नवरात्रि के बाद पारदर्शिता के साथ हो एसआईआर, जल्दबाजी पर राघवेन्द्र चौबे ने उठाए सवाल
वाराणसी। महानगर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राघवेन्द्र चौबे ने उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए हैं। उन्होंने मांग की कि नवरात्रि और दशहरे जैसे प्रमुख त्योहारों के बाद मतदाता सूची का पुनरीक्षण पर्याप्त व्यवस्था और पारदर्शिता के साथ कराया जाए, ताकि आम नागरिकों को परेशानी न हो और किसी भी पात्र मतदाता का नाम सूची में शामिल होने से न छूटे।
राघवेन्द्र चौबे ने कहा कि 17 अक्टूबर को नवरात्रि की सप्तमी है, जिसका काशी की धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं में विशेष महत्व है। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु व्रत और पूजा-पाठ में व्यस्त रहते हैं। ऐसे में मतदाता सूची से संबंधित कार्यों में जल्दबाजी करने के बजाय लोगों की सुविधा और परिस्थितियों का ध्यान रखा जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में प्रत्येक पात्र नागरिक का मताधिकार महत्वपूर्ण है। मतदाता सूची में नाम जोड़ने, छूटे हुए नामों को शामिल कराने और संशोधन की प्रक्रिया ऐसी होनी चाहिए, जिसमें किसी भी नागरिक को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े। निर्वाचन आयोग और संबंधित प्रशासन की जिम्मेदारी है कि प्रत्येक पात्र मतदाता को अपना नाम दर्ज कराने का उचित अवसर मिले।
महानगर कांग्रेस अध्यक्ष ने दावा किया कि कांग्रेस के बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) विभिन्न मतदान केंद्रों का दौरा कर रहे हैं। उनके अनुसार, कुछ केंद्रों पर लापरवाही और अव्यवस्थाओं की शिकायतें सामने आई हैं। उन्होंने इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक जांच कराने और मतदान केंद्रों पर व्यवस्थाएं दुरुस्त करने की मांग की।
राघवेन्द्र चौबे ने कहा कि मतदाता सूची का पुनरीक्षण लोकतांत्रिक व्यवस्था से जुड़ा महत्वपूर्ण कार्य है। इसलिए पूरी प्रक्रिया पारदर्शी, व्यवस्थित और जवाबदेह होनी चाहिए। प्रत्येक आवेदन की निष्पक्ष जांच हो तथा पात्र मतदाताओं के नाम जोड़ने और संशोधन से संबंधित कार्य निर्धारित नियमों के अनुसार किए जाएं।
उन्होंने प्रशासन से मांग की कि त्योहारों के दौरान आम लोगों की धार्मिक आस्था और सुविधाओं का ध्यान रखा जाए। साथ ही, मतदान केंद्रों पर पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करते हुए बीएलए और नागरिकों की शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण किया जाए।
राघवेन्द्र चौबे ने कहा कि कांग्रेस पार्टी पात्र मतदाताओं के लोकतांत्रिक अधिकारों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने एसआईआर की प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने, मतदान केंद्रों पर अव्यवस्थाओं से जुड़ी शिकायतों की जांच कराने और पात्र मतदाताओं को नाम दर्ज कराने के लिए पर्याप्त अवसर देने की मांग की।
