×

Varanasi News: शैक्षणिक संस्थानों, विश्वविद्यालय चिकित्सालयों और क्रीडा स्थलों का विकास खत्म हो गया

Varanasi News: शैक्षणिक संस्थानों, विश्वविद्यालय चिकित्सालयों और क्रीडा स्थलों का विकास खत्म हो गया

Varanasi News: शैक्षणिक संस्थानों, विश्वविद्यालय चिकित्सालयों और क्रीडा स्थलों का विकास खत्म हो गया

वाराणसी में पिछले 30 वर्षों के दलगत राजनीति के कारण काली में सेवारत विभिन्न संस्थाओं, शैक्षणिक संस्थानों, विश्वविद्यालय चिकित्सालयों और क्रीडा स्थलों का विकास खत्म हो गया है।

विगत 30 वर्षों में काशी अपनी मूल पहचान ज्ञान प्रकाश को उज्ज्वल करने वाली संस्थाओं को खो रहा है। यह वही काशी है जहा पर गौतम बुद्ध, महावीर, जगतपुर अकराचार्य संत रैदास, गोस्वामी तुलसीदास, कबीर इत्यादि महापुरुषों ने आकर यहाँ की ज्ञान गंगा को और प्रवर किया।

वाराणसी के निर्वाचित प्रतिनिधि काशी को ख्याति का प्रयोग अपनी निजी स्वार्थ पूर्ति के लिए कर रहे हैं लेकिन जनमानस के दैनिक जीवन की सुविधाओं में कोई सरोकार नहीं रखते।

वाराणसी के लोग अपने जनप्रतिनिधि में संपर्क साधने में भी असक्षम है जिससे उनकी शिकायते कोई सुनने वाला नहीं है। अतः मैं. संजय कुमार तिवारी, निर्दलय प्रत्याशी आपसे अनुरोध करता हूं कि दलों को छोड़कर निर्दल को चुनें जिससे आपका प्रतिनिधि आपको उपलब्ध हो।

काशी के असली मुद्दे

(1) सहारा वित्तीय संस्थान में बनारस के गरीबों के द्वारा जमा किए गए हजारों करोड़ो की राशि डूबी पड़ी है। बनारस ने अपना सांसद व प्रधानमंत्री चुना फिर भी असक्षम प्रधानमंत्री गरीबों के सहारा संस्थान में डूबे पैसे नहीं दिला सके।

(2) बनारस के चारों तरफ फैला औद्योगिकरण स्थान वीरान खाली पड़ा है। जहां पर हजारों की संख्या में लोगों को रोजगार के अवसर प्राप्त हो सकते है।

(3) पराग दूध कंपनी को खत्म करने का काम प्रधानमंत्री ने किया उसमे उनकी संकृण मानमिकता दिखती है।

(4) पीएम ने डीएलडब्लू में रहने के लिए गेस्ट हाउस तो बनवा दिया।जबकि डीएलडब्लू की वास्तविक पहचान उसकी उत्पादन गुणवत्ता और क्षमता से है,मगर उसके लिए कुछ नही किया गया और डीएलडब्लू को बेचने का षड्यंत्र कर रहे हैं।

(5) बनारस के चारों विश्वविद्यालयों को धीमी गति से प्राइवेट लोगों के हाथ बेचना चाह रहे।

Share this story