बारिश का पानी अब नहीं बनेगा आफत, काशी में ₹45 करोड़ से होगा जल निकासी का कायाकल्प
वाराणसी। बनारस रेल इंजन कारखाना (BLW) परिसर और आसपास के विस्तारित नगर निगम क्षेत्रों में लंबे समय से चली आ रही जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई है। जल निकासी व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए BLW प्रशासन और नगर निगम वाराणसी के बीच समझौता ज्ञापन (MOU) पर हस्ताक्षर की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। करीब 45.03 करोड़ रुपये की इस परियोजना से क्षेत्र की लगभग 1.50 लाख आबादी को लाभ मिलने की उम्मीद है।
मानसून के दौरान कंदवा गेट, पहाड़ी गेट और BLW परिसर के आसपास जलभराव के कारण लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ता था। नई परियोजना के तहत आधुनिक ड्रेनेज नेटवर्क विकसित कर बारिश के पानी की निकासी को व्यवस्थित और प्रभावी बनाया जाएगा।
45.03 करोड़ रुपये से विकसित होगा ड्रेनेज नेटवर्क
परियोजना की कुल लागत 45.03 करोड़ रुपये निर्धारित की गई है। इसमें BLW परिसर की सीमा के भीतर जल निकासी व्यवस्था विकसित करने पर 24 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। वहीं, परिसर के बाहर ड्रेनेज नेटवर्क के निर्माण पर नगर निगम वाराणसी 21.03 करोड़ रुपये खर्च करेगा।
योजना के तहत कवरयुक्त आरसीसी स्टॉर्म वाटर ड्रेन का निर्माण कराया जाएगा। इससे बारिश के पानी की निकासी तेज और व्यवस्थित तरीके से हो सकेगी तथा जलभराव की समस्या को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी।
कंदवा और पहाड़ी गेट पर जलभराव से मिलेगी राहत
स्थलीय निरीक्षण के दौरान सामने आया कि मौजूदा नालों की क्षमता पर्याप्त नहीं है। कई स्थानों पर नाले क्षतिग्रस्त और अवरुद्ध भी पाए गए, जिसके कारण बारिश के दौरान कंदवा गेट और पहाड़ी गेट के आसपास पानी जमा हो जाता था।
नई योजना के तहत यहां नाला-1 और नाला-2 के रूप में नए आरसीसी स्टॉर्म वाटर ड्रेन बनाए जाएंगे। इससे बारिश के पानी की निकासी बेहतर होगी और स्थानीय निवासियों के साथ राहगीरों को भी जलभराव से राहत मिलने की उम्मीद है।

BLW की सड़कों और भवनों को भी मिलेगा संरक्षण
BLW परिसर की बाउंड्री वॉल के साथ-साथ आंतरिक क्षेत्रों में पर्याप्त जल निकासी व्यवस्था नहीं होने से बारिश के दौरान आवासीय और कार्यालय क्षेत्रों पर भी असर पड़ता था। जलभराव के कारण सड़कों और अन्य बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचने की आशंका बनी रहती थी।
परियोजना के तहत BLW की बाउंड्री वॉल और आंतरिक क्षेत्रों में भी ढके हुए नालों का निर्माण किया जाएगा। इससे बारिश के पानी की निकासी बेहतर होने के साथ सड़कों और अन्य नागरिक बुनियादी ढांचे को जलभराव से होने वाले नुकसान को कम करने में मदद मिलेगी।
महापौर और नगर आयुक्त की पहल पर तैयार हुआ समझौता
यह समझौता महापौर अशोक कुमार तिवारी और नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल की पहल पर तैयार किया गया। सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग के राज्य मंत्री हंसराज विश्वकर्मा की उपस्थिति में BLW महाप्रबंधक आशुतोष पंत ने भी समझौता पत्र पर हस्ताक्षर किए।
इस अवसर पर मुख्य अभियंता (सामान्य) सुरेश चंद्र समेत नगर निगम और BLW के कई वरिष्ठ अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।
नई ड्रेनेज परियोजना के पूरा होने के बाद BLW परिसर और आसपास के क्षेत्रों में मानसून के दौरान होने वाले जलभराव पर प्रभावी नियंत्रण की उम्मीद है। इससे करीब डेढ़ लाख लोगों को आवागमन में राहत मिलने के साथ क्षेत्र के बुनियादी ढांचे को भी मजबूती मिलेगी।
