×

वाराणसी पटाखा विस्फोट कांड: मुठभेड़ के बाद मकान मालिक राजू खान गिरफ्तार, पैर में लगी गोली

वाराणसी पटाखा विस्फोट कांड: मुठभेड़ के बाद मकान मालिक राजू खान गिरफ्तार, पैर में लगी गोली

वाराणसी। सारनाथ थाना क्षेत्र के पैगंबरपुर में हुए भीषण पटाखा विस्फोट मामले में पुलिस ने मकान मालिक राजू खान को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के मुताबिक, गुरुवार देर रात सरायमोहाना घाट के पास हुई कार्रवाई के दौरान आरोपी ने पुलिस टीम पर फायरिंग की। जवाबी कार्रवाई में उसके पैर में गोली लगी। घायल आरोपी को उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया। पुलिस उससे पूछताछ कर विस्फोट के कारणों और कथित अवैध पटाखा कारोबार से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है।

पुलिस के अनुसार, एयर शो को देखते हुए सरायमोहाना घाट के आसपास गश्त की जा रही थी। इसी दौरान पुलिस टीम को झाड़ियों के पास एक संदिग्ध व्यक्ति दिखाई दिया। पुलिस ने उसे रुकने का इशारा किया तो उसने कथित तौर पर फायरिंग कर दी। पुलिस का दावा है कि इस दौरान एक गोली उपनिरीक्षक अमरजीत की बुलेटप्रूफ जैकेट को छूकर निकल गई। इसके बाद पुलिस ने जवाबी फायरिंग की, जिसमें संदिग्ध के पैर में गोली लगी। उसकी पहचान पैगंबरपुर विस्फोट मामले में फरार चल रहे राजू खान के रूप में हुई।

विस्फोट में मकान का अगला हिस्सा ढहा

गुरुवार, 15 अक्टूबर को शाम करीब पांच बजे सारनाथ क्षेत्र के पंचकोसी रोड स्थित पैगंबरपुर में राजू खान के दो मंजिला मकान में जोरदार विस्फोट हुआ था। धमाका इतना तेज था कि करीब 450 वर्ग फीट में बने मकान का अगला हिस्सा ढह गया। प्रारंभिक जानकारी में मकान के भीतर कथित तौर पर पटाखे बनाने और जमा करने की बात सामने आई थी। हालांकि, विस्फोट के वास्तविक कारणों और वहां पटाखा निर्माण की प्रकृति की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

धमाके की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और राहत कार्य में मदद की। स्थानीय लोगों के अनुसार, घटना के बाद राजू खान अपनी मां के साथ वहां से चला गया था। उस समय उसने कथित तौर पर सिलेंडर में विस्फोट होने की बात कही थी। इसके बाद से पुलिस उसकी तलाश कर रही थी।

पत्नी गंभीर रूप से झुलसी, बेटा आईसीयू में भर्ती

विस्फोट में राजू खान की पत्नी चांदनी (39), बेटा आदिल (16) और बेटी अरबिया (10) घायल हो गए थे। तीनों को कबीरचौरा स्थित मंडलीय अस्पताल पहुंचाया गया। सीएमओ डॉ. नरेंद्र प्रताप सिंह के अनुसार, चांदनी करीब 90 प्रतिशत तक झुलस गई थीं और उन्हें आईसीयू में भर्ती कराया गया था। बेटे आदिल को भी चोटें आई थीं और उसे आईसीयू में रखा गया था, जबकि बेटी अरबिया की हालत स्थिर बताई गई थी।

घनी आबादी में पटाखा निर्माण की निगरानी पर सवाल

इस घटना ने घनी आबादी वाले इलाकों में पटाखों के कथित अवैध निर्माण और भंडारण की निगरानी को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। जांच में यदि अवैध गतिविधियों की पुष्टि होती है, तो यह भी पता लगाना होगा कि संबंधित गतिविधि कब से संचालित थी और सुरक्षा मानकों के पालन की स्थिति क्या थी।

फिलहाल पुलिस गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ कर रही है। जांच के दायरे में विस्फोट के कारण, पटाखों के निर्माण एवं भंडारण से जुड़े संभावित तथ्य और अन्य लोगों की भूमिका शामिल हैं। मामले में आगे की कार्रवाई जांच में सामने आने वाले साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी।

Share this story