु महाराज ने कहा- यह देश हिंदुओं का है और हिन्दू मान्यताओं के अनुसार चलेगा

वाराणसी। काशी हिन्दू विश्वविद्यालय, कृषि विज्ञान संस्थान के शताब्दी कृषि प्रेक्षागृह में आयोजित सात दिवसीय संगीतमय श्रीराम कथा के छठवें दिन प्रख्यात मानस मर्मज्ञ आचार्य शान्तनु महाराज ने रामचरित मानस के विभिन्न पहलुओं की व्याख्या की।

असाध्य बीमारी से जूझ रहे बालक की मदद के लिए कथा के आयोजन की बात कही। साथ ही लोगों से अच्छे कामों का विरोध न करने का अनुरोध किया। 

उन्होंने कहा कि अहंकार को दूर करना बहुत जरूरी है। भगवान जब किसी अहंकारी का अहंकार तोड़ते हैं तो पहले उसे भी यह नहीं पता चलता। कथा के छठें दिवस मानस के सीता स्वयंवर, धनुष लीला प्रसंग के कथा का वाचन हुआ।

आचार्य ने बताया कि धनुष अहंकार का प्रतीक है उसे तोड़ना भगवान के लिए बहुत आसान है, किन्तु फूल भक्तों की भावना का प्रतीक है, उसे तोड़ना भगवान के लिए बहुत दुष्कर कार्य है। 

उन्होंने कहा कि हमें अच्छे कार्य का विरोध नहीं करना चाहिए। अगर हम किसी अच्छे कार्य में भागीदार नहीं बन सकते तो उसमें बाधा भी नहीं उत्पन्न करना चाहिए। हमें अपने श्रम, शक्ति, ऊर्जा, धन-संसाधन को किसी अच्छे कार्य का विरोध करने में लगाने से बचना चाहिए।

भले व्यक्ति अपनी शक्तियों का दुरुपयोग करने से बचें। इस अवसर पर डा. राजेश सिंह, तारा सिंह व प्रो. राकेश सिंह, अन्नपूर्णा सिंह आदि मौजूद रहे।

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अब NCR की तर्ज पर विकसित होगा बनारस परिक्षेत्र, आसपास के 12 जिले एक ही में होंगे समाहित...

अब NCR की तर्ज पर विकसित होगा बनारस परिक्षेत्र, आसपास के 12 जिले एक ही में होंगे समाहित...

राष्ट्रीय राजधानी परिक्षेत्र (एनसीआर) की तर्ज पर वृहद बनारस परिक्षेत्र बनाने की शासन स्तर पर तैयारी की जा रही है। वाराणसी के साथ आजमगढ़, मिर्जापुर और प्रयागराज मंडल के 12 जिलों को समाहित करते हुए वृहद बनारस की परिकल्पना को साकार किया जाएगा। 

वृहद बनारस परिक्षेत्र के मसौदे को धरातल पर उतारने के लिए शासन स्तर पर चार से ज्यादा बैठकें हो चुकी हैं। बनारस को पूर्वी उत्तर प्रदेश की राजधानी की तरह विकसित करने की तैयारी है। इसकी योजना तैयार की जा रही है।

महानगर का स्वरूप ले चुकी काशी में रोजगार की तेजी से बढ़ रही संभावनाओं और आबादी के दबाव को देखते हुए इस परिक्षेत्र की रूपरेखा बनाई जा रही है।

चार मंडलों के जिलों की सीमा को जोड़कर विशेष प्लान तैयार किया जा रहा है। पूरे परिक्षेत्र के विकास के लिए राज्य सरकार विशेष पैकेज पर भी विचार कर रही है। इसमें आवासीय, औद्योगिक, व्यावसायिक विकास सहित अन्य पहलुओं पर संभावनाएं तलाशी जाएंगी।

इसके लिए चारों मंडलायुक्त और 12 जिलों के जिलाधिकारियों की एक विशेष टीम भी गठित की गई है। संबंधित जिलों में विकास की संभावनाओं पर प्रस्ताव तैयार कराया जा रहा है। साथ ही उन्हें जमीन पर उतारने की तैयारी की जा रही है।

वृहद बनारस में शामिल होेंगे ये जिले-

वृहद बनारस में वाराणसी के साथ मंडल के चंदौली, जौनपुर, गाजीपुर, आजमगढ़ मंडल के आजमगढ़, मऊ व बलिया, मिर्जापुर मंडल के मिर्जापुर, भदोही व सोनभद्र और प्रयागराज के प्रयागराज व प्रतापगढ़ जिले शामिल होंगे। 

