गंगा का जलस्तर घटा, फिर भी नौका संचालन पर रोक, घाटों पर लौटने लगा पानी
वाराणसी। गंगा के जलस्तर में लगातार गिरावट से वाराणसी में बाढ़ का असर धीरे-धीरे कम होने लगा है। केंद्रीय जल आयोग के राजघाट गेज के अनुसार मंगलवार सुबह आठ बजे गंगा का जलस्तर 69.32 मीटर दर्ज किया गया। वाराणसी में चेतावनी बिंदु 70.262 मीटर और खतरा बिंदु 71.262 मीटर है। गंगा का उच्चतम बाढ़ स्तर 73.901 मीटर दर्ज किया जा चुका है।
वर्तमान में गंगा खतरा बिंदु से करीब डेढ़ मीटर नीचे बह रही है। मंगलवार सुबह जलस्तर में करीब एक सेंटीमीटर प्रति घंटे की दर से कमी दर्ज की गई। जलस्तर घटने के साथ ही गंगा धीरे-धीरे अपने घाटों की ओर लौट रही है और कई घाटों की सीढ़ियां दोबारा दिखाई देने लगी हैं।
बाढ़ के पानी के घटने के साथ ही घाटों पर पिछले दिनों की स्थिति के निशान भी साफ नजर आने लगे हैं। दशाश्वमेध स्थित जल पुलिस चौकी की दीवार पर पानी के निशान इस बात की गवाही दे रहे हैं कि बाढ़ के दौरान गंगा का पानी किस ऊंचाई तक पहुंच गया था।
हालांकि जलस्तर में कमी के बावजूद गंगा अभी सामान्य स्थिति में नहीं पहुंची है। एहतियात के तौर पर प्रशासन ने नौका संचालन पर रोक जारी रखी है। घाटों पर जल पुलिस और संबंधित विभागों की निगरानी बनी हुई है। प्रशासन ने स्थानीय लोगों, श्रद्धालुओं और पर्यटकों से घाटों पर सतर्कता बरतने और जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
शीतला मंदिर में जल्द शुरू हो सकता है दर्शन-पूजन
बाढ़ के पानी से शीतला मंदिर अभी भी करीब आधा डूबा हुआ है। जलस्तर में इसी तरह लगातार कमी जारी रही तो अगले सप्ताह तक मंदिर परिसर से पानी काफी हद तक निकलने की उम्मीद है। इसके बाद यहां दर्शन-पूजन का क्रम दोबारा शुरू होने की संभावना जताई जा रही है।
कारोबार और पर्यटन को मिलेगी राहत
गंगा का जलस्तर घटने से घाटों पर गतिविधियां धीरे-धीरे सामान्य होने लगी हैं। इससे स्थानीय निवासियों के साथ ही घाटों से जुड़े नाविकों, दुकानदारों और अन्य कारोबारियों को भी राहत मिलने की उम्मीद है। घाटों की सीढ़ियां और रास्ते पूरी तरह सामान्य होने के बाद श्रद्धालुओं और पर्यटकों की आवाजाही बढ़ सकती है।
फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता बाढ़ के बाद घाटों को सुरक्षित और सामान्य स्थिति में लाना है। संबंधित विभागों को जलस्तर पर लगातार नजर रखने और परिस्थितियों के अनुसार आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं। जलस्तर में गिरावट राहत जरूर दे रही है, लेकिन नौका संचालन शुरू करने से पहले प्रशासन स्थिति का आकलन करेगा।
