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वाराणसी में पटरी व्यवसायियों के उत्पीड़न के विरोध में चरणबद्ध आंदोलन की चेतावनी

वाराणसी। पटरी व्यवसायियों के कथित उत्पीड़न और वेंडिंग जोन समाप्त किए जाने के विरोध में राष्ट्रीय फेरी पटरी ठेला व्यवसायी महासंघ ने चरणबद्ध आंदोलन की चेतावनी दी है। शुक्रवार को जवाहर लाल नेहरू मार्केट स्थित संगठन के कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता में महासंघ के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक निगम ने नगर निगम और पुलिस प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि इससे सैकड़ों पटरी व्यवसायियों के सामने रोजगार का संकट खड़ा हो गया है।  अभिषेक निगम ने कहा कि संगठन के अनुसार वाराणसी में पूर्व में 63 वेंडिंग जोन बनाए गए थे, जिनमें से 26 वेंडिंग जोन विभिन्न कारणों से बिना वैकल्पिक व्यवस्था किए समाप्त कर दिए गए। उनका आरोप है कि इससे प्रभावित स्ट्रीट वेंडर्स की आजीविका प्रभावित हुई है। उन्होंने पथ विक्रेता (आजीविका संरक्षण और विनियमन) अधिनियम के प्रावधानों के अनुरूप पटरी व्यवसायियों को व्यवस्थित स्थान उपलब्ध कराने की मांग की।  महासंघ ने चौकाघाट-लहरतारा फ्लाईओवर के नीचे बने नाइट मार्केट, सारनाथ के हवेलिया तिराहा स्थित स्ट्रीट फूड हब और दशाश्वमेध क्षेत्र के पटरी व्यवसायियों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। संगठन का आरोप है कि चौकाघाट-लहरतारा नाइट मार्केट से पहले के स्ट्रीट वेंडर्स को हटाए जाने के बाद उन्हें अब तक व्यवस्थित नहीं किया गया है। वहीं, सारनाथ के स्ट्रीट फूड हब के आवंटन की प्रक्रिया पर भी संगठन ने सवाल उठाते हुए इसकी समीक्षा की मांग की।  दशाश्वमेध क्षेत्र को लेकर महासंघ का कहना है कि छोटे और अस्थायी पटरी व्यवसायियों के खिलाफ कार्रवाई तथा सामान जब्त किए जाने से उनकी आजीविका प्रभावित हो रही है। संगठन ने ऐसे व्यवसायियों को नियमानुसार व्यवसाय करने की अनुमति देने की मांग की है।  महासंघ ने प्रशासन को 72 घंटे का समय देते हुए मांग की है कि चौकाघाट-लहरतारा नाइट मार्केट में प्रभावित स्ट्रीट वेंडर्स को तत्काल व्यवस्थित किया जाए, हवेलिया स्ट्रीट फूड हब के आवंटन की समीक्षा कर पात्र स्ट्रीट वेंडर्स को प्राथमिकता दी जाए और शहर में समाप्त किए गए वेंडिंग जोनों पर समिति बनाकर पुनर्विचार किया जाए। साथ ही पुलिस और नगर निगम की कार्रवाई में कथित उत्पीड़न पर तत्काल रोक लगाने की मांग की गई है।  अभिषेक निगम ने कहा कि संगठन की ओर से प्रशासन से कई बार वार्ता कर समस्याओं के समाधान का प्रयास किया गया, लेकिन अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि 72 घंटे के भीतर मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया तो महासंघ आगामी दिनों में चरणबद्ध आंदोलन शुरू करेगा।

वाराणसी। पटरी व्यवसायियों के कथित उत्पीड़न और वेंडिंग जोन समाप्त किए जाने के विरोध में राष्ट्रीय फेरी पटरी ठेला व्यवसायी महासंघ ने चरणबद्ध आंदोलन की चेतावनी दी है। शुक्रवार को जवाहर लाल नेहरू मार्केट स्थित संगठन के कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता में महासंघ के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक निगम ने नगर निगम और पुलिस प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि इससे सैकड़ों पटरी व्यवसायियों के सामने रोजगार का संकट खड़ा हो गया है।

