वाराणसी में महिला ने पुलिस कमिश्नर की गाड़ी रोक लगाई न्याय की गुहार, एफआईआर दर्ज न होने का आरोप!
वाराणसी। जंसा थाना क्षेत्र की एक महिला ने एफआईआर दर्ज न होने का आरोप लगाते हुए मंगलवार को पुलिस आयुक्त कार्यालय के बाहर पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल की गाड़ी रोककर न्याय की गुहार लगाई। महिला का कहना है कि मारपीट और उत्पीड़न की घटना के बावजूद स्थानीय पुलिस ने अब तक मुकदमा दर्ज नहीं किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस आयुक्त ने शिकायत सुनकर डीसीपी गोमती जोन को जांच के निर्देश दिए हैं।
घर के सामने रास्ता रोकने को लेकर हुआ विवाद
महिला के अनुसार, 23 जून की सुबह गांव के कुछ लोगों ने उनके घर के सामने मड़ई रखकर रास्ता अवरुद्ध कर दिया। विरोध करने पर आरोपियों ने कथित तौर पर महिला, उनकी बेटी और बेटे के साथ मारपीट की।
महिला का आरोप है कि मारपीट के दौरान उनके साथ अभद्रता की गई। वहीं उनकी 18 वर्षीय बेटी का हाथ टूट गया और बेटे को भी गंभीर चोटें आईं।
एफआईआर दर्ज न करने का आरोप
पीड़िता का कहना है कि घटना के तुरंत बाद डायल-112 पर सूचना दी गई थी। पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन आरोप है कि अब तक प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई। महिला ने यह भी आरोप लगाया कि थाने में उनके साथ दुर्व्यवहार किया गया और मामले में कार्रवाई करने के बजाय टालमटोल की गई।
पुलिस कमिश्नर ने दिए जांच के आदेश
मंगलवार को महिला अपने परिजनों के साथ पुलिस आयुक्त कार्यालय पहुंची और पुलिस कमिश्नर की गाड़ी रोककर न्याय की मांग की। इसके बाद पुलिस आयुक्त ने महिला की शिकायत विस्तार से सुनी और मामले की निष्पक्ष जांच के लिए डीसीपी गोमती जोन को निर्देशित किया।
इलाज और कार्रवाई की मांग
महिला ने प्रशासन से मांग की है कि घायल बेटी और बेटे का समुचित इलाज कराया जाए तथा आरोपियों के खिलाफ निष्पक्ष जांच कर विधिक कार्रवाई की जाए। फिलहाल पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
