काशी में पीएम मोदी का भव्य रोड शो, बरेका से विश्वनाथ धाम तक गूंजा ‘हर-हर महादेव’

वाराणसी। प्रधानमंत्री Narendra Modi का बुधवार को काशी दौरा पूरी तरह भक्ति और उत्साह के रंग में डूबा नजर आया। बरेका से श्री काशी विश्वनाथ धाम तक पीएम मोदी ने भव्य रोड शो किया, जहां जगह-जगह ढोल-नगाड़ों और शंखनाद के बीच उनका जोरदार स्वागत किया गया।
रोड शो के दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं और आम जनता ने पुष्पवर्षा कर प्रधानमंत्री का अभिनंदन किया। शहर में छह प्रमुख स्थानों पर स्वागत प्वॉइंट बनाए गए थे, जहां सुबह से ही उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला।
छात्रों और कैडेट्स में दिखा उत्साह
बनारस रेलवे स्टेशन के सामने बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं पीएम के स्वागत के लिए पहुंचे। उनके हाथों में संदेश लिखे पोस्टर थे और कई बच्चे प्रधानमंत्री के लिए छोटे-छोटे उपहार भी लेकर आए थे।
लहुराबीर चौराहे पर एनसीसी कैडेट्स और भाजपा कार्यकर्ताओं ने पीएम मोदी का जोरदार स्वागत किया। इस दौरान महिलाओं और युवाओं में खासा उत्साह देखने को मिला।

सुरक्षा के रहे कड़े इंतजाम
प्रधानमंत्री के रोड शो को लेकर पुलिस पूरी तरह सतर्क रही। अपर पुलिस आयुक्त शिवहरी मीणा ने सुबह मैदागिन से मंदिर तक सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण किया।
मैदागिन से काशी विश्वनाथ मंदिर तक ट्रैफिक पूरी तरह जीरो कर दिया गया। सड़कें खाली कराई गईं और कई मार्गों पर वाहनों का आवागमन अस्थायी रूप से रोक दिया गया। पूरे क्षेत्र को कुछ समय के लिए ‘नो व्हीकल जोन’ बना दिया गया।

एक झलक पाने को बेताब दिखे लोग
रोड शो के दौरान लोग घरों की छतों, बालकनियों और खिड़कियों से प्रधानमंत्री की एक झलक पाने के लिए उत्साहित नजर आए। सुबह से ही लोग रास्तों पर जमा होकर पीएम मोदी के आने का इंतजार करते रहे।

बाबा दरबार में विधिवत पूजा

श्री काशी विश्वनाथ मंदिर पहुंचने पर 51 ब्राह्मणों ने शंखनाद और ‘हर-हर महादेव’ के जयकारों के बीच प्रधानमंत्री का स्वागत किया। गर्भगृह में पंडितों द्वारा षोडशोपचार विधि से पूजा कराई गई।

मंदिर परिसर में पीएम मोदी ने हाथ जोड़कर श्रद्धालुओं का अभिवादन किया और त्रिशूल व डमरू दिखाकर भक्तों से जुड़ाव भी व्यक्त किया।

बच्चों से किया संवाद
मंदिर परिसर में मौजूद नन्हे-मुन्ने बच्चों से प्रधानमंत्री ने संवाद भी किया। बच्चों के साथ उनकी मुस्कान भरी बातचीत ने माहौल को और भी खास बना दिया।
काशी में पीएम मोदी का यह दौरा केवल एक राजनीतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि आस्था, संस्कृति और जनभावनाओं का संगम बन गया, जहां हर तरफ ‘हर-हर महादेव’ की गूंज सुनाई दी।
