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Varanasi Traffic Diversion: सावन में 1 करोड़ श्रद्धालुओं की तैयारी, 5 जोन-15 सेक्टर, 37 पार्किंग और कई मार्ग नो व्हीकल जोन घोषित

Varanasi Traffic Diversion: सावन में 1 करोड़ श्रद्धालुओं की तैयारी, 5 जोन-15 सेक्टर, 37 पार्किंग और कई मार्ग नो व्हीकल जोन घोषित

वाराणसी। सावन माह में बाबा काशी विश्वनाथ के दर्शन के लिए देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए वाराणसी कमिश्नरेट ने सुरक्षा और यातायात की व्यापक तैयारियां पूरी कर ली हैं। वर्ष 2022 के बाद इस बार सावन 2026 में लगभग एक करोड़ श्रद्धालुओं के काशी पहुंचने की संभावना जताई गई है।

 

इसी को ध्यान में रखते हुए शहर को 5 जोन और 15 सेक्टर में विभाजित किया गया है तथा 5 आईपीएस अधिकारी, 50 राजपत्रित अधिकारी और करीब 5000 पुलिसकर्मी सुरक्षा व्यवस्था संभालेंगे।

 

भीड़ बढ़ने पर शहर की सीमा पर ही रोके जाएंगे वाहन

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अत्यधिक भीड़ होने पर बाहरी सीमाओं पर ही वाहनों को रोक दिया जाएगा। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए शहर के विभिन्न हिस्सों में 37 प्रमुख पार्किंग स्थल बनाए गए हैं, जहां दोपहिया, चारपहिया, बसों और वीआईपी वाहनों के लिए अलग-अलग व्यवस्था की गई है।

इन मार्गों पर रहेगा ट्रैफिक डायवर्जन

सावन के प्रत्येक रविवार और सोमवार को विशेष ट्रैफिक व्यवस्था लागू रहेगी। मैदागिन-गोदौलिया मार्ग पूरी तरह नो व्हीकल जोन रहेगा। सोनारपुरा से जंगमबाड़ी तक किसी भी वाहन का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। 

लहुराबीर-चेतगंज-नई सड़क से गिरजाघर मार्ग तथा गुरुबाग से लक्सा और रामापुरा की ओर केवल पैदल आवागमन होगा। निर्माणाधीन गिरजाघर रोपवे स्टेशन के कारण इस क्षेत्र में यातायात पुलिस को विशेष चुनौती रहेगी। 

सिटी कमांड सेंटर, सिगरा से बाबा विश्वनाथ धाम तक सभी प्रमुख मार्गों की लगातार निगरानी की जाएगी।

सादे कपड़ों में पुलिस, CCTV और त्रिनेत्र से होगी हाईटेक निगरानी

सावन के सोमवार और शिवरात्रि पर विशेष सुरक्षा व्यवस्था लागू रहेगी। शहर के लगभग 70 प्रतिशत हिस्से में लगे CCTV कैमरों के साथ त्रिनेत्र प्रणाली से भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों, प्रमुख मार्गों और संवेदनशील स्थानों पर 24 घंटे निगरानी होगी।

काशी विश्वनाथ धाम की मॉनिटरिंग कंट्रोल रूम से होगी। रेलवे स्टेशनों पर भी अलग CCTV कंट्रोल रूम बनाए गए हैं। सभी 15 सेक्टरों में सादे कपड़ों में पुलिसकर्मी संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखेंगे।

गंगा घाटों पर 'डीप वाटर बैरिकेडिंग' और जल पुलिस तैनात

श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए प्रमुख गंगा घाटों पर डीप वाटर बैरिकेडिंग की जाएगी, ताकि कोई भी श्रद्धालु गहरे पानी में न जा सके। जल पुलिस, पीएसी और बाढ़ राहत पुलिस तैनात रहेगी। प्रशिक्षित निजी गोताखोरों की भी व्यवस्था की गई है। हर समय रेस्क्यू टीम और आपातकालीन सहायता उपलब्ध रहेगी।

कांवड़ यात्रियों के लिए अलग लेन, हर 4 किलोमीटर पर पुलिस

कांवड़ यात्रा को सुरक्षित और सुचारु बनाने के लिए प्रयागराज से मोहनसराय तक एक लेन केवल कांवड़ियों के लिए आरक्षित रहेगी। हर चार किलोमीटर पर PRV और फैंटम टीम तैनात रहेगी। 

कांवड़ मार्ग पर पुलिस बूथ, चिकित्सा शिविर और विश्राम स्थल बनाए जाएंगे। डीजे संचालन न्यायालय द्वारा तय ध्वनि मानकों के अनुसार ही होगा तथा ऊंचाई और स्वरूप भी सुरक्षा मानकों के अनुरूप रहेगा।

श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए खोया-पाया केंद्र और बैरिकेडिंग

भीड़ प्रबंधन को प्रभावी बनाने के लिए प्रमुख स्थानों पर बैरिकेडिंग की जाएगी। साथ ही खोया-पाया केंद्र स्थापित किए जाएंगे, जहां बिछड़े श्रद्धालुओं को उनके परिजनों से मिलाने की व्यवस्था रहेगी।

37 प्रमुख पार्किंग स्थलों की व्यवस्था

प्रशासन ने रोहनिया, मंडुवाडीह, लक्सा, कैंट, भेलूपुर, लंका, चौक, दशाश्वमेध, आदमपुर, सारनाथ और जंसा सहित विभिन्न थाना क्षेत्रों में 37 पार्किंग स्थल निर्धारित किए हैं।

इनमें प्रमुख रूप से- 

  • गोदौलिया मल्टीलेवल पार्किंग
  • ट्रांसपोर्ट नगर रोहनिया
  • जगतपुर इंटर कॉलेज मैदान
  • महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ परिसर
  • एनईआर रेलवे मैदान लहरतारा
  • बेनिया बाग
  • सम्पूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय मैदान
  • क्वीन्स इंटर कॉलेज मैदान
  • हरिश्चंद्र डिग्री कॉलेज मैदान (VIP पार्किंग)
  • नरिया-हैदराबाद रोड
  • सनबीम स्कूल सामने घाट
  • एंग्लो बंगाली इंटर कॉलेज मैदान
  • CHS स्कूल कमच्छा
  • बड़ी कटिंग एवं छोटी कटिंग मेमोरियल स्कूल मैदान
  • सेंट मेरी कॉलेज क्षेत्र
  • मच्छोदरी पार्क
  • टाउनहाल पार्किंग
  • काशी रेलवे स्टेशन पार्किंग सहित अन्य स्थानों पर दोपहिया, चारपहिया, बस और वीआईपी वाहनों के लिए अलग-अलग क्षमता के पार्किंग स्थल बनाए गए हैं।

पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने क्या कहा

पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने कहा कि सावन के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा और सुगम आवागमन प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार भ्रमण कर सुरक्षा, ट्रैफिक और भीड़ प्रबंधन की निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।

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