लाइफ इंश्योरेंस को लेकर बदलें अपनी सोच! SBI Life ने पंत-जडेजा के अंदाज में दिया बड़ा संदेश
नई दिल्ली। जीवन बीमा को लेकर आम लोगों के बीच बनी गंभीर और जटिल धारणा को आसान और संवादात्मक बनाने के उद्देश्य से एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस ने नया ‘जॉली एंड पॉली’ अभियान शुरू किया है। अभियान के माध्यम से कंपनी जीवन बीमा को केवल मृत्यु के बाद मिलने वाले लाभ से जोड़कर देखने की सोच को बदलने और इसे जीवनभर की आर्थिक सुरक्षा के महत्वपूर्ण आधार के रूप में स्थापित करने की कोशिश कर रही है।
अभियान में भारतीय क्रिकेटर ऋषभ पंत और रविंद्र जडेजा ‘जॉली’ और ‘पॉली’ की भूमिका में नजर आ रहे हैं। दोनों लोकप्रिय खिलाड़ियों के माध्यम से कंपनी ने ‘अपने लिए, अपनों के लिए’ की सोच को सरल और मनोरंजक अंदाज में लोगों तक पहुंचाने का प्रयास किया है।
एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस के चीफ ब्रांड, कॉर्पोरेट कम्युनिकेशंस और CSR रविंद्र शर्मा के मुताबिक, जीवन बीमा को लंबे समय से बेहद गंभीर विषय के तौर पर प्रस्तुत किया जाता रहा है। इसी वजह से इसका संदेश बड़ी संख्या में लोगों तक प्रभावी ढंग से नहीं पहुंच पाता। उन्होंने कहा कि अभियान के जरिए बातचीत को हल्का-फुल्का और सहज बनाकर अधिक से अधिक दर्शकों को इससे जोड़ने की कोशिश की गई है।
शर्मा ने बताया कि अभियान का उद्देश्य केवल एकतरफा संदेश देना नहीं, बल्कि ऐसा संवाद तैयार करना है जिससे दर्शक खुद को उससे जोड़ सकें। इसी सोच के तहत ‘जॉली’ और ‘पॉली’ के बीच बातचीत को अभियान का केंद्र बनाया गया है।

सपनों और जिम्मेदारियों के बीच संतुलन का संदेश
अभियान में ऋषभ पंत ‘जॉली’ की भूमिका निभा रहे हैं, जो लोगों को अपने सपनों और जुनून को पूरा करने के लिए प्रेरित करते हैं। वहीं रविंद्र जडेजा ‘पॉली’ के रूप में आर्थिक सुरक्षा और जिम्मेदारियों की अहमियत पर जोर देते हैं।
शर्मा के अनुसार, पंत का व्यक्तित्व ‘जॉली’ की भूमिका के लिए स्वाभाविक रूप से उपयुक्त है। उनकी छवि लोगों को सपने देखने और उन्हें पूरा करने के लिए प्रेरित करने वाली है। वहीं जडेजा की विश्वसनीय छवि ‘पॉली’ के किरदार से मेल खाती है।
अभियान की फिल्मों में कहानी के जरिए जीवन बीमा के महत्व को समझाने की कोशिश की गई है। पहली फिल्म में एक युवा महिला पहलवान बनने का सपना देखती है। उसकी महत्वाकांक्षा से परिवार चिंतित होता है, लेकिन ‘जॉली’ और ‘पॉली’ बताते हैं कि आर्थिक सुरक्षा होने पर व्यक्ति अपने सपनों को पूरा करने के साथ-साथ परिवार के भविष्य को भी सुरक्षित रख सकता है।
दूसरी फिल्म में एक व्यक्ति महिलाओं के अधिकारों से जुड़े कानूनों पर काम करना चाहता है। अपने उद्देश्य को पूरा करने की इच्छा के साथ उसे परिवार की आर्थिक सुरक्षा की भी चिंता रहती है। ऐसे में अभियान यह संदेश देता है कि आर्थिक भविष्य सुरक्षित होने पर व्यक्ति सामाजिक और व्यक्तिगत उद्देश्यों को अधिक मजबूती के साथ पूरा कर सकता है।
‘अपने लिए, अपनों के लिए’ पर जोर
रविंद्र शर्मा ने कहा कि जब व्यक्ति अपने प्रियजनों से किए वादों की सुरक्षा सुनिश्चित कर लेता है तो उसका संकल्प और मजबूत होता है। यही विचार एसबीआई लाइफ के अभियान की मूल भावना है। ‘जॉली’ जहां अपने सपनों, जुनून और इच्छाओं को पूरा करने का प्रतीक है, वहीं ‘पॉली’ परिवार और प्रियजनों के प्रति जिम्मेदारी और सुरक्षा की भावना को दर्शाता है।
अभियान के दो प्रमुख उद्देश्य हैं। पहला, जीवन बीमा को सरल संवाद और कहानी के माध्यम से अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाना। दूसरा, जीवन बीमा को लेकर लोगों की सोच में बदलाव लाना, ताकि इसे केवल मृत्यु के बाद मिलने वाले लाभ वाले उत्पाद के बजाय आर्थिक स्थिरता और भविष्य की योजना के महत्वपूर्ण हिस्से के रूप में देखा जाए।
शर्मा ने कहा कि जीवन बीमा व्यक्ति के सपनों, जुनून और परिवार के प्रति जिम्मेदारियों को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। एसबीआई लाइफ का प्रयास लोगों को यह समझाना है कि बीमा केवल ‘अपनों के लिए’ नहीं, बल्कि ‘अपने लिए भी’ जरूरी है।
आर्थिक योजना की नींव है जीवन बीमा
शर्मा ने लोगों को कम उम्र में जीवन बीमा लेने की सलाह देते हुए कहा कि यह वित्तीय सुरक्षा की मजबूत नींव तैयार करता है। उनके मुताबिक, जीवन बीमा व्यक्ति की पूरी आर्थिक योजना नहीं हो सकता, लेकिन यह उस योजना की नींव जरूर होना चाहिए। मजबूत नींव के बाद व्यक्ति अन्य संपत्तियों और निवेश के जरिए अपने वित्तीय भविष्य को बेहतर तरीके से तैयार कर सकता है।
उन्होंने कहा कि लोगों को जीवन बीमा को इसी व्यापक नजरिए से देखना चाहिए। इसका उद्देश्य केवल मुश्किल समय में परिवार को आर्थिक सहायता देना नहीं, बल्कि व्यक्ति को अपने सपनों को पूरा करने और अपनों से किए वादों को निभाने के लिए आर्थिक सुरक्षा का भरोसा देना भी है।
एसबीआई लाइफ का यह अभियान इसी संदेश के साथ आगे बढ़ रहा है—‘करो पूरे अपने इरादे, अपनों से किए सभी वादे।’
