रोप-वे से बदलेगी काशी की रफ्तार: ₹10 में सफर, 15 मिनट में कैंट से गोदौलिया पहुंचेंगे यात्री
वाराणसी। काशी की यातायात व्यवस्था को आधुनिक बनाने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने वाराणसी रोप-वे सेवा के किराए को अंतिम रूप दे दिया है। शहर की पहली शहरी सार्वजनिक परिवहन रोप-वे सेवा शुरू होने के बाद यात्रियों को जाम से राहत मिलेगी और कैंट से गोदौलिया तक का सफर अब महज 15 से 16 मिनट में पूरा किया जा सकेगा।
शासन की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार रोप-वे सेवा में न्यूनतम किराया ₹10 और अधिकतम ₹50 निर्धारित किया गया है। कैंट रेलवे स्टेशन से गोदौलिया चौक तक की पूरी यात्रा के लिए यात्रियों को केवल ₹50 खर्च करने होंगे, जबकि विद्यापीठ और रथयात्रा स्टेशन के बीच सफर मात्र ₹10 में पूरा किया जा सकेगा।
स्थानीय नागरिकों और नियमित यात्रियों को राहत देने के लिए 'काशी स्मार्ट पास' योजना भी लागू की गई है। इस पास के धारकों को किराए में 20 प्रतिशत तक की छूट मिलेगी। इसके तहत कैंट से गोदौलिया का किराया ₹40 और छोटी दूरी की यात्रा मात्र ₹8 में उपलब्ध होगी।
यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए कैंट स्टेशन पर क्लॉक रूम की व्यवस्था भी की गई है। यात्री दो घंटे तक अपना सामान निःशुल्क रख सकेंगे, जबकि उसके बाद निर्धारित शुल्क लिया जाएगा। वहीं पर्यटकों और विशेष समूहों के लिए प्रीमियम गोंडोला सेवा भी उपलब्ध होगी, जिससे वे काशी के हवाई दृश्य का आनंद ले सकेंगे।
करीब 3.75 किलोमीटर लंबी यह महत्वाकांक्षी परियोजना शहर के सबसे व्यस्त मार्ग को जोड़ने का काम करेगी। इसके संचालन से सड़क यातायात पर दबाव कम होगा और प्रदूषण नियंत्रण में भी सहायता मिलेगी। रोप-वे के सभी स्टेशनों को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जा रहा है, जिनमें लिफ्ट, एस्केलेटर, सीसीटीवी निगरानी, डिजिटल टिकटिंग और अग्नि सुरक्षा प्रणाली शामिल हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि रोप-वे सेवा शुरू होने से काशी विश्वनाथ धाम, दशाश्वमेध घाट, गोदौलिया बाजार और कैंट रेलवे स्टेशन के बीच आवागमन आसान होगा। इससे पर्यटन, व्यापार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी नई गति मिलने की उम्मीद है।
काशी के शहरी परिवहन इतिहास में यह परियोजना एक नई पहचान बनने जा रही है, जो आधुनिक तकनीक और धार्मिक नगरी की जरूरतों का अनूठा संगम प्रस्तुत करेगी।
