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Varanasi News: विभागीय कार्य विभाग हठधर्मिता से बाज नहीं आया तो शिक्षक करेंगे असहयोग आंदोलन

Varanasi News: विभागीय कार्य विभाग हठधर्मिता से बाज नहीं आया तो शिक्षक करेंगे असहयोग आंदोलन

Varanasi News: विभागीय कार्य विभाग हठधर्मिता से बाज नहीं आया तो शिक्षक करेंगे असहयोग आंदोलन

अपने निजी सिम, डाटा व आईडी से शिक्षक नहीं करेंगे विभागीय कार्य विभाग हठधर्मिता से बाज नहीं आया तो शिक्षक करेंगे असहयोग आंदोलन जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी।

उक्त बाते उत्तर प्रदेशीय जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ उत्तर प्रदेश नेतृत्व के अहवाहन पर जिला बेसिक शिक्षाधिकारी कार्यालय वाराणसी पर ऑन लाइन उपस्थिति व सभी प्रकार के पंजिकाओं के डिजिटलाइजेशन के विरोध में एवम शिक्षकों की 18 सूत्री मांगो के समर्थन में आयोजित धरना/ज्ञापन कार्यक्रम में संगठन के जिलाध्यक्ष  बिनोद कुमार उपाध्याय ने धरने को संबोधित करते हुए कही।

जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ के जिला महामंत्री रविन्द्र नाथ यादव ने धरने का संचालन किया। यादव ने धरने को संबोधित करते हुए शिक्षकों से आह्वाहन किया की जब तक विभाग द्वारा इस तरह के शिक्षकों को परेशान व प्रताड़ित करने वाले बेतुके आदेश को वापस करते हुए शिक्षकों की 18 सूत्री मांगो को नहीं मानी जाती है, तब तक इसका विरोध शिक्षक करते रहेंगे।

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Varanasi News: विभागीय कार्य विभाग हठधर्मिता से बाज नहीं आया तो शिक्षक करेंगे असहयोग आंदोलन

जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ के प्रांतीय उपाध्यक्ष रविन्द्र कुमार सिंह ने कहा की विभाग द्वारा ऐसे आदेश जारी कर शिक्षकों को भयभीत किया जा रहा है, जिससे शिक्षको में काफी रोष है।अपने मूल शिक्षण कार्य को सही ढंग से शिक्षक नही कर पा रहा है। आय दिन नए नए अव्यवहारिक आदेश जारी कर शिक्षकों को परेशान किया जा रहा है।


प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला मंत्री  शैलेंद्र बिक्रम सिंह ने कहा कि विभाग द्वारा विभागीय सिम, डाटा दिए बिना बच्चो की उपस्थिति सहित सभी पंजीकाओ के डीजीटाईजेशन करने का बेतुका निर्देश जारी किया है, जिससे शिक्षक शिक्षिकाओं में अपनी निजता को लेकर भय एवं आक्रोश व्याप्त है। सिम हमारा व्यक्तिगत है, जिससे हमारे बैंक खाते, पैनकार्ड, आधारकार्ड आदि लिंक हैं।

अटेवा के जिला महामंत्री बी०एन० यादव ने कहा कि सभी संगठन शिक्षकों के साथ है सभी शिक्षक एक जुट होकर अपने मान सम्मान के लिए एक जुट रहे।

धरने को मुख्य रूप से आनंद कुमार सिंह मंडल महामंत्री सकलदेव सिंह जिला अध्यक्ष प्राथमिक शिक्षक संघ, यसोबर्धन त्रिपाठी जिला अध्यक्ष अशोक यादव जिला मंत्री विशिष्ट बीटीसी शिक्षक संघ एहतेशामुल हक सह संयोजक अटेवा संघ महेंद्र बहादुर सिंह जिला अध्यक्ष सतेंद्र सिंह यादव वरिष्ठ उपाध्यक्ष प्राथमिक शिक्षक संघ पंजीयन संख्या 1160 अनुदेशक संघ के जिला अध्यक्ष गणेश दत्त यादव अमरेंद्र दूबे जिला अध्यक्ष शिक्षामित्र वेलफेयर एसोसिएशन राजेश कुमार सिंह कोषाध्यक्ष संतोष सिंह सत्यनारायण वर्मा शिवजतन यादव जिला मंत्री राजेश कुमार सिंह बसंत लाल प्रीति शुक्ला कुमारी प्रतिमा प्रांतीय उपाध्यक्ष सुनीता जयसवार, आरती गौतम  गिरीश चंद्र यादव, राजेश कौल गोविन्द सिंह यादव, बाबूलाल यादव नगर अध्यक्ष आदि ने संबोधित किया।

