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चक्रवात ‘मुरासु’ का कहर! आज आधी रात आंध्र प्रदेश में दस्तक की आशंका, ओडिशा भी अलर्ट पर

चक्रवात ‘मुरासु’ का कहर! आज आधी रात आंध्र प्रदेश में दस्तक की आशंका, ओडिशा भी अलर्ट पर

नई दिल्ली। बंगाल की खाड़ी में सक्रिय चक्रवाती तूफान ‘मुरासु’ ने गंभीर रूप ले लिया है। इसके आज रात दक्षिण आंध्र प्रदेश के तट से टकराने की आशंका जताई गई है। संभावित खतरे को देखते हुए आंध्र प्रदेश और ओडिशा में प्रशासन को अलर्ट कर दिया गया है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, तूफान के तट से टकराने के दौरान 100 से 110 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। वहीं, हवा के तेज झोंकों की गति 120 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की आशंका है।

रात 11:30 बजे से सुबह 4 बजे के बीच लैंडफॉल की संभावना

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, चक्रवात ‘मुरासु’ के 2 नवंबर की रात 11:30 बजे से 3 नवंबर की सुबह 4 बजे के बीच नेल्लोर और नरसापुर के मध्य, ओंगोल के आसपास दक्षिण आंध्र प्रदेश के तट से टकराने की आशंका है। इसके प्रभाव से तटीय क्षेत्रों में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश हो सकती है। समुद्र में ऊंची लहरें उठने और तटीय इलाकों में जलभराव की स्थिति बनने की भी आशंका है।

तटीय इलाकों में प्रशासन सतर्क, लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की तैयारी

चक्रवात के संभावित प्रभाव को देखते हुए प्रशासन ने राहत एवं बचाव की तैयारियां तेज कर दी हैं। तटीय और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने आपातकालीन तैयारियों की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को सतर्क रहने और आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। राहत एवं बचाव दलों को भी किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रखा गया है।

एक सप्ताह में बंगाल की खाड़ी में दूसरा चक्रवाती तूफान

बंगाल की खाड़ी में एक सप्ताह के भीतर दूसरे चक्रवाती तूफान के सक्रिय होने से तटीय राज्यों की चिंता बढ़ गई है। लगातार बन रहे मौसमी सिस्टम के कारण आंध्र प्रदेश और ओडिशा के तटीय क्षेत्रों में मौसम का असर देखने को मिल सकता है। प्रशासन संभावित नुकसान को कम करने के लिए राहत और बचाव संबंधी तैयारियों में जुटा है।

लोगों से सतर्क रहने की अपील

मौसम विभाग और प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलें और समुद्र तटों तथा जलभराव की आशंका वाले क्षेत्रों से दूर रहें। मछुआरों को समुद्र में न जाने और स्थानीय प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है। किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान देने के बजाय आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील की गई है।

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