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काशी की सड़कों पर दौड़ रहे दूसरे प्रदेशों के वाहन, अब होगी सख्त जांच

काशी की सड़कों पर दौड़ रहे दूसरे प्रदेशों के वाहन, अब होगी सख्त जांच
दूसरे प्रदेश के वाहनों की होगी पड़ताल, अब सीज करने की तैयारी

वाराणसी। काशी की सड़कों पर दूसरे प्रदेशों में पंजीकृत बड़ी संख्या में वाहन लंबे समय से संचालित हो रहे हैं। परिवहन विभाग ने ऐसे वाहनों की जांच को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं। एक माह से अधिक समय से वाराणसी में संचालित दूसरे प्रदेश के वाहनों के स्वामियों को नोटिस जारी कर स्थानीय स्तर पर पंजीयन कराने के लिए कहा जाएगा।

परिवहन आयुक्त कार्यालय की ओर से इस संबंध में निर्देश जारी किए गए हैं। इसमें परिवहन विभाग के प्रवर्तन अधिकारियों के साथ पुलिस और यातायात विभाग को भी दूसरे प्रदेशों के वाहनों की प्राथमिकता के आधार पर जांच करने को कहा गया है। जांच के दौरान वाहन के पंजीयन समेत अन्य प्रपत्रों की गंभीरता से पड़ताल करने के निर्देश दिए गए हैं। आवश्यकता पड़ने पर संबंधित प्रदेश के परिवहन कार्यालय से भी जानकारी हासिल करने के लिए पत्राचार किया जाएगा।

विभाग के अनुसार, दूसरे प्रदेश का कोई वाहन यदि लंबे समय तक वाराणसी में संचालित किया जा रहा है और वाहन स्वामी उसे यहां स्थायी रूप से रखना चाहता है तो नियमानुसार संबंधित प्रदेश में वन टाइम टैक्स जमा कराकर वाहन का पंजीयन और नंबर प्रक्रिया पूरी करनी होती है। इसके बावजूद बड़ी संख्या में वाहन बिना स्थानीय स्तर पर पंजीयन कराए शहर की सड़कों पर संचालित किए जा रहे हैं।

एक लाख से अधिक वाहनों के संचालन का दावा

परिवहन विभाग के अनुसार वाराणसी जिले में दूसरे प्रदेशों के एक लाख से अधिक वाहन सड़कों पर संचालित हो रहे हैं। प्रवर्तन टीमों की ओर से समय-समय पर ऐसे वाहनों का चालान किया जाता है, लेकिन अब इस बात की भी जांच की जाएगी कि संबंधित वाहन कितने समय से जिले में संचालित हो रहा है।

विभाग का मानना है कि केवल चालान करने से समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो रहा है। कई मामलों में वाहन का पंजीयन दूसरे प्रदेश में होने के कारण चालान वाहन स्वामी के दर्ज पते पर भेजा जाता है। लंबे समय तक पता अपडेट नहीं कराने की स्थिति में चालान की वसूली में भी परेशानी आती है।

पता बदलने के बाद भी नहीं कराते अपडेट

दूसरे प्रदेशों से वाहन खरीदने या वहां निवास के दौरान वाहन का पंजीयन कराने वाले कई लोग बाद में वाराणसी में रहने लगते हैं। कुछ मामलों में किराये का मकान छोड़ने के बाद वाहन स्वामी का पता भी बदल जाता है, लेकिन परिवहन कार्यालय के रिकॉर्ड में इसे अपडेट नहीं कराया जाता। इससे चालान और अन्य विभागीय कार्रवाई की सूचना संबंधित व्यक्ति तक पहुंचने में दिक्कत होती है।

आरटीओ राघवेंद्र सिंह के अनुसार, प्रदेश बदलने के बाद वाहन स्वामी को नियमानुसार संबंधित प्रदेश में वन टाइम टैक्स जमा करने के साथ आवश्यक पंजीयन प्रक्रिया पूरी कर नया नंबर लेना चाहिए। नियमों का पालन नहीं करने वाले वाहनों के खिलाफ प्रवर्तन कार्रवाई की जाएगी। जांच के दौरान जरूरत पड़ने पर वाहनों को सीज करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

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