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वाराणसी में सेक्स रैकेट का भंडाफोड़, सिगरा पुलिस ने गेस्ट हाउस पर छापा मारकर 9 लोगों को पकड़ा

वाराणसी: 50 करोड़ की जमीन हड़पने के मामले में BJP उपाध्यक्ष समेत 10 पर FIR, अब तक गिरफ्तारी नहीं       ​ वाराणसी उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के 'भू-माफियाओं के खिलाफ कड़े एक्शन' के दावों के बीच प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र वाराणसी से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। वाराणसी के मोहनसराय इलाके में एक बीमार बुजुर्ग शिक्षिका की करीब 50 करोड़ रुपये मूल्य की कीमती जमीन को फर्जी दस्तावेजों के सहारे हड़पने के आरोप में 10 लोगों के खिलाफ मुकदमा (FIR) दर्ज किया गया है।​इस हाई-प्रोफाइल मामले में मुख्य साजिशकर्ता के तौर पर भाजपा काशी क्षेत्र के उपाध्यक्ष सुरेश कुमार सिंह का नाम सामने आने के बाद पूरे बनारस के राजनीतिक और सामाजिक हलकों में हड़कंप मच गया है।  ​न्यायालय के आदेश पर दर्ज हुई FIR  ​यह कार्रवाई मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) न्यायालय के कड़े आदेश के बाद रोहनिया थाने में की गई है। पीड़ित बुजुर्ग शिक्षिका प्रमिला मिश्रा ने न्याय के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाया था। शिकायतकर्ता का आरोप है कि आरोपियों ने एक सोची-समझी और सुनियोजित साजिश के तहत उनकी पैतृक संपत्ति को हड़पने के लिए जाली दस्तावेज तैयार किए।  ​रजिस्ट्रार ऑफिस के बाबुओं से लेकर BJP नेता तक नामजद  ​इस पूरे खेल में सरकारी तंत्र और सफेदपोशों की मिलीभगत साफ नजर आ रही है। पुलिस द्वारा दर्ज की गई एफआईआर में कुल 10 लोगों को नामजद किया गया है, जिनमें भाजपा नेता  ​सुरेश कुमार सिंह (उपाध्यक्ष, भाजपा काशी क्षेत्र) - कथित मुख्य साजिशकर्ता​ नितेश राय उर्फ सोनू,​विशाल मिश्रा,​रवि उपाध्याय,​करुणापति उपाध्याय,​अजय कुमार तिवारी,​प्रवीण कुमार सिंह,​प्रशांत कुमार सिंह,​अनिल कुमार (तत्कालीन उपनिबंधक/सब-रजिस्ट्रार),​सत्यांश सिंह (निबंधन कार्यालय के लिपिक/क्लर्क)  ​अरेस्टिंग न होने पर उठ रहे सवाल, पूरे बनारस में चर्चा  ​एफआईआर दर्ज हुए कई दिन बीत जाने के बावजूद पुलिस प्रशासन द्वारा अभी तक किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी (Arresting) नहीं की गई है। सत्ताधारी दल के कद्दावर नेता का नाम शामिल होने के कारण पुलिस की इस सुस्ती को लेकर पूरे बनारस में तरह-तरह की चर्चाएं आम हैं। लोग सवाल उठा रहे हैं कि क्या रसूखदार आरोपियों को बचाने के लिए पुलिस पर कोई राजनीतिक दबाव है?  ​पीड़ित पक्ष का कहना है: "एक बीमार और बुजुर्ग महिला की लाचारी का फायदा उठाकर करोड़ों की जमीन पर डाका डाला गया। अगर सत्ता से जुड़े लोगों पर कार्रवाई नहीं होगी, तो आम जनता न्याय के लिए कहां जाएगी?"  ​फिलहाल, यह मामला वाराणसी की राजनीति में गरमाया हुआ है और देखना यह है कि कमिश्नरेट पुलिस इस पर क्या रुख अपनाती है।

वाराणसी। कमिश्नरेट वाराणसी की सिगरा पुलिस ने मलदहिया स्थित एक गेस्ट हाउस में छापेमारी कर कथित देह व्यापार का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने कार्रवाई के दौरान दो संचालकों, दो ग्राहकों और पांच युवतियों को हिरासत में लिया। मौके से मोबाइल फोन, नकदी, नशीले पदार्थ तथा अन्य आपत्तिजनक सामग्री भी बरामद होने का दावा किया गया है।

पुलिस आयुक्त के निर्देश पर अपराध एवं अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस उपायुक्त काशी जोन के निर्देशन, अपर पुलिस उपायुक्त काशी जोन के पर्यवेक्षण तथा सहायक पुलिस आयुक्त चेतगंज के नेतृत्व में थाना सिगरा पुलिस ने ज्योति गेस्ट हाउस, मलदहिया में मुखबिर की सूचना पर छापेमारी की।

पुलिस के अनुसार, पूछताछ में पता चला कि गेस्ट हाउस का संचालन राहुल प्रजापति द्वारा किराये पर लिया गया था। जांच में यह भी सामने आया कि कथित रूप से दूसरे राज्यों से युवतियों को बुलाया जाता था और सहयोगी सागर सेठ की मदद से देह व्यापार संचालित किया जाता था।

पुलिस का दावा है कि ग्राहकों से 5,000 से 10,000 रुपये तक लेकर युवतियों को रैपिडो समेत अन्य माध्यमों से विभिन्न होटलों और स्थानों पर भेजा जाता था।

छापेमारी में बरामदगी

कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 5 युवतियों को सुरक्षित बरामद किया, 12 मोबाइल फोन, ₹9,000 नकद, नशीले पदार्थ, अन्य आपत्तिजनक सामग्री बरामद करने का दावा किया है।

पुलिस ने मामले में दो संचालकों और दो अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है। बरामद युवतियों के संबंध में भी नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।

नोट: पुलिस ने आरोपों के आधार पर कार्रवाई की है। मामले में अंतिम निष्कर्ष न्यायिक प्रक्रिया और जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।

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