वाराणसी। बुधवार शाम करीब चार बजे के बाद वाराणसी और पूर्वांचल के कई जिलों में मौसम ने अचानक करवट ली। दिनभर की तेज गर्मी और लोकल हीटिंग के कारण बने घने बादलों ने देखते ही देखते पूरे आसमान को ढक लिया। तेज हवाओं और अंधड़ के चलते दिन में ही अंधेरा छा गया और सड़कों पर वाहन चालकों को लाइट जलाकर चलना पड़ा।
मौसम के अचानक बदले मिजाज से लोगों को गर्मी से राहत जरूर मिली, लेकिन तेज हवाओं ने कई जगह परेशानियां भी बढ़ा दीं।
तेज आंधी के दौरान गंगा में नाव संचालन जारी रहने की तस्वीरें भी सामने आईं, जबकि खराब मौसम में नाव संचालन रोकने के निर्देश पहले से दिए गए थे। हालांकि इस दौरान किसी प्रकार की दुर्घटना की सूचना नहीं मिली।
गंगा घाटों पर होने वाली शाम की आरती की तैयारियां भी कुछ समय के लिए प्रभावित रहीं। शाम साढ़े छह बजे के बाद बारिश की रफ्तार धीमी हो गई, लेकिन रात तक आसमान में बादल और गरज-चमक बनी रही।
आंधी और तेज हवाओं का असर मीरजापुर, भदोही, चंदौली और सोनभद्र समेत कई जिलों में देखने को मिला। कहीं सोलर पैनल उड़ गए तो कहीं टिन शेड और छप्पर क्षतिग्रस्त हो गए।
कई स्थानों पर पेड़ और बिजली के खंभे गिरने से लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। अचानक बदले मौसम के कारण लोग सुरक्षित जगह तलाशते नजर आए।
ओलावृष्टि और तेज हवाओं से बागानों में कच्चे आम गिर गए, वहीं कई इलाकों में सब्जियों और हरी फसलों को भी नुकसान पहुंचा है।
मौसम विभाग ने पहले ही बादलों की सक्रियता और मौसम बदलने की संभावना जताई थी। सुबह से बढ़ी गर्मी और उमस के कारण मौसम में बदलाव के संकेत मिल रहे थे।
पिछले 24 घंटों में अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 0.7 डिग्री कम रहा। वहीं न्यूनतम तापमान 24.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। इस दौरान आर्द्रता 43 प्रतिशत से 67 प्रतिशत के बीच रही।
मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि वातावरण में नमी बढ़ने के कारण आने वाले दिनों में भी बादलों की गतिविधियां जारी रह सकती हैं।
मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों में हीट वेव को लेकर यलो अलर्ट जारी किया है। साथ ही अगले तीन दिनों तक बादलों की आवाजाही और हल्की बारिश की संभावना भी जताई गई है।