धरने में हजारों की संख्या में शिक्षक उपस्थित थे। अन्त में  मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश सरकार को संबोधित मांगों से संबंधित ज्ञापन जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी  वाराणसी को सौंपा गया।

शिक्षको की प्रमुख18 मांगे जो इस प्रकार है

1- प्रदेश के सभी विद्यालयों को टेबलेट / मोबाइल, विभागीय आई०डी० से सिम, इंटरनेट उपलब्ध कराया जाए। जब तक संसाधन उपलब्ध नहीं होते हैं तब उक्त देश पर रोक लगाई जाए।

2- प्रदेश के बेसिक शिक्षकों का भविष्य निधि खाता आन लाइन किया जाए। 

3- बेसिक शिक्षकों की प्रधानध्यापक जूनियर हाई स्कूल एवं सहायक अध्यापक जूनियर हाई स्कूल, प्रधानाध्यापक
प्राइमरी स्कूल पदोन्नतियां वर्षों से नहीं हुई है अबिलम्ब की जाए।

 4- पुरानी पेंशन बहाल की जाए।

5- 17140-18150 वेतन मान की विसंगति दूर की जाए।

 6- अंतर जनपदीय पारस्परिक स्थानांतरण प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद भी लम्बित है कार्यमुक्ति की प्रक्रिया अबिलम्ब की जाए।
की जाए।

7- कैश लेश चिकित्सा सुविधा का लाभ अथवा आयुष्मान कार्ड की सुविधा बेसिक शिक्षकों को भी दी जाए। 

8- शासनादेश कि विरूद्ध जाकर मध्यान्ह भोजन शिक्षकों के माध्यम से बनवाया जा रहा है। उससे शिक्षकों को
मुक्त किया जाए।

9- शिक्षण कार्य के अतिरिक्त गैर शैक्षणिक कार्यों से शिक्षको को मुक्त किया जाए।

 10- योग्यता धारी शिक्षा मित्रों को शिक्षक के पद पर समायोजित किया जाए।

11- शिक्षा मित्रों, अनुदेशकों के मानदेय में सम्मानजनक वृद्धि की जाए।

12- अवकाश के दिनों में कार्य बदले प्रतिकर अवकाश दिया जाए।

13- जनपद के अंदर वर्ष 2013 से बेसिक शिक्षकों के स्थानांतरण नहीं हुए है स्थानान्तरण किये वेतनमान दिया जाए।

14- छात्र शिक्षक अनुपात में शिक्षकों की नियुक्ति की जाए।

15 - वर्षों से बेसिक शिक्षकों को प्रोन्नति वेतनमान नहीं दिया गया है शत प्रतिशत प्रोन्नति वेतनमान दिया जाए।

16- बेसिक शिक्षको को भी ई०एल० की सुविधा दी जाय। 

17- अर्थ अवकाश की सुविधा दी जाए।

18 - संवैधानिक संस्था बेसिक शिक्षा परिषद उत्तर प्रदेश की बैठक वर्ष अक्टूबर 2018 से नहीं हुई। अबिलम्ब बैठक बुलाई जाए। अब तक परिषद के बिना अनुमोदन की जारी किए सभी आदेशों निर्देशों को निरस्त किया जाए।
तथा विभागीय उच्च अधिकारियों का अतिक्रमण समाप्त किया जाए। विभागीय अधिकारियों द्वारा उपरोक्त समस्याओं का समाधान न कर प्रदेश के बेसिक शिक्षको
को अपमानित, प्रतिडित करने सम्बन्धी निर्णयों, आदेशों को बिना किसी अड़चन के तत्काल जारी कर लागू करने के आदेश किए जाए जा रहे हैं। बेसिक शिक्षकों की संवैधानिक संस्था बेसिक शिक्षा परिषद को शून्य करते हुए किसी भी निर्णय में परिषद को विश्वास में नहीं लिया जा रहा है। और न ही विचारार्थ प्रस्तुत किया
जा रहा है बेसिक शिक्षकों के सम्बंध में निर्णय लेने का अधिकार परिषद को है परन्तु ऐसा न करके एक संवैधानिक संस्था को मृत प्रायः कर दिया गया है। परिषद के सदस्यों और परिषद के प्राप्त अधिकारों का अतिक्रमण कर लिया गया है

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