BHU पर्वतारोहण दल पर मौसम की मार! फ्रेंडशिप पीक अभियान रहा चुनौतीपूर्ण...
वाराणसी। काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) के पर्वतारोहण केंद्र का 14 सदस्यीय दल हिमाचल प्रदेश स्थित माउंट फ्रेंडशिप पीक (17,352 फीट) पर सफलता के बेहद करीब पहुंचकर भी प्रतिकूल मौसम के चलते वापस लौटने को मजबूर हो गया। टीम शिखर से मात्र करीब 300 मीटर की दूरी पर थी, लेकिन भारी बर्फबारी और वर्षा के कारण सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए अभियान रोक दिया गया।
तीन महीने की तैयारी के बाद शुरू हुआ अभियान
पर्वतारोहण केंद्र के प्रभारी प्रो. अनिल कुमार सिंह ने बताया कि प्रशिक्षक बलराम यादव और शिवनारायण यादव के नेतृत्व में दल ने तीन महीने तक कठिन प्रशिक्षण लेने के बाद इस अभियान की शुरुआत की थी। टीम वाराणसी से चंडीगढ़ होते हुए मनाली पहुंची और वहां से शोलंग, धुंधी, बकरथाच होते हुए व्यास कुंड के समीप पहला बेस कैंप स्थापित किया।
यहीं पर्वतारोहियों ने स्नो क्राफ्ट और आइस क्राफ्ट का गहन प्रशिक्षण प्राप्त किया, जिसमें बर्फ पर चढ़ाई, बचाव, रस्सी फिक्स करना और आइस एक्स के सुरक्षित उपयोग जैसी तकनीकों का अभ्यास कराया गया।
रात 11 बजे शुरू हुई अंतिम चढ़ाई
दल ने 15,500 फीट की ऊंचाई पर एडवांस बेस कैंप बनाया। इसके बाद 25 जून की रात 11 बजे अंतिम शिखर अभियान शुरू किया गया। पर्वतारोही स्नो और आइस पर क्रैम्पॉन की मदद से लगभग 16,400 फीट तक पहुंच गए, लेकिन तभी अचानक मौसम ने करवट ले ली।
भारी हिमपात और तेज बारिश शुरू होने से दृश्यता कम हो गई और चढ़ाई बेहद जोखिमपूर्ण हो गई। ऐसे में टीम ने सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए वापस लौटने का निर्णय लिया। इसी दौरान एक विदेशी दल सहित दो अन्य पर्वतारोहण दलों को भी अपना अभियान बीच में रोकना पड़ा।
टीम का प्रदर्शन सराहनीय
प्रो. अनिल कुमार सिंह ने बताया कि कठिन परिस्थितियों के बावजूद दल के अधिकांश सदस्य पूरी तरह सुरक्षित रहे। कुछ सदस्यों को केवल एक्यूट माउंटेन सिकनेस (AMS) की हल्की समस्या हुई। अभियान को सफलतापूर्वक संचालित करने में स्थानीय शेरपा गाइडों और प्रशिक्षकों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
विश्वविद्यालय ने किया स्वागत
वाराणसी लौटने पर विश्वविद्यालय के छात्र अधिष्ठाता प्रो. रंजन कुमार सिंह और पर्वतारोहण केंद्र के प्रभारी प्रो. अनिल कुमार सिंह ने पूरे दल का स्वागत करते हुए उनके साहस, अनुशासन और उत्कृष्ट प्रदर्शन की सराहना की।
दल के प्रमुख सदस्य
अभियान में संदीप कुमार यादव (लीडर), कुसुम कुमारी (डिप्टी लीडर), निशांत सिंह, निधि प्रजापति, अनु कुमारी, राजा कुमार, शुभम कुमार उपाध्याय, सुमन उरांव, नीतीश कुमार गुप्ता, आदित्य यादव, शोभा पासवान और चारू राठौड़ सहित कुल 14 सदस्य शामिल रहे।
यह अभियान भले ही मौसम की चुनौती के कारण शिखर तक नहीं पहुंच सका, लेकिन BHU के पर्वतारोहियों ने कठिन परिस्थितियों में धैर्य, अनुशासन और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देकर साहस का उत्कृष्ट उदाहरण पेश किया।
