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वाराणसी में स्मार्ट मीटर विवाद! सोलर यूनिट ‘हड़पने’ का आरोप, उपभोक्ताओं को सिर्फ ₹2 प्रति यूनिट भुगतान

वाराणसी में स्मार्ट मीटर विवाद! सोलर यूनिट ‘हड़पने’ का आरोप, उपभोक्ताओं को सिर्फ ₹2 प्रति यूनिट भुगतान

वाराणसी। वाराणसी में स्मार्ट मीटर और सोलर पैनल उपभोक्ताओं से जुड़ा एक नया विवाद सामने आया है। बिजली निगम पर आरोप है कि उसने उपभोक्ताओं की सरप्लस सोलर यूनिट को बिना पूर्व सूचना के अपने खाते में मर्ज कर लिया और इसके बदले मात्र ₹2 प्रति यूनिट की दर से भुगतान किया।

जिले में करीब 7 लाख बिजली उपभोक्ता हैं, जिनमें लगभग 50 हजार लोगों ने अपने घरों पर सोलर पैनल लगवाया है। इन उपभोक्ताओं के बिजली बिल में हर महीने खपत और सोलर से उत्पन्न यूनिट का हिसाब जोड़ा जाता है। यदि सोलर यूनिट अधिक होती है तो उसे सरप्लस के रूप में दर्ज किया जाता है।

बिना सूचना मर्ज की गई यूनिट

उपभोक्ताओं का कहना है कि मार्च तक उनके खाते में जमा सरप्लस यूनिट को अप्रैल में अचानक मर्ज कर लिया गया, लेकिन इसकी कोई पूर्व सूचना या मैसेज नहीं दिया गया। कई लोगों को इसकी जानकारी तब हुई जब उन्होंने अपना बिजली बिल डाउनलोड किया।

उपभोक्ताओं की नाराजगी

भिटारी निवासी दिनेश, हथियानवीर बाबा कॉलोनी की मंजुला, शिवनगर के प्रवीण विश्वकर्मा और सूजाबाद की प्रमिला देवी जैसे कई उपभोक्ताओं ने आरोप लगाया कि उनकी सैकड़ों यूनिट सोलर बिजली को बिना जानकारी के मर्ज कर लिया गया।

उपभोक्ताओं का कहना है कि जहां बिजली निगम घरेलू उपभोक्ताओं को करीब ₹5.50 प्रति यूनिट की दर से बिजली देता है, वहीं सोलर यूनिट के बदले मात्र ₹2 प्रति यूनिट देना अनुचित है।

अधिकारियों का पक्ष

बिजली निगम के मुख्य अभियंता राकेश कुमार का कहना है कि सोलर उपभोक्ताओं की सरप्लस यूनिट को नियमानुसार मर्ज किया गया है। हालांकि उन्होंने यह भी माना कि इसकी सूचना देने की व्यवस्था फिलहाल पोर्टल पर उपलब्ध नहीं है।

उपभोक्ता परिषद की चेतावनी

राज्य उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश वर्मा ने कहा कि उपभोक्ताओं को पूरी और समय पर जानकारी देना उनका अधिकार है। यदि इसमें लापरवाही हुई है तो इस मुद्दे को नियामक आयोग में उठाया जाएगा।

वाराणसी में सोलर यूनिट मर्ज करने को लेकर बढ़ता विवाद बिजली निगम की पारदर्शिता और उपभोक्ता अधिकारों पर सवाल खड़े कर रहा है। अब देखना होगा कि इस मामले में आगे क्या कार्रवाई होती है।

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