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काशी में मई रहा बारिश वाला महीना, आज भी येलो अलर्ट जारी

काशी में मई रहा बारिश वाला महीना, आज भी येलो अलर्ट जारी
पुरवा-पछुआ हवाओं की टकराहट बनी वजह, आज और 4 जून को बारिश का येलो अलर्ट

वाराणसी। इस वर्ष मई माह में वाराणसी में सामान्य से 104 प्रतिशत अधिक प्री-मानसून वर्षा दर्ज की गई। मौसम विज्ञान विभाग के आंकड़ों के अनुसार मई में सामान्य तौर पर 23.5 मिलीमीटर बारिश होती है, जबकि इस बार 48.1 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि पुरवा और पछुआ हवाओं के टकराव के कारण जिले को दो बार तेज आंधी और जोरदार बारिश का सामना करना पड़ा।

मई महीने की शुरुआत अपेक्षाकृत ठंडे मौसम के साथ हुई और पहले 15 दिनों तक अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से नीचे बना रहा। इसके बाद 15 मई से 28 मई तक वाराणसी भीषण गर्मी और लू की चपेट में रहा। इस दौरान तापमान 47 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंच गया।

मौसम विभाग के अनुसार सामान्यतः मई में वाराणसी का तापमान 25.7 डिग्री से 40.7 डिग्री सेल्सियस के बीच रहता है, लेकिन इस बार 20 दिनों तक अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस या उससे कम दर्ज किया गया। वहीं न्यूनतम तापमान 19 से 32 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा। महीने के 10 दिन ऐसे रहे जब तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंचा, जबकि तीन दिनों में पारा 45 डिग्री सेल्सियस से अधिक दर्ज किया गया।

रविवार को भी धूप तीखी रही, लेकिन अधिकतम तापमान सामान्य से 2.2 डिग्री कम होकर 39 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। वहीं न्यूनतम तापमान सामान्य से 0.7 डिग्री कम होकर 26.5 डिग्री सेल्सियस रहा। इस दौरान 15 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं और हवा में नमी का स्तर 60 प्रतिशत तक पहुंच गया।

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार नमी बढ़ने के कारण धूप तेज महसूस हुई, लेकिन तापमान में अपेक्षाकृत कमी बनी रही। हालांकि पिछले दो दिनों की तुलना में रात के तापमान में करीब 8 डिग्री और दिन के तापमान में लगभग 7 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

आज और 4 जून को बारिश की संभावना

मौसम विभाग ने सोमवार के लिए वाराणसी में बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा 4 जून को भी बारिश होने की संभावना जताई गई है। यूपी आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार जिले में आज हल्की से मध्यम बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं।

वरिष्ठ मौसम विज्ञानी डॉ. अतुल कुमार सिंह ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ वर्तमान में उत्तर प्रदेश के ऊपर चक्रवाती परिसंचरण के रूप में सक्रिय है। इसके प्रभाव के समाप्त होने के बाद प्रदेश में एक बार फिर तेज गर्मी और लू का दौर लौट सकता है।

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