काशी में एयर शो की तैयारियां तेज, गंगा की बाढ़ और घाटों की मिट्टी बनी बाधा
वाराणसी। काशी में पहली बार होने जा रहे भव्य एयर शो की तैयारियों के बीच गंगा की बाढ़ ने प्रशासन के सामने चुनौती बढ़ा दी है। 22, 23 और 25 अक्टूबर को प्रस्तावित एयर शो में 100 से अधिक विमान और हेलीकॉप्टर गंगा के ऊपर से उड़ान भरते हुए हवाई करतब दिखाएंगे। आयोजन को घाटों की सीढ़ियों और गंगा पार रेती से देखने के लिए बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना है। प्रशासन ने आयोजन की तैयारियों के साथ भीड़ प्रबंधन, पार्किंग, आवागमन और आपातकालीन व्यवस्थाओं को लेकर कवायद तेज कर दी है। वहीं, ड्रोन उड़ान को लेकर भी कड़े निर्देश जारी किए गए हैं।
18 सितंबर को गंगा का जलस्तर 67.44 मीटर दर्ज किया गया। हालांकि जलस्तर में करीब दो सेंटीमीटर प्रति घंटे की दर से कमी आ रही है, लेकिन घाटों पर लंबे समय से जमा मिट्टी अभी चुनौती बनी हुई है। पिछले करीब डेढ़ महीने से घाटों की सीढ़ियों पर मिट्टी जमा है। एयर शो में अब करीब एक माह का समय शेष है, ऐसे में प्रशासन के सामने घाटों को समय से तैयार करने की चुनौती है।
इसी सिलसिले में प्रशासन, पुलिस और भारतीय वायुसेना के अधिकारियों के बीच तैयारी बैठक हुई। अधिकारियों ने घाटों का निरीक्षण कर आयोजन के लिए आवश्यक व्यवस्थाओं का जायजा लिया। तय किया गया कि संबंधित विभाग संयुक्त रूप से घाटों का निरीक्षण कर तैयारियों को अंतिम रूप देंगे। नमो घाट समेत अन्य प्रमुख स्थानों पर भी व्यवस्थाओं की समीक्षा की जा रही है।
84 घाटों से दिखेगा आसमान में रोमांच
एयर शो का आयोजन दोपहर करीब 12 बजे से ढाई बजे तक प्रस्तावित है। दर्शक अस्सी घाट से नमो घाट तक करीब 84 घाटों की सीढ़ियों और गंगा पार रेती से हवाई करतब देख सकेंगे। आयोजन में राफेल, तेजस, सी-295 और सूर्य किरण एरोबेटिक टीम समेत भारतीय वायुसेना के विभिन्न विमान और टीमें हिस्सा लेंगी। इस दौरान काशी का आसमान लड़ाकू विमानों की गर्जना और एरोबेटिक करतबों से रोमांचित होगा।
अधिकारियों के मुताबिक, एयर शो का उद्देश्य केवल हवाई शक्ति और तकनीकी क्षमता का प्रदर्शन करना नहीं, बल्कि पूर्वांचल और आसपास के क्षेत्रों के युवाओं को भारतीय वायुसेना तथा राष्ट्रसेवा के प्रति प्रेरित करना भी है।
20 से 25 लाख लोगों के पहुंचने का अनुमान
एयर शो को देखने के लिए पूर्वांचल के विभिन्न जिलों के साथ बिहार, मध्य प्रदेश, झारखंड और छत्तीसगढ़ से भी बड़ी संख्या में लोगों के आने की संभावना है। अनुमान के मुताबिक आयोजन में करीब 20 से 25 लाख लोग पहुंच सकते हैं। इसे देखते हुए पुलिस और प्रशासन के सामने यातायात, पार्किंग, भीड़ नियंत्रण और आपातकालीन सेवाओं को लेकर व्यापक व्यवस्था तैयार करने की चुनौती है।
आयोजन के अंतिम दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शामिल होने की संभावना भी बताई जा रही है। हालांकि उनके कार्यक्रम को लेकर अंतिम आधिकारिक पुष्टि कार्यक्रम तय होने के बाद ही स्पष्ट होगी। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह समेत बड़ी संख्या में वीवीआईपी के पहुंचने की संभावना को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था भी महत्वपूर्ण होगी।
कई शहरों से उड़ान भरेंगे विमान
एयर शो में 100 से अधिक विमानों और हेलीकॉप्टरों की भागीदारी प्रस्तावित है। इतनी बड़ी संख्या में विमानों के एक ही एयरपोर्ट से संचालन के बजाय कई एयरबेस और एयरपोर्ट से उड़ानों का समन्वय किया जा रहा है। लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट, बाबतपुर के अलावा प्रयागराज, लखनऊ, गोरखपुर और गाजीपुर से विमानों के संचालन को लेकर समन्वय की तैयारी है।
अलग-अलग स्थानों से उड़ान भरने के बावजूद सभी विमानों के समय और रूट का सटीक तालमेल रखा जाएगा। विमान निर्धारित समय पर काशी के आसमान में पहुंचेंगे और विशेष फॉर्मेशन में हवाई करतब दिखाएंगे। एक बार में करीब तीन और अधिकतम सात विमान एक साथ दिखाई देने की योजना है।
ड्रोन उड़ान पर रहेगी कड़ी निगरानी
एयर शो के दौरान बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी और विमानों की उड़ान को देखते हुए ड्रोन के संचालन को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है। सुरक्षा व्यवस्था के तहत ड्रोन उड़ाने पर कड़े निर्देश लागू रहेंगे। पुलिस और संबंधित सुरक्षा एजेंसियां आयोजन क्षेत्र में ड्रोन गतिविधियों पर निगरानी रखेंगी।
भारतीय वायुसेना की 94वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में होने वाले इस आयोजन को लेकर प्रशासनिक और सुरक्षा तैयारियां लगातार आगे बढ़ाई जा रही हैं। अब गंगा का जलस्तर घटने और घाटों की सफाई के साथ अन्य व्यवस्थाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करना प्रशासन के लिए अहम होगा।
