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वाराणसी नगर निगम की डिजिटल पहल! AI चैटबॉट से मिनटों में जमा होगा हाउस टैक्स, ऑनलाइन भुगतान पर मिलेगी अतिरिक्त छूट

वाराणसी नगर निगम की डिजिटल पहल! AI चैटबॉट से मिनटों में जमा होगा हाउस टैक्स, ऑनलाइन भुगतान पर मिलेगी अतिरिक्त छूट
 

वाराणसी। स्मार्ट सिटी और डिजिटल प्रशासन की दिशा में एक और कदम बढ़ाते हुए वाराणसी नगर निगम ने प्रदेश का पहला एआई आधारित टैक्स चैटबॉट लॉन्च किया है। इस नई सुविधा के माध्यम से अब शहर के लाखों भवन स्वामियों को हाउस टैक्स, जलकर और सीवर टैक्स जमा करने के लिए नगर निगम कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।

महापौर अशोक कुमार तिवारी और नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल की मौजूदगी में शुरू की गई यह सेवा करदाताओं को व्हाट्सएप के माध्यम से घर बैठे टैक्स बिल प्राप्त करने और तत्काल ऑनलाइन भुगतान की सुविधा प्रदान करेगी।

व्हाट्सएप पर मिलेगा टैक्स बिल

नगर निगम अधिकारियों के अनुसार, नागरिकों को अपने मोबाइल से केवल निर्धारित नंबर पर "Hi" संदेश भेजना होगा। इसके बाद एआई चैटबॉट स्वतः सक्रिय होकर आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराएगा और कुछ ही सेकंड में संबंधित करदाता का टैक्स बिल मोबाइल स्क्रीन पर प्रदर्शित हो जाएगा।

उपभोक्ता सीधे चैटबॉट के माध्यम से ऑनलाइन भुगतान कर सकेंगे और तत्काल डिजिटल रसीद भी डाउनलोड कर पाएंगे। इससे टैक्स भुगतान प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, सरल और समयबद्ध बनेगी।

करदाताओं को मिलेगा विशेष लाभ

नगर निगम ने अधिक से अधिक लोगों को डिजिटल भुगतान से जोड़ने के लिए विशेष प्रोत्साहन योजना भी शुरू की है। 15 जुलाई तक हाउस टैक्स, जलकर और सीवर कर जमा करने वाले करदाताओं को 10 प्रतिशत तक की छूट दी जाएगी।

इसके अलावा वित्तीय वर्ष 2026-27 में ऑनलाइन माध्यम से भुगतान करने वाले उपभोक्ताओं को अतिरिक्त 2 प्रतिशत की छूट का लाभ मिलेगा। वहीं स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और पद्म पुरस्कार से सम्मानित नागरिकों को गृहकर, जलकर और सीवर कर में 50 प्रतिशत तक की विशेष राहत प्रदान की जा रही है।

डिजिटल इंडिया की दिशा में महत्वपूर्ण कदम

महापौर अशोक तिवारी ने कहा कि यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के डिजिटल इंडिया विजन को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि काशी देश का पहला नगर निगम बन गया है जिसने एआई आधारित चैटबॉट के माध्यम से कर भुगतान की सुविधा शुरू की है।

उन्होंने उम्मीद जताई कि जिस तरह काशी ने स्वच्छता अभियान में देशभर को प्रेरित किया, उसी तरह डिजिटल प्रशासन के क्षेत्र में भी यह मॉडल अन्य नगर निकायों के लिए उदाहरण बनेगा।

2.33 लाख भवन स्वामियों को मिलेगा लाभ

नगर निगम के अनुसार इस नई व्यवस्था का सीधा लाभ शहर के लगभग 2.33 लाख भवन स्वामियों को मिलेगा। इससे टैक्स भुगतान में पारदर्शिता बढ़ेगी, राजस्व संग्रहण में सुधार होगा और नागरिकों को लंबी कतारों तथा कार्यालयी प्रक्रियाओं से राहत मिलेगी।

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