अभिषेक निगम ने कहा कि संगठन के अनुसार वाराणसी में पूर्व में 63 वेंडिंग जोन बनाए गए थे, जिनमें से 26 वेंडिंग जोन विभिन्न कारणों से बिना वैकल्पिक व्यवस्था किए समाप्त कर दिए गए। उनका आरोप है कि इससे प्रभावित स्ट्रीट वेंडर्स की आजीविका प्रभावित हुई है। उन्होंने पथ विक्रेता (आजीविका संरक्षण और विनियमन) अधिनियम के प्रावधानों के अनुरूप पटरी व्यवसायियों को व्यवस्थित स्थान उपलब्ध कराने की मांग की।

महासंघ ने चौकाघाट-लहरतारा फ्लाईओवर के नीचे बने नाइट मार्केट, सारनाथ के हवेलिया तिराहा स्थित स्ट्रीट फूड हब और दशाश्वमेध क्षेत्र के पटरी व्यवसायियों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। संगठन का आरोप है कि चौकाघाट-लहरतारा नाइट मार्केट से पहले के स्ट्रीट वेंडर्स को हटाए जाने के बाद उन्हें अब तक व्यवस्थित नहीं किया गया है। वहीं, सारनाथ के स्ट्रीट फूड हब के आवंटन की प्रक्रिया पर भी संगठन ने सवाल उठाते हुए इसकी समीक्षा की मांग की।

महासंघ ने चौकाघाट-लहरतारा फ्लाईओवर के नीचे बने नाइट मार्केट, सारनाथ के हवेलिया तिराहा स्थित स्ट्रीट फूड हब और दशाश्वमेध क्षेत्र के पटरी व्यवसायियों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। संगठन का आरोप है कि चौकाघाट-लहरतारा नाइट मार्केट से पहले के स्ट्रीट वेंडर्स को हटाए जाने के बाद उन्हें अब तक व्यवस्थित नहीं किया गया है। वहीं, सारनाथ के स्ट्रीट फूड हब के आवंटन की प्रक्रिया पर भी संगठन ने सवाल उठाते हुए इसकी समीक्षा की मांग की।

दशाश्वमेध क्षेत्र को लेकर महासंघ का कहना है कि छोटे और अस्थायी पटरी व्यवसायियों के खिलाफ कार्रवाई तथा सामान जब्त किए जाने से उनकी आजीविका प्रभावित हो रही है। संगठन ने ऐसे व्यवसायियों को नियमानुसार व्यवसाय करने की अनुमति देने की मांग की है।

महासंघ ने प्रशासन को 72 घंटे का समय देते हुए मांग की है कि चौकाघाट-लहरतारा नाइट मार्केट में प्रभावित स्ट्रीट वेंडर्स को तत्काल व्यवस्थित किया जाए, हवेलिया स्ट्रीट फूड हब के आवंटन की समीक्षा कर पात्र स्ट्रीट वेंडर्स को प्राथमिकता दी जाए और शहर में समाप्त किए गए वेंडिंग जोनों पर समिति बनाकर पुनर्विचार किया जाए। साथ ही पुलिस और नगर निगम की कार्रवाई में कथित उत्पीड़न पर तत्काल रोक लगाने की मांग की गई है।

महासंघ ने प्रशासन को 72 घंटे का समय देते हुए मांग की है कि चौकाघाट-लहरतारा नाइट मार्केट में प्रभावित स्ट्रीट वेंडर्स को तत्काल व्यवस्थित किया जाए, हवेलिया स्ट्रीट फूड हब के आवंटन की समीक्षा कर पात्र स्ट्रीट वेंडर्स को प्राथमिकता दी जाए और शहर में समाप्त किए गए वेंडिंग जोनों पर समिति बनाकर पुनर्विचार किया जाए। साथ ही पुलिस और नगर निगम की कार्रवाई में कथित उत्पीड़न पर तत्काल रोक लगाने की मांग की गई है।

अभिषेक निगम ने कहा कि संगठन की ओर से प्रशासन से कई बार वार्ता कर समस्याओं के समाधान का प्रयास किया गया, लेकिन अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि 72 घंटे के भीतर मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया तो महासंघ आगामी दिनों में चरणबद्ध आंदोलन शुरू करेगा।

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