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29 जुलाई को होगा सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय का 44वां दीक्षांत समारोह, 11,958 विद्यार्थियों को मिलेंगी उपाधियां

29 जुलाई को होगा सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय का 44वां दीक्षांत समारोह, 11,958 विद्यार्थियों को मिलेंगी उपाधियां

 

वाराणसी। सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय का 44वां दीक्षांत समारोह आगामी 29 जुलाई को प्रातः 9 बजे विश्वविद्यालय के ऐतिहासिक मुख्य भवन में भव्य एवं गरिमामय वातावरण में आयोजित होगा। भारतीय ज्ञान परम्परा, संस्कृत संस्कृति और अकादमिक उत्कृष्टता को समर्पित इस समारोह की अध्यक्षता उत्तर प्रदेश की राज्यपाल एवं विश्वविद्यालय की कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल करेंगी।

 

समारोह के मुख्य अतिथि देश के प्रख्यात वैज्ञानिक, शिक्षाविद एवं पद्मश्री से सम्मानित प्रो. आशुतोष शर्मा होंगे। विशिष्ट अतिथि के रूप में उत्तर प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय तथा उच्च शिक्षा राज्य मंत्री रजनी तिवारी उपस्थित रहेंगी। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बिहारी लाल शर्मा वार्षिक प्रगति एवं उपलब्धियों का प्रतिवेदन प्रस्तुत करेंगे, जबकि कुलसचिव राकेश कुमार औपचारिक कार्यवाही का संचालन करेंगे।

235 वर्षों की गौरवशाली परंपरा

वर्ष 1791 में संस्कृत महाविद्यालय के रूप में स्थापित इस संस्थान ने वर्ष 1958 में वाराणसेय संस्कृत विश्वविद्यालय तथा वर्ष 1973 में सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय का स्वरूप ग्रहण किया। लगभग 235 वर्षों की शैक्षिक विरासत वाला यह विश्वविद्यालय वर्तमान में उत्तर प्रदेश सहित दिल्ली, राजस्थान, महाराष्ट्र, हरियाणा, पंजाब, जम्मू-कश्मीर, सिक्किम, पश्चिम बंगाल, बिहार, झारखंड और उत्तराखंड सहित देश के विभिन्न राज्यों के विद्यार्थियों को संस्कृत एवं भारतीय ज्ञान परम्परा की उच्च शिक्षा प्रदान कर रहा है।

29 जुलाई को होगा सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय का 44वां दीक्षांत समारोह, 11,958 विद्यार्थियों को मिलेंगी उपाधियां

11,958 विद्यार्थियों को मिलेंगी उपाधियां

44वें दीक्षांत समारोह में वर्ष 2026 की परीक्षाओं में सफल 11,958 विद्यार्थियों को विभिन्न उपाधियां एवं प्रमाण-पत्र प्रदान किए जाएंगे। इनमें प्रथम, पूर्व मध्यमा, उत्तर मध्यमा, शास्त्री, आचार्य, शिक्षाशास्त्री, संस्कृत प्रमाणपत्रीय, आयुर्वेदाचार्य तथा विद्यावारिधि की उपाधियां शामिल हैं। विश्वविद्यालय ने उपाधियों एवं प्रमाण-पत्रों को डिजी लॉकर के माध्यम से भी उपलब्ध कराने की व्यवस्था की है।

29 मेधावियों को मिलेंगे 51 स्वर्ण पदक

समारोह में विभिन्न परीक्षाओं में सर्वोच्च अंक प्राप्त करने वाले 29 मेधावी छात्र-छात्राओं को कुल 51 स्वर्ण पदकों से सम्मानित किया जाएगा। इनमें 17 छात्रों को 35 तथा 12 छात्राओं को 16 स्वर्ण पदक प्रदान किए जाएंगे।

उत्कृष्ट अध्यापकों का भी होगा सम्मान

दीक्षांत समारोह का विशेष आकर्षण राज्यपाल एवं कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल द्वारा चार विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों के क्रमशः एक एवं तीन उत्कृष्ट अध्यापकों को सम्मानित किया जाना होगा। यह सम्मान शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार और उत्कृष्ट अध्यापन के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले शिक्षकों को प्रदान किया जाएगा।

मुख्य अतिथि होंगे पद्मश्री प्रो. आशुतोष शर्मा

समारोह के मुख्य अतिथि पद्मश्री प्रो. आशुतोष शर्मा देश के अग्रणी वैज्ञानिक एवं शिक्षाविदों में शामिल हैं। उन्होंने आईआईटी कानपुर से रासायनिक अभियांत्रिकी की शिक्षा प्राप्त की तथा अमेरिका के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों में शोध कार्य किया। वे आईआईटी कानपुर में प्राध्यापक रहने के साथ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी) के सचिव भी रह चुके हैं। वर्तमान में वे आईआईटी कानपुर में इंस्टीट्यूट चेयर प्रोफेसर तथा भारतीय राष्ट्रीय विज्ञान अकादमी (आईएनएसए) के अध्यक्ष हैं। उन्हें शांति स्वरूप भटनागर पुरस्कार, इन्फोसिस पुरस्कार, यूरेका पुरस्कार सहित अनेक राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय सम्मानों से नवाजा जा चुका है। वर्ष 2025 में उन्हें पद्मश्री सम्मान प्रदान किया गया।

सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से सजेगा समारोह

दीक्षांत समारोह के दौरान विश्वविद्यालय की उपलब्धियों पर आधारित लघु वृत्तचित्र का प्रदर्शन किया जाएगा। इसके साथ ही लोकगीत, लोकनृत्य एवं अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रमों की आकर्षक प्रस्तुतियां भी आयोजित होंगी, जो समारोह को और अधिक भव्य बनाएंगी।

'विकसित भारत-2047' पर आधारित है इस वर्ष की थीम

इस वर्ष के दीक्षांत समारोह की थीम "संस्कृत एवं भारतीय ज्ञान परम्परा : विकसित भारत-2047 का वैचारिक आधारशिला" निर्धारित की गई है। विश्वविद्यालय के अनुसार यह थीम भारतीय ज्ञान-विज्ञान, सांस्कृतिक मूल्यों और संस्कृत की शाश्वत परम्परा को विकसित भारत के निर्माण से जोड़ने का संदेश देती है।

इतिहास में दर्ज होगा 44वां दीक्षांत समारोह

विश्वविद्यालय प्रशासन का मानना है कि 44वां दीक्षांत समारोह भारतीय ज्ञान परम्परा, संस्कृत संस्कृति, अकादमिक उत्कृष्टता, शोध, नवाचार और राष्ट्र निर्माण के संकल्प का ऐतिहासिक उत्सव सिद्ध होगा। समारोह में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, मुख्य अतिथि पद्मश्री प्रो. आशुतोष शर्मा, उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय, राज्य मंत्री रजनी तिवारी, कुलपति प्रो. बिहारी लाल शर्मा सहित अनेक शिक्षाविद एवं गणमान्य अतिथि उपस्थित रहेंगे।

कार्यक्रम की तैयारियों के संबंध में आयोजित बैठक में कुलसचिव राकेश कुमार, परीक्षा नियंत्रक दिनेश कुमार, प्रो. हीरक कान्ति चक्रवर्ती, डॉ. विशाखा शुक्ला, डॉ. रविशंकर पाण्डेय तथा जनसम्पर्क अधिकारी शशीन्द्र मिश्र सहित विश्वविद्यालय के अन्य अधिकारी एवं शिक्षक उपस्थित रहे।

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