काशीवासियों के लिए VIP व्यवस्था, सावन से अलग रास्ते से होंगे बाबा विश्वनाथ के दर्शन, नहीं लगानी पड़ेगी लाइन
वाराणसी। सावन माह में लाखों श्रद्धालुओं के आगमन को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने श्रीकाशी विश्वनाथ धाम की तैयारियों और कानून-व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि काशीवासियों को मंदिर में दर्शन के लिए अलग और सुविधाजनक मार्ग उपलब्ध कराया जाए, ताकि स्थानीय लोगों को भीड़ के बीच अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन लोगों के पास काशी में निवास का प्रमाण हो, उन्हें विशेष व्यवस्था के तहत सुगमता से दर्शन कराया जाए। यह प्रस्ताव मंदिर प्रशासन की ओर से उनके समक्ष रखा गया था, जिस पर उन्होंने सहमति प्रदान की।
समीक्षा बैठक के दौरान सावन में भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था और श्रद्धालुओं की सुविधाओं पर विशेष जोर दिया गया। प्रशासन, पुलिस, नगर निगम, लोक निर्माण विभाग, विद्युत विभाग, रेलवे और परिवहन विभाग को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए गए।
मुख्यमंत्री ने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि श्रद्धालुओं के लिए पेयजल, स्वास्थ्य सेवाएं, एम्बुलेंस, खोया-पाया केंद्र, लाकर और आपदा प्रबंधन जैसी सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध रहें। साथ ही मंदिर में तैनात कर्मचारियों की ड्यूटी समय-समय पर बदलने के निर्देश दिए, ताकि वीआईपी दर्शन के नाम पर किसी प्रकार की धोखाधड़ी या अनियमितता न हो।
बैठक में मैदागिन से गोदौलिया तक बैरिकेडिंग से स्थानीय व्यापारियों को होने वाली दिक्कतों का मुद्दा भी उठा। इस पर मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि बैरिकेडिंग केवल सोमवार के दिन ही लागू की जाए। इसके अलावा गोदौलिया-लक्सा मार्ग को 26 जुलाई से खोलने का आश्वासन भी अधिकारियों ने दिया।
मुख्यमंत्री ने होटल, रेस्तरां और बस स्टैंडों पर श्रद्धालुओं से मनमाना शुल्क वसूलने वालों पर सख्त निगरानी रखने के निर्देश देते हुए कहा कि सावन के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
