बनारस के युग वर्मा ने ISC बोर्ड परीक्षा 2026 में रचा इतिहास, 99% अंक के साथ कायम की निरंतर सफलता की मिसाल
युग की यह उपलब्धि केवल एक परीक्षा परिणाम नहीं, बल्कि उनकी वर्षों की कड़ी मेहनत, अनुशासन और समर्पण का प्रमाण है। खास बात यह है कि LKG से लेकर 10वीं तक उन्होंने हर साल 98% से अधिक अंक प्राप्त करते हुए प्रथम स्थान बनाए रखा है।
पढ़ाई के प्रति उनकी निरंतरता और एकाग्रता ने उन्हें बाकी छात्रों से अलग पहचान दिलाई है। युग की दिनचर्या भी बेहद संतुलित रही- जहां वे रोजाना 6 से 8 घंटे सेल्फ स्टडी करते थे, वहीं मानसिक और शारीरिक संतुलन बनाए रखने के लिए 40 मिनट टहलना और फुटबॉल खेलना भी उनकी दिनचर्या में शामिल रहा।

युग की सफलता में उनके परिवार का भी बड़ा योगदान रहा है। उनकी माता, जो MCA डिग्रीधारी हैं, ने बच्चों की शिक्षा को प्राथमिकता देते हुए निरंतर मार्गदर्शन दिया। बोर्ड परीक्षा से पहले ही युग ने विभिन्न ओलंपियाड प्रतियोगिताओं में भी बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए रैंक हासिल की थी, जिससे उनकी प्रतिभा पहले ही साबित हो चुकी थी।
युग अपने दादा स्वर्गीय कुंवर पाल वर्मा की सीख को हमेशा याद रखते हैं। "मेहनत से पढ़ो, फल की चिंता मत करो।" इसी विचार को अपनाकर उन्होंने यह मुकाम हासिल किया है।
ज्ञान और संस्कृति की धरती वाराणसी एक बार फिर युग जैसे प्रतिभाशाली छात्रों के कारण राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान मजबूत कर रही है। उनकी यह सफलता न केवल शहर बल्कि पूरे देश के छात्रों के लिए प्रेरणा बन गई है।
