Varanasi News: शंकराचार्य ने सीएम योगी को लिखा पत्र, संरक्षित पशुओं की सुरक्षा पर निष्पक्ष जांच की मांग
वाराणसी। ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने उत्तर प्रदेश में संरक्षित पशुओं की सुरक्षा को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। शंकराचार्य ने पत्र में पशुपालन मंत्री धर्मपाल सिंह के उस बयान पर सवाल उठाया है, जिसमें उन्होंने प्रदेश में संरक्षित पशुओं को पूरी तरह सुरक्षित बताया था।
शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा कि पशुपालन मंत्री का यह दावा भ्रामक है और इससे देशवासियों को गुमराह करने का प्रयास किया गया है। उन्होंने मांग की कि यदि सरकार अपने दावे को लेकर आश्वस्त है, तो पारदर्शिता बनाए रखने के लिए वैज्ञानिक परीक्षण, विशेषकर डीएनए जांच, से पीछे नहीं हटना चाहिए।
शंकराचार्य ने पत्र में लिखा कि यदि सरकार डीएनए जांच की अनुमति देती है, तो यह स्पष्ट हो जाएगा कि स्लाटर हाउसों से निर्यात के लिए भेजा जा रहा मांस संरक्षित पशुओं का है या अन्य पशुओं का। वहीं यदि सरकार इस तरह की जांच से बचती है, तो यह पशुपालन मंत्री के बयान पर पर्दा डालने जैसा होगा।

उन्होंने यह भी कहा कि गोवंश और अन्य संरक्षित पशुओं की सुरक्षा केवल कागजी आंकड़ों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि इसका प्रभाव धरातल पर दिखाई देना चाहिए। शासन यदि इस मामले में सहयोग करता है, तो सच्चाई सामने आने में देर नहीं लगेगी।
इसी बीच वाराणसी में एक अन्य घटना सामने आई है, जहां स्वयं सहायता समूह से कर्ज लेने वाले एक राजगीर मिस्त्री ने फंदे से लटककर आत्महत्या कर ली। यह घटना भी क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है।
शंकराचार्य का यह पत्र ऐसे समय में सामने आया है, जब प्रदेश में पशु संरक्षण और उससे जुड़े मामलों को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं।
