भीषण गर्मी में बूंद-बूंद पानी को तरस रहे कौवापुर-कादीपुर स्टेशन बस्ती के लोग
वाराणसी (चौबेपुर)।क्षेत्र के ग्राम सभा कौवापुर में प्रधानमंत्री की महत्वाकांक्षी 'हर घर जल-जल जीवन मिशन' योजनां महज बोर्ड तक सिमट कर रह गई है। योजनां का कार्य को पूर्ण दिखाया जा चुका है। लेकिन हकीकत यह है कि कभी मौसम खराब का हवाला देकर तो कभी धूप ना होनें का बहाना लगाकर पानी की सप्लाई बंद कर दी जा रही है। इतनीं भीषण गर्मियों में पानी के लिए मचा हहाकार लोग बाल्टी लेकर घर-घर दौड़ रहे हैं, कही से एक बाल्टी पानीं मिल जाये। जहाँ एक तरफ भीषण गर्मियों में हैण्डपंप का पानी नीचे अस्तर पर चला गया है।
विगत सालों से कौवापुर बस्ती से लगायत कादीपुर स्टेशन की बस्तियों में पानीं तो जैसे तैसे अपनीं धीमी गती से आता है। पर रफ्तार इतनीं धीमी की तीन से चार बाल्टी में ही पूरी टंकी खाली हो जाती है। इतनीं बड़ी बस्ती में इतनीं छोटी टंकी का गांँव में क्या काम है। जो घरों तक पानीं तो मिले पर मात्र चार से पांच बाल्टी भरनें में पानी की वापसी हो जा रही है।
वहीं आपरेटर से बात करनें पर ये कहा जाता है, की टंकी को भरनें में 6 से 7 घण्टा लगता है, तो आखिर पानी की सपलाई चालू होनें पर सुबह में पानीं कहाँ जा रहा है। कि मात्र आधा एक घंटे में ही पानी खतम़। संबंधित अधिकारी चेक क्यों नहीं करते क्या फाल्ट है, पानीं पर्याप्त क्यों नहीं मिल रहा हैं। पहले तो संबंधित अधिकारी फोन तक नहीं उठाते, वहीं कौवापुर से लगायत कादीपुर स्टेशन वाली बस्ती के लोग एक-एक बूंद के लिये पानी को तरस जातें हैं।
सुबह-सुबह किसी के दरवाजे पर बाल्टी लेकर जाना पड़ता है। शर्म आती है। कई बार तो लोग पानी देने में कतराते हैं। मना कर देते हैं। बच्चे-बूढ़े, हार्ट अटैक के मरीज़ भी परेशान है।
शासन-प्रशासन मौन, जनता बेहाल
इतनी बड़ी राशि प्रधानमंत्री की महत्वाकांक्षी हर जल-कल जीवन मिशन योजनां में खर्च होनें के बाद भी पानी न मिलने से इस बस्तियों में भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि इसकी सुध लेने वाला कोई नहीं है। जल जीवन मिशन के अधिकारी सुनवाई नहीं कर रहे हैं।
'हर घर जल' का सपना कौवापुर के कादीपुर स्टेशन के बस्तियों में सिर्फ बोर्ड और कागजों तक ही सीमित रह गया है। करोड़ों की योजना के बाद भी जनता प्यास बुझाने के लिये एक दूसरों के दरवाजे पर खड़ी है।
