ज्ञानवापी में शिवलिंग मिलने की चौथी वर्षगांठ पर पूजन, सुनवाई टालने की मांग भी तेज
वाराणसी। ज्ञानवापी परिसर में वजूखाने के अंदर शिवलिंग मिलने की चौथी वर्षगांठ पर शनिवार को श्रद्धालुओं, वादिनियों और अधिवक्ताओं ने विशेष पूजन-अर्चन किया। इस दौरान पूरे परिसर में ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष गूंजते रहे। श्रद्धालुओं ने बाबा विश्वनाथ से ज्ञानवापी में भव्य मंदिर निर्माण की कामना की।
श्रीआदि विश्वेश्वर मुक्ति विद्वत संघ के अध्यक्ष डॉ. सोहन लाल आर्य के नेतृत्व में वादिनियों और अधिवक्ताओं ने गेट नंबर-4 से बाबा विश्वनाथ के दर्शन किए। इसके बाद व्यास जी के तहखाने में भी पूजा-अर्चना की गई। सील वजूखाने में प्रवेश पर प्रतिबंध होने के कारण श्रद्धालुओं ने रेलिंग के पास से ही आरती और पूजा संपन्न की।
इस अवसर पर वादिनी लक्ष्मी देवी, सीता साहू, मंजू व्यास, रेखा पाठक सहित कई लोग मौजूद रहे। अधिवक्ताओं में डॉ. सोहन लाल आर्य, विशाल सिंह, महेंद्र पांडेय, सुधीर त्रिपाठी, सुभाष नंदन चतुर्वेदी, दीपक सिंह और बाल गोपाल साहू शामिल रहे। उपस्थित लोगों ने कहा कि जिस प्रकार अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि पर भव्य मंदिर बना, उसी प्रकार ज्ञानवापी में भी भव्य मंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त होगा।
वहीं दूसरी ओर ज्ञानवापी प्रकरण के सबसे पुराने वाद की सुनवाई सीनियर डिवीजन फास्ट ट्रैक कोर्ट में हुई। सुनवाई के दौरान यूपी सुन्नी वक्फ बोर्ड ने सुप्रीम कोर्ट के 12 दिसंबर 2024 के आदेश का हवाला देते हुए अदालत से आगे की कार्यवाही स्थगित करने का अनुरोध किया।
सुन्नी वक्फ बोर्ड की ओर से कहा गया कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद मामले में आगे प्रभावी कार्यवाही नहीं की जा सकती। इसके विरोध में आवेदिका अनुष्का तिवारी की ओर से अदालत में प्रार्थना पत्र दाखिल कर कहा गया कि सुप्रीम कोर्ट ने केवल अंतिम आदेश पर रोक लगाई है, जबकि प्रक्रियात्मक कार्यवाही जारी रह सकती है।
वाद मित्र विजय शंकर रस्तोगी ने भी अदालत में आपत्ति दाखिल करते हुए कहा कि मामले की सुनवाई को जानबूझकर लंबा खींचने का प्रयास किया जा रहा है। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने प्रार्थना पत्रों के निस्तारण के लिए 10 जुलाई की तिथि निर्धारित की है।
