रणवीर सिंह के शाही अंदाज में दिखी बनारसी सिल्क की चमक, 'द पनाया' ने बढ़ाया काशी का मान
वाराणसी। काशी की सदियों पुरानी बनारसी सिल्क कला एक बार फिर देश के बड़े मंच पर अपनी चमक बिखेरती नजर आई। रिलायंस के प्रतिष्ठित भारतीय कला एवं हस्तशिल्प मंच 'स्वदेश' की पहली वर्षगांठ के भव्य आयोजन में बॉलीवुड अभिनेता रणवीर सिंह अपने आकर्षक चटक गुलाबी परिधान को लेकर चर्चा में रहे।
उनके इस खास अंदाज ने न केवल फैशन जगत का ध्यान आकर्षित किया, बल्कि भारतीय पारंपरिक वस्त्रों और बनारसी सिल्क की खूबसूरती को भी नई पहचान दिलाई।
इस आयोजन में देश के प्रमुख उद्योगपतियों और कई प्रतिष्ठित हस्तियों की मौजूदगी रही। अभिनेता रणवीर सिंह का गुलाबी कुर्ता समारोह के आकर्षण का केंद्र बना। इस परिधान के पीछे देश के जाने-माने डिजाइनर राघवेंद्र राठौर की रचनात्मकता और भारतीय पारंपरिक कपड़ों को आधुनिक फैशन के साथ जोड़ने की सोच दिखाई दी।
स्वदेश और राघवेंद्र राठौर का खास जुड़ाव
भारतीय हस्तशिल्प, हथकरघा और पारंपरिक वस्त्रों को प्रोत्साहित करने वाले स्वदेश और मशहूर डिजाइनर राघवेंद्र राठौर का विशेष सहयोग इस आयोजन को और खास बनाता है। इस सहयोग के माध्यम से भारतीय पारंपरिक फैब्रिक को आधुनिक डिजाइन और शाही अंदाज में प्रस्तुत करने की पहल की जा रही है। इसी कड़ी में रणवीर सिंह का गुलाबी परिधान भारतीय वस्त्र कला और आधुनिक फैशन के खूबसूरत मेल का उदाहरण बना।

काशी के 'द पनाया' की बनारसी सिल्क को मिला बड़ा मंच
इस उपलब्धि से वाराणसी के चौकाघाट स्थित प्रतिष्ठित शोरूम 'द पनाया' का नाम भी खास तौर पर जुड़ता है। बनारसी साड़ियों और प्रीमियम सिल्क फैब्रिक के लिए पहचान रखने वाला द पनाया भारतीय पारंपरिक वस्त्रों को बड़े मंच तक पहुंचाने की दिशा में काम कर रहा है। शोरूम से जुड़े बनारसी सिल्क के उत्कृष्ट फैब्रिक स्वदेश के माध्यम से राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना रहे हैं।

स्वदेश और राघवेंद्र राठौर के बीच भारतीय पारंपरिक फैब्रिक के इस्तेमाल को लेकर हुए सहयोग के संदर्भ में बनारसी सिल्क की यह मौजूदगी काशी के लिए विशेष महत्व रखती है। द पनाया से जुड़े गुलाबी बनारसी फैब्रिक को रणवीर सिंह के इस खास परिधान से जोड़कर देखा जा रहा है। इस तरह काशी की पारंपरिक बुनाई और आधुनिक डिजाइनिंग के बीच एक खूबसूरत संबंध सामने आता है।
बनारसी बुनकरों की मेहनत को मिला फैशन जगत में सम्मान
बनारसी सिल्क केवल एक कपड़ा नहीं, बल्कि काशी की संस्कृति, परंपरा और पीढ़ियों से चली आ रही कारीगरी की पहचान है। यहां के बुनकर अपनी मेहनत, हुनर और बारीक बुनाई से ऐसे वस्त्र तैयार करते हैं, जिनकी खूबसूरती देश ही नहीं, विदेशों तक सराही जाती है।

रणवीर सिंह जैसे लोकप्रिय अभिनेता के परिधान के माध्यम से बनारसी वस्त्रों की चर्चा होना स्थानीय बुनकरों, कारीगरों और कारोबार से जुड़े लोगों के लिए उत्साहजनक है। यह इस बात का भी उदाहरण है कि पारंपरिक भारतीय फैब्रिक को आधुनिक फैशन के साथ जोड़कर वैश्विक पहचान दिलाई जा सकती है।
द पनाया के लिए उपलब्धि, काशी के लिए गौरव
द पनाया के लिए यह एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है कि वाराणसी की बनारसी सिल्क कला को देश के प्रतिष्ठित मंचों तक पहुंचाने की दिशा में उसकी भागीदारी सामने आ रही है। यह केवल किसी एक शोरूम की पहचान का विषय नहीं, बल्कि काशी की उस समृद्ध विरासत का सम्मान है, जिसे यहां के बुनकर और कारीगर सदियों से संजोते आ रहे हैं।

काशी की गलियों और करघों से निकलने वाली बनारसी सिल्क की चमक जब देश के बड़े मंचों और प्रतिष्ठित हस्तियों के परिधानों तक पहुंचती है, तो उसका गौरव पूरे बनारस को मिलता है। रणवीर सिंह का गुलाबी परिधान इसी परंपरा, हुनर और आधुनिक फैशन के संगम की एक आकर्षक तस्वीर पेश करता है।
