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मानसून अब विदाई की ओर, 10 अक्टूबर तक पूर्वांचल से पूरी तरह लौटेंगे बादल

मानसून अब विदाई की ओर, 10 अक्टूबर तक पूर्वांचल से पूरी तरह लौटेंगे बादल

वाराणसी। पूर्वांचल में मानसून अब धीरे-धीरे विदाई की ओर बढ़ रहा है। सितंबर के दूसरे पखवाड़े के साथ ही मौसम के मिजाज में बदलाव के संकेत मिलने लगे हैं। मौसम विभाग के अनुमान के अनुसार, आने वाले दिनों में मानसूनी गतिविधियों में कमी आएगी और आगामी कुछ सप्ताह में बारिश का दौर भी कमजोर पड़ने लगेगा। सामान्य मौसमी स्थिति के अनुसार 10 अक्टूबर तक पूर्वांचल से मानसून की पूरी तरह विदाई होने की संभावना है।

इस बार मानसून के आगमन में भले ही देरी हुई हो, लेकिन अगस्त और सितंबर के दौरान हुई बारिश ने इसकी भरपाई काफी हद तक कर दी है। पर्याप्त बारिश के कारण तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है। अब स्थानीय स्तर पर ताप बढ़ने की प्रक्रिया कमजोर होने के साथ ही बारिश के लिए अनुकूल परिस्थितियां भी धीरे-धीरे कम होंगी।

मौसम विभाग के अनुसार इस सप्ताह बादलों की आवाजाही बनी रह सकती है, लेकिन भारी बारिश की संभावना कम है। 17 सितंबर के बाद आसमान के अपेक्षाकृत साफ होने के साथ मौसम में बदलाव का सिलसिला तेज होने के संकेत हैं। इसका असर सुबह और रात के तापमान पर दिखाई देगा। आने वाले दिनों में सुबह के समय हल्का कुहासा छाने के साथ गुलाबी ठंडक का अहसास बढ़ सकता है।

हर साल सितंबर के मध्य से मानसून की वापसी की प्रक्रिया राजस्थान से शुरू होती है। इसके बाद यह दिल्ली, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश से होते हुए पूर्वांचल की ओर बढ़ता है। पूर्वांचल में मानसून की वापसी सामान्य तौर पर सोनभद्र के रास्ते होती है और अक्टूबर के पहले पखवाड़े तक इसके पूरी तरह समाप्त होने की स्थिति बन जाती है।

अगस्त में अच्छी बारिश के बाद सितंबर के मध्य तक भी पूर्वांचल के कई हिस्सों में मानसूनी गतिविधियां सक्रिय रही हैं। ऐसे में अब सितंबर के शेष दिनों और अक्टूबर के शुरुआती दौर में होने वाली बारिश को मानसून की विदाई से पहले की गतिविधि माना जा सकता है। मौसम विभाग की ओर से मानसून की वापसी को लेकर आगे के दिनों में स्थिति और स्पष्ट की जाएगी।

मानसून की विदाई के साथ ही दिन में धूप की तीव्रता भी धीरे-धीरे कम होगी। सुबह और रात के समय मौसम सुहावना होने लगेगा और तापमान में गिरावट के साथ गुलाबी ठंडक का दौर शुरू होगा। अक्टूबर की शुरुआत तक पूर्वांचल में मौसम के इस बदलाव का असर और स्पष्ट दिखाई देने की संभावना है।

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