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वाराणसी में काशिल्क उत्पादक कंपनी लिमिटेड का शुभारम्भ, बुनकरों की आजीविका सुधार की दिशा में बड़ा कदम

वाराणसी में काशिल्क उत्पादक कंपनी लिमिटेड का शुभारम्भ, बुनकरों की आजीविका सुधार की दिशा में बड़ा कदम

वाराणसी। प्रोग्रेसिव रिसर्च ