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हाथी-घोड़े और रथ के साथ लाट भैरव की निकली भव्य बारात, हजारों श्रद्धालुओं ने किए बाबा के दर्शन

हाथी-घोड़े और रथ के साथ लाट भैरव की निकली भव्य बारात, हजारों श्रद्धालुओं ने किए बाबा के दर्शन
 लाट भैरव की बारात में गूंजा डमरू नाद, देव स्वरूपों ने बढ़ाई शोभा

वाराणसी। काशी में बाबा लाट भैरव की पारंपरिक बारात शनिवार शाम धूमधाम के साथ निकाली गई। विशेश्वरगंज स्थित इन्ना माई मंदिर क्षेत्र से शुरू हुई बारात में हाथी, घोड़े, ऊंट, बग्घी और आकर्षक रोड लाइटों के साथ बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।

वाराणसी। काशी में बाबा लाट भैरव की पारंपरिक बारात शनिवार शाम धूमधाम के साथ निकाली गई। विशेश्वरगंज स्थित इन्ना माई मंदिर क्षेत्र से शुरू हुई बारात में हाथी, घोड़े, ऊंट, बग्घी और आकर्षक रोड लाइटों के साथ बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।

ढोल-नगाड़ों और डमरू की गूंज के बीच काशीवासी बाबा की भक्ति में झूमते नजर आए।

बारात में रथ पर सवार बाबा लाट भैरव के रजत मुखौटे की दिव्य झांकी आकर्षण का केंद्र रही। शंकर-पार्वती, भगवान गणेश और हनुमान समेत विभिन्न देव स्वरूपों ने बारात की शोभा बढ़ाई। कई डमरू दलों के 100 से अधिक सदस्य लगातार डमरू नाद करते हुए बारात के साथ चल रहे थे।

बारात में रथ पर सवार बाबा लाट भैरव के रजत मुखौटे की दिव्य झांकी आकर्षण का केंद्र रही। शंकर-पार्वती, भगवान गणेश और हनुमान समेत विभिन्न देव स्वरूपों ने बारात की शोभा बढ़ाई। कई डमरू दलों के 100 से अधिक सदस्य लगातार डमरू नाद करते हुए बारात के साथ चल रहे थे।

शुभ मुहूर्त में बाबा के रजत मुखौटे का पंचामृत स्नान कराया गया। इसके बाद बारात की विधिवत शुरुआत हुई। मार्ग में श्रद्धालुओं ने पूजा की थाल, पुष्पहार और राग-भोग के साथ बाबा के दर्शन-पूजन किए।

शुभ मुहूर्त में बाबा के रजत मुखौटे का पंचामृत स्नान कराया गया। इसके बाद बारात की विधिवत शुरुआत हुई। मार्ग में श्रद्धालुओं ने पूजा की थाल, पुष्पहार और राग-भोग के साथ बाबा के दर्शन-पूजन किए।

शुभ मुहूर्त में बाबा के रजत मुखौटे का पंचामृत स्नान कराया गया। इसके बाद बारात की विधिवत शुरुआत हुई। मार्ग में श्रद्धालुओं ने पूजा की थाल, पुष्पहार और राग-भोग के साथ बाबा के दर्शन-पूजन किए।

बारात हरतीरथ, विशेश्वरगंज चौराहा और काल भैरव मंदिर पहुंची, जहां काल भैरव प्रबंध समिति की ओर से बाबा का विशेष श्रृंगार और आरती की गई।

इसके बाद बारात जतनबर, दूध कटरा, कतुआपुरा, अंबियामंडी, बलुआबीर, हनुमान फाटक और तेलियाना होते हुए नउआ पोखरा स्थित लाट भैरव बाजार पहुंची। यहां जनवासे में कुछ देर विश्राम के बाद बारात आगे बढ़ी।

इसके बाद बारात जतनबर, दूध कटरा, कतुआपुरा, अंबियामंडी, बलुआबीर, हनुमान फाटक और तेलियाना होते हुए नउआ पोखरा स्थित लाट भैरव बाजार पहुंची। यहां जनवासे में कुछ देर विश्राम के बाद बारात आगे बढ़ी।

बारात के पूरे मार्ग में श्रद्धालुओं की भीड़ रही। डमरू, ढोल, शहनाई और बैंड-बाजे की धुनों के बीच वातावरण भक्तिमय बना रहा। बाबा के दर्शन और आशीर्वाद के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु उमड़े।

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