पांच दशक की विकास संभावनाओं पर बन रहा प्रस्ताव : वृहद बनारस परिक्षेत्र में मजबूत कनेक्टिविटी के लिए इन शहरों को मेट्रो सेवा से जोड़ने पर विचार किया जा रहा है।

सड़कों की मजबूत कनेक्टिविटी के अलावा आसपास के जिलों में आवासीय क्षेत्र विकसित करने का भी प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है।

वाराणसी की जरूरतों को पूरा करने के लिए वृहद बनारस के जिलों में अलग-अलग सुविधाएं विकसित की जाएंगी। पांच दशक की विकास संभावनाओं पर प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है।

वाराणसी के वरुणा पुल निर्माण में कई करोड़ का घोटाला

वाराणसी। फुलवरिया फोरलेन में इमिलिया घाट पर बनाए गए वरुणा पुल में साढ़े सात करोड़ रुपए के हेरफेर का मामला सामने आया है। 34.5 करोड़ रुपए पुल के निर्माण कार्य का बजट था और 42 करोड़ रुपए खर्च हो गए।

साढ़े सात करोड़ रुपए किस मद से और किस अधिकारी की स्वीकृति से खर्च किए गए, यह स्पष्ट नहीं है। इसे लेकर गंभीर सवाल उठने पर अब स्पेशल ऑडिट टीम जांच करेगी और सेतु निगम के मैनेजिंग डायरेक्टर संजीव भारद्वाज को रिपोर्ट देगी।

माना जा रहा है कि स्पेशल ऑडिट टीम अगले हफ्ते आकर जांच कर अपनी रिपोर्ट जल्द ही मैनेजिंग डायरेक्टर को सौंपेगी।

एप्रोच मार्ग धंसने से पुल आया था चर्चा में

बीती 27 अगस्त को वरुणा पुल के एप्रोच मार्ग के ढहने का प्रकरण सामने आया था। फुलवरिया इलाके के कुम्हारपुरा में रहने वाले भाजपा के लोहता मंडल के मीडिया प्रभारी अजय वर्मा प्रजापति ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए दोषी इंजीनियरों पर कार्रवाई की मांग की थी।

मामला तूल पकड़ा था तो लोक निर्माण मंत्री जितिन प्रसाद के निर्देश पर तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की गई थी। जांच समिति ने प्रथम दृष्टया असिस्टेंट इंजीनियर ज्ञानेंद्र वर्मा और जूनियर इंजीनियर राजेश कुमार को दोषी पाया था।

जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर दोनों इंजीनियर को सस्पेंड कर आरोप पत्र जारी किया गया था। इसके अलावा सेतु निगम के पूर्व उप परियोजना प्रबंधक सूरज गर्ग को भी आरोप पत्र जारी किया गया था।

सपा ने कहा- कहां है भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस

वरुणा पुल में आर्थिक विनयमितता का मामला सामने पर समाजवादी पार्टी ने भाजपा सरकार को कटघरे में खड़ा किया है। समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता मनोज राय धूपचंडी ने कहा कि भ्रष्टाचार के प्रति योगी सरकार की जीरो टॉलरेंस की नीति आखिर कहां हैं...?

बनारस के मंत्री और उच्चाधिकारी जो निरीक्षण कर लाइम लाइट में बने रहते हैं, वह आखिरकार क्या देखने जाते थे...?

पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए और दोषियों पर कार्रवाई होनी चाहिए। इसके अलावा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र में जो भी अन्य बड़े काम हुए हैं, उनकी जांच होनी चाहिए।

National Cinema Day: आज वाराणसी के किसी भी सिनेमा हॉल में देखें फ़िल्म, नहीं खर्च करना होगा ज्यादा पैसा

वाराणसी। आज नेशनल सिनेमा डे है। इस खास मौके पर आज मल्टीप्लेक्स एसोसिशन ने देश भर के सिनेमा घरों में मात्र 75 रुपए में फिल्म दिखाने का निर्णय लिया है।

इस खास अवसर पर वाराणसी सिनेमा एक्सहिबीटर्स एसोसिएशन ने भी काशीवासियों को 75 रुपए में फिल्म दिखाने का निर्णय लिया है।

दरअसल, कोरोना महामारी और फिर ओटीटी के कारण सिनेमा हाल से दूर हुए दर्शकों को एक बार फिर वापस खींचने के लिए यह निर्णय लिया गया है। 

