यूपी में बरात में डीजे-बैंड बाजों की आवाज सहन नहीं कर सकी महिला, दिल का दौरा पड़ने से हुई मौत
मथुरा। शादी समारोह अगर  गीत-संगीत, बैंड-बाजा न हो तो शादी शादी नही लगती मगर यही बैंड बाजा यूपी के एक महिला के लिए मृत्यु का कारण बन गई। मथुरा में तेज आवाज के साथ बज रहे डीजे-बैंड बाजों की धमक से एक महिला का दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई। घटना की सूचना पुलिस को नहीं दी गई। परिजनों ने महिला का अंतिम संस्कार कर दिया। महिला की मौत पर परिवार में कोहराम मच गया।  रविवार की रात्रि में कोसी नगर में डीजे-बैंड बाजों के साथ निकल रही दूल्हे की निकासी को देखने के लिए भगवती रोड पर गीता (55) देखने पहुंचीं। बैंड बाजा के साथ तेज आवाज से डीजे भी बज रहा था। इसमें बराती डांस कर रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि बैंड बाजा-डीजे की धमक से महिला अचानक सड़क पर गिर गई। महिला के गिरते ही वहां खड़े परिवार व आस पड़ोस के लोग आ गए। महिला को स्थानीय अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सक ने मृत घोषित कर दिया। परिजनों ने बगैर किसी कार्रवाई के ही महिला का अंतिम संस्कार कर दिया।   जिला प्रदूषण अधिकारी अरविंद सिंह का कहना है कि बैंड बाजा व डीजे बजाने के लिए अनुमति लेने की आवश्यकता होती है। 75 डेसीबल से अधिक बजाने पर पाबंदी है। इससे अधिक तेज आवाज किसी के  लिए भी खरतनाक को सकती है।  डीजे-बैंड बाजों की तेज आवाज और तेज रोशनी के चलते लोग डिप्रेशन में आ जाते हैं। उस स्थिति में घबराहट और बेचैनी हो जाती है। शरीर में ब्लड की कमी के चलते दिल के दौरे का खतरा बढ़ जाता है। -डॉ. गिरेंद्रपाल सिंह, प्रभारी सीएचसी, कोसीकलां  निर्धारित मांप दंड से अधिक तेज आवाज शरीर के किसी भी हिस्से को नुकसान पहुंचा सकता है। जब डीजे व बैंड बाजा तेज आवाज से बज रहे होते हैं तो उसकी धमक दूर तक जाती है। हृदय रोगियों की जान भी ले सकती है। - डॉ.गौरव भारद्वाज, उपाध्यक्ष आईएमए  इसकी कोई सूचना पुलिस के पास नहीं आई है। अगर शिकायत आएगी तो जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी। - संजय त्यागी, कोतवाली प्रभारी कोसीकलां

मथुरा। शादी समारोह अगर  गीत-संगीत, बैंड-बाजा न हो तो शादी शादी नही लगती मगर यही बैंड बाजा यूपी के एक महिला के लिए मृत्यु का कारण बन गई। मथुरा में तेज आवाज के साथ बज रहे डीजे-बैंड बाजों की धमक से एक महिला का दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई। घटना की सूचना पुलिस को नहीं दी गई। परिजनों ने महिला का अंतिम संस्कार कर दिया। महिला की मौत पर परिवार में कोहराम मच गया।

रविवार की रात्रि में कोसी नगर में डीजे-बैंड बाजों के साथ निकल रही दूल्हे की निकासी को देखने के लिए भगवती रोड पर गीता (55) देखने पहुंचीं। बैंड बाजा के साथ तेज आवाज से डीजे भी बज रहा था। इसमें बराती डांस कर रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि बैंड बाजा-डीजे की धमक से महिला अचानक सड़क पर गिर गई। महिला के गिरते ही वहां खड़े परिवार व आस पड़ोस के लोग आ गए। महिला को स्थानीय अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सक ने मृत घोषित कर दिया। परिजनों ने बगैर किसी कार्रवाई के ही महिला का अंतिम संस्कार कर दिया।


जिला प्रदूषण अधिकारी अरविंद सिंह का कहना है कि बैंड बाजा व डीजे बजाने के लिए अनुमति लेने की आवश्यकता होती है। 75 डेसीबल से अधिक बजाने पर पाबंदी है। इससे अधिक तेज आवाज किसी के  लिए भी खरतनाक को सकती है।

डीजे-बैंड बाजों की तेज आवाज और तेज रोशनी के चलते लोग डिप्रेशन में आ जाते हैं। उस स्थिति में घबराहट और बेचैनी हो जाती है। शरीर में ब्लड की कमी के चलते दिल के दौरे का खतरा बढ़ जाता है। -डॉ. गिरेंद्रपाल सिंह, प्रभारी सीएचसी, कोसीकलां

निर्धारित मांप दंड से अधिक तेज आवाज शरीर के किसी भी हिस्से को नुकसान पहुंचा सकता है। जब डीजे व बैंड बाजा तेज आवाज से बज रहे होते हैं तो उसकी धमक दूर तक जाती है। हृदय रोगियों की जान भी ले सकती है। - डॉ.गौरव भारद्वाज, उपाध्यक्ष आईएमए

इसकी कोई सूचना पुलिस के पास नहीं आई है। अगर शिकायत आएगी तो जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी। - संजय त्यागी, कोतवाली प्रभारी कोसीकलां

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