Varanasi News: वाराणसी में फर्जी जमानत गैंग का खुलासा, दो गिरफ्तार
वाराणसी। साइबर अपराधियों और अन्य अभियुक्तों को अवैध तरीके से जमानत दिलाने वाले एक संगठित गिरोह का खुलासा करते हुए साइबर थाना पुलिस ने गैंग के सरगना सहित दो शातिर अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से फर्जी आधार कार्ड, फर्जी थाने की वेरिफिकेशन रिपोर्ट तथा नकदी बरामद की गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार दिनांक 08 मई 2026 को साइबर थाना वाराणसी को मुखबिर के माध्यम से सूचना मिली कि कुछ व्यक्ति साइबर अपराधियों के साथ मिलकर आधार कार्ड और पैन कार्ड में कूटरचना कर नाम व पता बदलते हुए अपराधियों की अवैध जमानत करा रहे हैं। सूचना मिलने पर पुलिस आयुक्त वाराणसी मोहित अग्रवाल तथा पुलिस उपायुक्त अपराध नीतू कादयान के निर्देश पर टीम गठित की गई। सहायक पुलिस आयुक्त साइबर अपराध विदुष सक्सेना के नेतृत्व में साइबर थाना पुलिस ने कचहरी क्षेत्र में पतारसी व सुरागरसी करते हुए 09 मई 2026 को दो अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया।

गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान बलराम दास पुत्र बजरंगी सिंह निवासी कोईरान चमांव थाना शिवपुर वाराणसी तथा जनार्दन सिंह पुत्र दुब्बर सिंह निवासी चमांव अहिरान थाना शिवपुर वाराणसी के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार यह गिरोह विभिन्न थानों में दर्ज मुकदमों के अभियुक्तों से संपर्क कर मोटी रकम के बदले जमानतदार उपलब्ध कराने का काम करता था। इसके लिए गिरोह के सदस्य आधार कार्ड और पैन कार्ड में फर्जीवाड़ा कर नाम-पता बदल देते थे और फिर फर्जी बेल बॉन्ड दाखिल किया जाता था।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि गिरोह द्वारा संबंधित थानों की फर्जी मुहर तैयार कर नकली वेरिफिकेशन रिपोर्ट बनाई जाती थी, जिसे स्पीड पोस्ट के माध्यम से न्यायालय भेजा जाता था। इसी आधार पर अपराधियों की जमानत कराई जाती थी और बदले में मनमाफिक रकम वसूली जाती थी।

इस मामले में थाना साइबर क्राइम वाराणसी पर मु0अ0सं0 14/2026 धारा 318(4), 242, 336(3), 338, 340(2) बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है। पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी हुई है।