कौन-कौन सी फिल्म दिखाई जाएगी

ब्रह्मास्त्र, जहां चार यार, मिडल क्लास लव, सरोज का रिश्ता, धोखा: राउंड द कॉर्नर, प्रेम गीत 3, चुप: रिवेंज ऑफ द आर्टिस्ट, KGF: Chapter 2, RRR, विक्रम, भूल भुलैया 2 और हॉलीवुड की डॉक्टर स्ट्रेंज 2, टॉप गन: मेवरिक।

कैसे मिलेगा 75 रुपए में टिकट

वाराणसी सिनेमा एक्सहिबीटर्स एसोसिएशन के सचिव मनीष तलवार ने बताया कि सिनेमा हॉल के बाहर से टिकट खरीदना होगा। इसके अलावा ऑनलाइन माध्यम से भी टिकट खरीदा जा सकता है,

लेकिन उसके लिए जीएसटी और इंटरनेट फीस का चार्ज भी अलग से देना होगा।

ख़बरदार...होशियार! होश में आयें हिन्दू धर्म के लोग, विधर्मियों से न खरीदें व्रत व पूजा पाठ की सामग्री

अखिल भारतीय संत समिति के महासचिव स्वामी जितेंद्रानंद सरस्वती ने वाराणसी में गुरुवार को कहा कि सनातन हिंदू धर्म के लोग व्रत और पूजा की सामग्री विधर्मियों से न खरीदें। उन्होंने कहा कि पितृ पक्ष के संपन्न होते ही हमारे तीज-त्योहारों का सिलसिला शुरू हो जाएगा।

अकसर वीडियो सामने आते रहते हैं कि फल और अन्य सामग्रियां बेचने वाले विधर्मी उन पर थूकते हुए या गंदा पानी फेकते नजर आ जाते हैं।

इसलिए सनातन हिंदू धर्म के अनुयायी खुद की पवित्रता को बचाए रखने के लिए व्रत और पूजा की सामग्री विधर्मियों से न खरीदें। अखिल भारतीय संत समिति यह अपील करती है कि दूध, फल, वस्त्र या पूजा से जुड़ी अन्य सामग्रियां सिर्फ सनातन हिंदू धर्म के अनुयायियों से ही खरीदी जाए।

मदरसों और वक्फ संपत्ति के सर्वे का स्वागत

स्वामी जितेंद्रानंद सरस्वती ने कहा कि मदरसों और वक्फ संपत्ति के सर्वे के निर्णय का स्वागत करते हुए अखिल भारतीय संत समिति उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को बधाई देती है। प्रश्न यह उठता है कि जब देश का विभाजन धर्म के आधार पर हुआ था।

मुसलमानों ने यह कहा था कि हम हिंदुओं के साथ नहीं रह सकते हैं। इसी आधार पर भारत माता के दो टुकड़े किए गए। फिर, हिंदुस्तान में वक्फ के नाम पर किस प्रकार की संपत्ति बच गई। हम भारत सरकार से यह मांग करते हैं कि वक्फ एक्ट 1995 को तत्काल रद्द किया जाए।

साथ ही ऐसी संपत्तियां जो वक्फ के नाम से दर्ज हैं उनकी जांच हो कि उन्हें आखिरकार किसने और कब दान दिया था। हिंदुस्तान में 16 लाख एकड़ से ज्यादा जमीन वक्फ के नाम पर दर्ज है। यह भी गजवा-ए-हिंद का एक पार्ट है। इसलिए वक्फ एक्ट को तत्काल रद्द किया जाना चाहिए।

डांडिया और गरबा नृत्य के दौरान सतर्क रहें

स्वामी  जितेंद्रांनद सरस्वती ने कहा कि आगामी नवरात्रि के दिनों में गरबा नृत्य और डांडिया का आयोजन होता है। बीते सालों में देखने में आया है कि विधर्मी अपनी पहचान छुपा कर हाथ में कलाबा बांध कर डांडिया और गरबा समूहों में घुस कर लव जिहाद का प्रयास करते हैं।

ऐसी परिस्थितियों में हम सबकी जिम्मेदारी है कि हम सनातन हिंदू धर्म के लोग स्त्री स्वाभिमान की रक्षा करें। अखिल भारतीय संत समिति गरबा और डांडिया आयोजित करने वालों से अपील करती हैं कि वह सतर्क होकर आयोजन कराएं।

चेक कराएं कि कोई विधर्मी गरबा या डांडिया में तो शामिल नहीं हुआ है। साथ ही हम विधर्मियों को चेतावनी भी देते हैं कि वो ऐसा कोई काम न करें कि उनके साथ कोई दुर्घटना हो।

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