वाराणसी में ट्रेनों की रफ्तार बढ़ाने की दिशा में रेलवे ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। उत्तर मध्य रेलवे के जिवनाथपुर स्टेशन और उत्तर रेलवे के व्यासनगर स्टेशन के बीच नई रेल लाइन बिछाने की योजना को रेलवे बोर्ड ने सैद्धांतिक सहमति प्रदान कर दी है। इसके साथ ही करीब 1.5 किलोमीटर लंबे नए रेल ट्रैक के लिए फाइनल लोकेशन सर्वे (एफएलएस) की मंजूरी भी दे दी गई है।
वर्तमान में दोनों स्टेशनों के बीच एकल रेल लाइन होने के कारण लगभग 10 किलोमीटर का रेलखंड अक्सर व्यस्त रहता है, जिससे ट्रेनों के संचालन पर असर पड़ता है। नई रेल लाइन बनने के बाद इस मार्ग की क्षमता बढ़ेगी और ट्रेनों का संचालन अधिक सुगम एवं तेज हो सकेगा।
इस रेलखंड से महानगरी एक्सप्रेस तथा खजुराहो वंदे भारत एक्सप्रेस जैसी महत्वपूर्ण यात्री ट्रेनें गुजरती हैं। ट्रैक के दोहरीकरण और नई लाइन के निर्माण से इन ट्रेनों की गति में सुधार होगा। साथ ही अन्य यात्री ट्रेनों और मालगाड़ियों के संचालन के लिए भी अतिरिक्त मार्ग उपलब्ध हो सकेगा, जिससे रेल यातायात का दबाव कम होगा।
रेलवे की प्रस्तावित योजना के तहत दो रेल जोन के बीच ट्रेनों के परिचालन को और अधिक व्यवस्थित बनाया जाएगा। इसके लिए वर्तमान में कार्यरत ब्लॉक हट-बी की कंट्रोलिंग व्यवस्था समाप्त कर ट्रेनों एवं मालगाड़ियों का संचालन सीधे व्यासनगर रेलवे स्टेशन से नियंत्रित करने की तैयारी है। फाइनल लोकेशन सर्वे के दौरान भी नई रेल लाइन को व्यासनगर स्टेशन से जोड़ने के प्रस्ताव पर कार्य किया जा रहा है। हालांकि, इस संबंध में अंतिम निर्णय रेलवे बोर्ड द्वारा सर्वे रिपोर्ट के आधार पर लिया जाएगा।
नई रेल लाइन के निर्माण से वाराणसी क्षेत्र में रेल संचालन की क्षमता बढ़ने के साथ-साथ भविष्य में ट्रेनों की समयबद्धता, गति और माल परिवहन व्यवस्था को भी उल्लेखनीय मजबूती मिलने की उम्मीद है।
