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Varanasi News: दालमंडी में बड़ी कार्रवाई, जर्जर और अवैध निर्माणों पर चला प्रशासन का बुलडोजर​​​​​​​

Varanasi News: दालमंडी में बड़ी कार्रवाई, जर्जर और अवैध निर्माणों पर चला प्रशासन का बुलडोजर​​​​​​​
पुलिस बल की मौजूदगी में हुई कार्रवाई, प्रशासन ने जून तक कार्य पूरा करने का रखा लक्ष्य



वाराणसी। शहर की महत्वपूर्ण दालमंडी सड़क चौड़ीकरण परियोजना को गति देते हुए रविवार को प्रशासन ने क्षेत्र में बड़े पैमाने पर ध्वस्तीकरण अभियान चलाया। नगर निगम और वाराणसी विकास प्राधिकरण (वीडीए) की संयुक्त कार्रवाई में कुल 13 भवनों को ध्वस्त किया गया। सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा।

प्रशासन के अनुसार ध्वस्त किए गए भवनों में नगर निगम द्वारा चिह्नित पांच अति जर्जर मकान तथा वीडीए द्वारा अवैध घोषित आठ निर्माण शामिल हैं। अधिकारियों ने बताया कि ध्वस्तीकरण से पूर्व संबंधित भवन स्वामियों को नोटिस जारी करने के साथ मुनादी कराकर मकान खाली करने की सूचना दी गई थी।

नगर निगम की ओर से सीके-43/119, सीके-43/121, सीके-43/115, डी-50/216 और डी-50/250 नंबर के भवनों को जर्जर घोषित किया गया था। वहीं वीडीए ने सी-1/19, डी-50/203-के, डी-50/208, डी-50/226, सीके-67/31 ए-1, सीके-40/66 तथा सीके-43/123 समेत अन्य निर्माणों को अवैध मानते हुए कार्रवाई की।

रविवार दोपहर शुरू हुए अभियान के दौरान प्रशासनिक अधिकारी लगातार मौके पर मौजूद रहे और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेते रहे। ध्वस्तीकरण के बाद मलबा हटाने का कार्य भी शुरू कर दिया गया, ताकि सड़क निर्माण की आगामी प्रक्रिया में किसी प्रकार की बाधा न आए।

अधिकारियों ने बताया कि दालमंडी चौड़ीकरण परियोजना को जून माह के भीतर पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके पूर्ण होने से क्षेत्र में यातायात व्यवस्था बेहतर होगी और लोगों को आवागमन में सुविधा मिलेगी।

कार्रवाई को लेकर उठे सवाल

ध्वस्तीकरण अभियान के बीच कुछ स्थानीय लोगों और प्रभावित पक्षों ने कार्रवाई पर सवाल भी उठाए। अधिवक्ता आमिर रफीक ने आरोप लगाया कि वीडीए ने बिना पर्याप्त सुनवाई का अवसर दिए 12 और 20 मई को ध्वस्तीकरण आदेश जारी कर दिए। उनका कहना है कि 21 अप्रैल को जारी भूमि अधिसूचना के बाद संबंधित मामलों में केंद्रीय अधिनियम लागू हो चुका है, ऐसे में प्रभावित पक्षों को न्यायालय जाने का अवसर मिलना चाहिए था।

हालांकि प्रशासन का कहना है कि सभी कार्रवाई नियमानुसार की गई है और पूर्व सूचना देने के बाद ही ध्वस्तीकरण अभियान चलाया गया। अधिकारियों ने यह भी आश्वासन दिया कि प्रभावित लोगों के वैधानिक अधिकारों का पूरा ध्यान रखा जाएगा।

दालमंडी चौड़ीकरण परियोजना को शहर के पुराने और घनी आबादी वाले क्षेत्र में यातायात सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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