रामनगर में आज से सजेगा राममय माहौल, शुरू होगी ऐतिहासिक रामलीला
वाराणसी। अनंत चतुर्दशी के अवसर पर शुक्रवार, 25 सितंबर से रामनगर की करीब 200 वर्ष पुरानी ऐतिहासिक रामलीला का शुभारंभ होगा। काशी नरेश के संरक्षण में होने वाली यह रामलीला एक माह तक चलेगी और श्रीराम के राज्याभिषेक के साथ इसका समापन होगा। रामलीला के शुरू होते ही रामनगर करीब एक माह तक राममय माहौल में रंगा रहेगा।
रामनगर की रामलीला की खासियत इसका पारंपरिक और अनूठा स्वरूप है। यह किसी एक मंच तक सीमित नहीं रहती, बल्कि रामनगर के करीब 5 से 10 किलोमीटर के क्षेत्र में बने अयोध्या, जनकपुरी, चित्रकूट और लंका समेत करीब 40 खुले स्थलों पर विभिन्न प्रसंगों का मंचन किया जाता है। श्रद्धालु और दर्शक एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचकर लीला का सजीव अनुभव करते हैं।
पहले दिन रावण जन्म और श्रीराम अवतार की लीला का मंचन होगा। इस ऐतिहासिक आयोजन में आज भी आधुनिक मंचीय व्यवस्थाओं से दूरी बनाए रखी जाती है। लीला के दौरान माइक और आधुनिक लाइटों का प्रयोग नहीं किया जाता। मशाल और पेट्रोमैक्स की रोशनी में कलाकार ऊंची आवाज में संवाद बोलकर विभिन्न प्रसंगों को जीवंत करते हैं।
रामनगर की यह पारंपरिक रामलीला अपनी ऐतिहासिकता, लोक परंपरा और विशिष्ट मंचन शैली के लिए देश-विदेश में पहचान रखती है। इसकी परंपरा और सांस्कृतिक महत्व के कारण इसे यूनेस्को की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत से भी जोड़ा जाता।
