रुद्राक्ष में MSME आउटरीच कार्यक्रम, उद्यमियों को 515 करोड़ का वित्तीय सहयोग
वाराणसी। सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) क्षेत्र को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की ओर से शुक्रवार को सिगरा स्थित रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर में एमएसएमई आउटरीच कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न बैंकों के माध्यम से कुल 515 करोड़ रुपये के ऋण का वितरण किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिलाधिकारी सत्येन्द्र कुमार ने 300 से अधिक लाभार्थी उद्यमियों को ऋण स्वीकृति पत्र एवं चेक वितरित किए। उन्होंने कहा कि उद्यमिता को बढ़ावा देना प्रदेश और देश की आर्थिक प्रगति के लिए आवश्यक है। जिलाधिकारी ने वाराणसी में 2000 करोड़ रुपये से अधिक के ऋण वितरण का लक्ष्य निर्धारित करने का आह्वान करते हुए उद्यमियों से आधुनिक तकनीक, नवाचार और गुणवत्ता के साथ अपने उद्योगों का विस्तार करने की अपील की।
कार्यक्रम में इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (आईआईए), नाबार्ड, एमएसएमई मंत्रालय, जनसमर्थ, एनसीजीटीसी, विभिन्न सरकारी एवं निजी बैंकों के वरिष्ठ अधिकारियों सहित 500 से अधिक उद्यमियों ने भाग लिया।
यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के अंचल प्रमुख टी. कामेश्वर राव ने बताया कि विभिन्न बैंक शाखाओं के माध्यम से जिले में 515 करोड़ रुपये के ऋण स्वीकृत एवं वितरित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि पात्र एमएसएमई इकाइयों को कार्यशील पूंजी के लिए कम ब्याज दर पर, बिना अतिरिक्त प्रभार के तथा पांच वर्ष की अवधि तक ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। योजना के तहत एक उद्यमी को अधिकतम 100 करोड़ रुपये तक का ऋण प्रदान किया जा सकता है।
क्षेत्र प्रमुख शैलेंद्र कुमार ने बताया कि यह पहल भारत सरकार की इमरजेंसी क्रेडिट लाइन गारंटी योजना (ईसीएलजीएस) के अंतर्गत संचालित की जा रही है, जिसका उद्देश्य उद्योगों को कार्यशील पूंजी की समस्या से राहत प्रदान करना और उनके व्यवसाय को गति देना है।
इस अवसर पर अग्रणी जिला प्रबंधक अविनाश अग्रवाल ने जनपद के बैंकिंग क्षेत्र की उपलब्धियों, ऋण वितरण की प्रगति तथा वित्तीय समावेशन से जुड़े प्रयासों की जानकारी दी।
कार्यक्रम में मौजूद प्रशासनिक एवं बैंकिंग अधिकारियों ने विश्वास व्यक्त किया कि इस वित्तीय सहयोग से वाराणसी का एमएसएमई क्षेत्र और अधिक सशक्त होगा, नए रोजगार के अवसर सृजित होंगे तथा स्थानीय उद्योगों को आर्थिक मजबूती मिलेगी।
