योगी आदित्यनाथ अयोध्या से लड़ेंगे चुनाव, समिति ने लगाई मुहर संतों एवं नगर वासियों में खुशी की लहर
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अयोध्या | मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम की पावन धर्म नगरी अयोध्या,स्थानीय विधानसभा सीट से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की उम्मीदवारी तय होने से संतों में खुशी की लहर दौड़ गई है। आचार्य पीठ दशरथ महल बड़ा स्थान पीठाधीश्वर महंत देवेंद्रप्रसादाचार्य ने इसे अयोध्या की संभावनाओं का संयोग बताया,कहा कि योगी आदित्यनाथ ने अपने वर्तमान कार्यकाल में अयोध्या को संवारने की दिशा में अविस्मरणीय भूमिका निभाई है और निकट भविष्य में वे फिर से इस अभियान को ऊंचाई प्रदान करेंगे। राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास के उत्तराधिकारी महंत कमल नयन दास ने कहा कि भाजपा और मुख्यमंत्री का यह फैसला अयोध्या को गौरवान्वित करने वाला है और अयोध्या भी मुख्यमंत्री को गौरवान्वित करने में कोई कसर नहीं छोड़ेगी।

जगतगुरु रामानंदाचार्य स्वामी रामदिनेशाचार्य ने कहा कि मुख्यमंत्री ने अयोध्या के लिए बहुत कुछ किया है। अब अयोध्या की बारी है और अयोध्या उन्हें रिकॉर्ड मतों से विधानसभा में भेज कर अपनी भूमिका का निर्वहन करेगी। सुप्रसिद्ध पीठ रामबल्लभाकुंज के अधिकारी राजकुमार दास के अनुसार अयोध्या धर्म की राजधानी और इस राजधानी का प्रतिनिधित्व यदि मुख्यमंत्री करें तो इससे बेहतर कुछ और नहीं हो सकता। नाका हनुमानगढ़ी के महंत रामदास इसे अयोध्या के लिए सुअवसर करार देते हैं। उनका कहना है कि अयोध्या के पास मुख्यमंत्री के कर्ज से मुक्त होने का अवसर मिला है और इस कर्ज की भरपाई बहुत शानदार तरीके से होगी । दशरथ गद्दी के महान बृजमोहन दास कहते हैं कि योगी जैसे दिग्गज राजनीतिज्ञ के प्रतिनिधित्व से अयोध्या और खिल उठेगी।

सीएम योगी आदित्यनाथ के लिए चुनाव कार्यालय की तलाश

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अयोध्या से विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ने की अटकलें अब धीरे-धीरे पुष्ट होती जा रही हैं। उनके कुछ विशेष दूत चुनाव के लिए कार्यालय की खोज में जुट गए हैं। भाजपा के कुछ नेताओं ने नाम न छापने की शर्त पर इसकी पुष्टि भी की है। हालांकि, अभी कोई भी खुल कर कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है। अभी उनकी उम्मीदवारी की घोषणा की प्रतीक्षा की जा रही है। उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही तस्वीर पूरी तरह साफ हो जाएगी,इस बार का विधानसभा चुनाव ऐसे समय में हो रहा है, जब रामजन्मभूमि पर मंदिर निर्माण का कार्य चल रहा है। ऐसे में यह देखना भी महत्वपूर्ण है कि इसका भाजपा को कितना लाभ मिलता है। विश्लेषक यह भी मानते हैं कि यदि मुख्यमंत्री अयोध्या सीट से चुनाव लड़ते हैं कि तो इसका असर सिर्फ आसपास ही नहीं, बल्कि राज्य और देश के अन्य प्रदेशों के चुनाव पर भी पड़ेगा। न सिर्फ हिदुत्व का स्वर शिखर पर होगा, बल्कि भाजपा अयोध्या, काशी, मथुरा का संदेश देने में भी कामयाब रहेगी।

इसीलिए अब यहां से उनके विधानसभा चुनाव लड़ने की अटकलें लगाईं जा रही हैं। हाल ही में उनके ओएसडी संजीव सिंह ने अयोध्या की चारो मंडल इकाइयों के बूथ स्तरीय कार्यकर्ताओं से भेंट भी की थी। सीएम के चुनाव लड़ने की संभावना को इससे भी बल मिल रहा है कि सीएम के कुछ करीबी यहां चुनाव कार्यालय के लिए स्थान की तलाश कर रहे हैं। उच्च पदस्थ सूत्रों के अनुसार यदि योगी यहां से चुनाव लड़ते हैं तो अयोध्या विस क्षेत्र में तीन कार्यालय बनाए जाएंगे। अयोध्या नगर में केंद्रीय कार्यालय बनेगा, जबकि फैजाबाद नगर और पूराबाजार ब्लाक में भी एक-एक कार्यालय बनाया जाएगा। माना यह भी जा रहा है कि अयोध्या का कार्यालय कारसेवकपुरम अथवा इसी तरह के ऐसे स्थान पर बनेगा, जहां आवागमन आसानी से हो सके। पहले एक प्रमुख पीठ में कार्यालय बनाने की तैयारी भी थी, लेकिन अब कार्यालय को अन्यत्र बनाया जाएगा। निर्वाणी अनी अखाड़े के श्री महंत धर्मदास कहते हैं कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का यहां विधानसभा का चुनाव लड़ना निश्चित ही रामनगरी की गरिमा के अनुरूप है। योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री  रहते अयोध्या में विकास की अनेक परियोजनाएं चलीं। ऐसे में यहां से चुनाव लड़ना उनके अयोध्या से लगाव को भी दर्शाता है।

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