Sonbhadra News: कोडीन कफ सिरप तस्करी मामले में दूसरी चार्जशीट दाखिल, शुभम जायसवाल समेत तीन आरोपी अदालत में तलब
सोनभद्र। कोडीन युक्त कफ सिरप की फर्जी आपूर्ति और तस्करी से जुड़े बहुचर्चित मामले में एसआईटी ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सरगना शुभम जायसवाल समेत तीन आरोपियों के खिलाफ दूसरी चार्जशीट अदालत में दाखिल कर दी है। करीब चार महीने चली गहन विवेचना के बाद 5334 पेज की चार्जशीट विशेष न्यायाधीश एनडीपीएस एक्ट की अदालत में पेश की गई।
एसआईटी के अनुसार इस मामले में शुभम जायसवाल, सत्यम और विजय के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद चार्जशीट दाखिल की गई है। अदालत ने तीनों आरोपियों को समन जारी करते हुए 5 जुलाई को पेश होने का आदेश दिया है।
फर्जी फर्म बनाकर किया गया करोड़ों का खेल
जांच में सामने आया कि भदोही निवासी नितेश उर्फ रवि गुप्ता ने जनवरी 2024 में वाराणसी के प्रह्लाद घाट निवासी अपने ममेरे भाइयों सत्यम और विजय के नाम पर सोनभद्र के रॉबर्ट्सगंज क्षेत्र में “मां कृपा” और “शिविक्षा” नामक फर्मों का ड्रग लाइसेंस बनवाया था।
एसआईटी के मुताबिक बरकरा तालाब क्षेत्र का पता दिखाकर इन फर्मों के माध्यम से रांची स्थित शैली ट्रेडर्स से करीब 15 महीने में छह-छह करोड़ रुपये के कफ सिरप की कागजी खरीद दिखाई गई। जांच एजेंसियों को शक है कि यह पूरा नेटवर्क अवैध तस्करी और फर्जी सप्लाई के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था।
कागजों पर ट्रांसपोर्ट और बैंकिंग लेनदेन
जांच में यह भी सामने आया कि मां कामाख्या एयर कार्गो ट्रांसपोर्ट के फर्जी बिलों के जरिए कफ सिरप की सप्लाई दिखाई गई। वहीं भदोही की आयुष इंटरप्राइजेज, सनाया मेडिकल और दिलीप मेडिकल के नाम पर कागजी ढुलाई कराई गई थी।
एसआईटी के अनुसार संदेह से बचने के लिए शैली ट्रेडर्स के इंडियन बैंक खाते में दोनों फर्मों के नाम से करोड़ों रुपये जमा कराए गए। तस्करी के इस नेटवर्क में शामिल लोगों को प्रति बोतल के हिसाब से कमीशन भी दिया जाता था।
शुभम की तलाश जारी
एसपी अभिषेक वर्मा ने बताया कि मामले में शुभम जायसवाल समेत तीन आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है। वहीं शुभम के पिता भोला जायसवाल और रवि सहित अन्य आरोपियों के खिलाफ जांच अभी जारी है। जल्द ही एक और चार्जशीट दाखिल की जाएगी।
