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नौकरी का झांसा देकर युवती से दुष्कर्म, भाई को जिंदा जलाने वाले मामा-भांजे को उम्रकैद

नौकरी का झांसा देकर युवती से दुष्कर्म, भाई को जिंदा जलाने वाले मामा-भांजे को उम्रकैद
 14 साल पुराने सनसनीखेज मामले में कोर्ट का बड़ा फैसला, दोनों दोषियों पर 20-20 हजार का जुर्माना
 

वाराणसी। युवती को नौकरी दिलाने के बहाने मुंबई और गोवा ले जाकर दुष्कर्म करने तथा उसके भाई को पेट्रोल डालकर जिंदा जलाने के 14 साल पुराने मामले में वाराणसी की अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। जिला एवं सत्र न्यायाधीश कुलदीप सिंह द्वितीय की अदालत ने दोषी मामा-भांजे को उम्रकैद की सजा सुनाई है। अदालत ने दोनों दोषियों पर 20-20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।

दोषियों की पहचान देवरिया के भलुअनी थाना क्षेत्र के सिसवा निवासी महेश्वर पांडेय और खुखुंदू थाना क्षेत्र के अमवा निवासी कुंजेश पांडेय के रूप में हुई है।

नौकरी दिलाने के बहाने ले गया मुंबई और गोवा

अभियोजन पक्ष के अनुसार सारनाथ क्षेत्र की रहने वाली पीड़िता ने अदालत में बताया कि वर्ष 2012 में महेश्वर पांडेय उसे नौकरी दिलाने का झांसा देकर मुंबई ले गया। बाद में वह उसे गोवा लेकर पहुंचा, जहां आरोपी ने जान से मारने की धमकी देकर कई बार दुष्कर्म किया।

पीड़िता ने बताया कि आरोपी लगातार धमकी देता था कि यदि उसने विरोध किया या घर लौटने की कोशिश की तो उसके माता-पिता और भाई की हत्या कर देगा और पूरे घर को जला देगा।

2013 में बच्ची को दिया जन्म

पीड़िता ने अदालत को बताया कि डर और मजबूरी के कारण वह लंबे समय तक आरोपी के कब्जे में रही। इसी दौरान वर्ष 2013 में उसने एक बच्ची को जन्म भी दिया। काफी प्रताड़ना और धमकियों के बाद पीड़िता 12 अप्रैल 2016 को किसी तरह आरोपियों के चंगुल से निकलकर वाराणसी पहुंची।

घर पहुंचकर भाई को जिंदा जलाया

पीड़िता के मुताबिक, 18 अप्रैल 2016 की सुबह महेश्वर पांडेय अपने भांजे कुंजेश पांडेय के साथ उसके घर पहुंचा। दोनों आरोपियों ने पीछे के रास्ते घर में प्रवेश किया और आवाज लगाने लगे। जब पीड़िता का भाई बाहर निकला तो आरोपियों ने उस पर और घर में पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी। आग की चपेट में आने से घर का सामान जल गया और गंभीर रूप से झुलसे भाई को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

पीड़िता ने बताया कि आरोपी उसे लगातार धमकी दे रहे थे कि यदि वह दोबारा उनके साथ मुंबई नहीं गई तो उसे भी जिंदा जला देंगे।

मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने पीड़िता सहित अन्य साक्ष्यों और गवाहों को अदालत में पेश किया। अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष आरोप साबित करने में सफल रहा है और यह अत्यंत गंभीर एवं जघन्य अपराध है।

इसी आधार पर अदालत ने दोनों दोषियों को उम्रकैद और आर्थिक दंड की सजा सुनाई।

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