वाराणसी रोपवे पर बड़ा अपडेट! कब शुरू होगा, कितना लगेगा किराया, कितने मिनट में पहुंचेंगे ? यहां पढ़ें पूरी जानकारी
वाराणसी। काशीवासियों और पर्यटकों का इंतजार अब जल्द खत्म होने वाला है। वाराणसी का बहुप्रतीक्षित रोपवे प्रोजेक्ट सावन माह में शुरू होने की तैयारी में है। उत्तर प्रदेश शासन ने रोपवे की किराया दरों को मंजूरी देते हुए अधिसूचना जारी कर दी है। रोपवे सेवा शुरू होने के बाद कैंट से गोदौलिया तक का सफर, जो अभी ट्रैफिक जाम के कारण 30 से 45 मिनट तक का समय लेता है, मात्र 15 से 16 मिनट में पूरा हो सकेगा। यह परियोजना शहर की ट्रैफिक समस्या को कम करने के साथ-साथ पर्यटकों और स्थानीय लोगों को आधुनिक, सुरक्षित और तेज परिवहन सुविधा उपलब्ध कराएगी।
पर्यटन और व्यापार को मिलेगा फायदा
वाराणसी रोपवे परियोजना देश की पहली शहरी सार्वजनिक परिवहन रोपवे परियोजनाओं में से एक मानी जा रही है। इससे शहर में ट्रैफिक जाम की समस्या कम होगी, पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और व्यापारिक गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी।
सावन में शुरू होने जा रही यह परियोजना काशी के शहरी परिवहन इतिहास में एक बड़ा बदलाव साबित हो सकती है। रोपवे परियोजना के तहत वाराणसी कैंट, विद्यापीठ, रथयात्रा और गोदौलिया चौक सहित चार प्रमुख स्टेशन बनाए गए हैं। शासन द्वारा जारी किराया सूची के अनुसार न्यूनतम किराया 10 रुपये और अधिकतम किराया 50 रुपये निर्धारित किया गया है।
कैंट से गोदौलिया तक की पूरी यात्रा का किराया 50 रुपये होगा, जबकि विद्यापीठ से रथयात्रा तक की यात्रा मात्र 10 रुपये में पूरी की जा सकेगी। नियमित यात्रियों और स्थानीय नागरिकों के लिए ‘काशी स्मार्ट पास’ भी जारी किया जाएगा, जिस पर 20 प्रतिशत तक की छूट मिलेगी। इसके तहत कैंट से गोदौलिया का किराया 40 रुपये और विद्यापीठ से रथयात्रा का किराया केवल 8 रुपये होगा।
पर्यटकों और विशेष समूहों के लिए प्रीमियम गोंडोला सेवा भी उपलब्ध कराई जाएगी। इसका सामान्य किराया 2000 रुपये प्रति यात्रा निर्धारित किया गया है, जबकि अग्रिम समूह बुकिंग पर यह शुल्क 1200 रुपये रहेगा।
यात्रियों की सुविधा के लिए सभी स्टेशनों पर लिफ्ट, एस्केलेटर, सीसीटीवी निगरानी, डिजिटल टिकटिंग, अग्नि सुरक्षा व्यवस्था, क्लॉक रूम और आधुनिक प्रतीक्षालय जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। माना जा रहा है कि रोपवे परियोजना शुरू होने के बाद काशी में पर्यटन, व्यापार और शहरी परिवहन व्यवस्था को नई गति मिलेगी तथा शहर को जाम से बड़ी राहत मिलेगी।
