बढ़ती महंगाई ने बिगाड़ा रसोई का बजट, चावल-तेल से लेकर दाल तक के दाम चढ़े
वाराणसी। महंगाई का असर अब आम आदमी की रसोई पर साफ दिखाई देने लगा है। पिछले पांच महीनों में रोजमर्रा के इस्तेमाल वाली कई प्रमुख खाद्य वस्तुओं के दाम बढ़ गए हैं। मार्च की तुलना में अगस्त में फुटकर बाजार में चावल, चीनी, दाल, आटा, नमक और खाद्य तेलों की कीमतों में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। इससे मध्यमवर्गीय और निम्न आय वर्ग के परिवारों का घरेलू बजट प्रभावित हुआ है।
फुटकर बाजार में सबसे अधिक तेजी चावल के भाव में देखने को मिली है। मार्च में 50 रुपये प्रति किलो बिकने वाला चावल अब बढ़कर करीब 70 रुपये प्रति किलो पहुंच गया है। यानी पांच महीने में इसकी कीमत में 20 रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी हुई है। इसी तरह चीनी का भाव 42 रुपये से बढ़कर 52 रुपये प्रति किलो हो गया है।
दालों की कीमतों में भी लगातार बढ़ोतरी हुई है। अरहर दाल 110 से बढ़कर 120 रुपये, चना दाल 75 से 85 रुपये, मसूर दाल 72 से 80 रुपये और उड़द दाल 110 से बढ़कर 125 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है। खुला आटा 30 रुपये से बढ़कर 35 रुपये और नमक 28 रुपये से बढ़कर 32 रुपये प्रति किलो बिक रहा है।
खाद्य तेलों में भी तेजी
खाद्य तेलों की कीमतों ने भी रसोई का खर्च बढ़ा दिया है। सरसों का तेल मार्च में करीब 160 रुपये प्रति लीटर था, जो अगस्त में बढ़कर 185 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया है। वहीं रिफाइंड तेल का भाव 120 रुपये से बढ़कर 145 रुपये प्रति लीटर हो गया है। तेल की बढ़ती कीमतों का सीधा असर घरों के मासिक बजट पर पड़ रहा है।
बारिश और महंगाई से बाजार में घटे ग्राहक
खोजवां बाजार के किराना दुकानदार सचिन के मुताबिक थोक बाजार में कीमतों में बढ़ोतरी, परिवहन लागत और मांग में बदलाव का असर फुटकर बाजार पर पड़ा है। बारिश और बढ़ती महंगाई के कारण बाजार में ग्राहकों की संख्या में भी कमी आई है।
कबीर नगर निवासी गृहिणी सीमा मिश्रा ने कहा कि खाद्य पदार्थों के लगातार बढ़ते दामों के कारण घर का बजट संभालना मुश्किल होता जा रहा है। रोजमर्रा की जरूरतों की वस्तुओं में थोड़ी-थोड़ी बढ़ोतरी भी महीने के अंत तक खर्च पर बड़ा असर डालती है।
थोक बाजार में किराना सामग्री के भाव
अरहर दाल: मार्च में 111 रुपये से बढ़कर अगस्त में 113 रुपये प्रति किलो।
मूंग दाल: मार्च में 86 रुपये से बढ़कर अगस्त में 91 रुपये प्रति किलो।
उड़द दाल: मार्च में 114 रुपये से बढ़कर अगस्त में 118 रुपये प्रति किलो।
चना दाल: मार्च में 71 रुपये से बढ़कर अगस्त में 77 रुपये प्रति किलो।
काबुली चना: मार्च में 75 रुपये से बढ़कर अगस्त में 78 रुपये प्रति किलो।
राजमा: मार्च में 120 रुपये से बढ़कर अगस्त में 122 रुपये प्रति किलो।
चावल: मार्च में 51 रुपये से बढ़कर अगस्त में 62 रुपये प्रति किलो।
चीनी: मार्च में 45 रुपये से बढ़कर अगस्त में 51.50 रुपये प्रति किलो।
मटर: मार्च में 46 रुपये से बढ़कर अगस्त में 48 रुपये प्रति किलो।
आटा: मार्च में 29 रुपये से बढ़कर अगस्त में 30.50 रुपये प्रति किलो।
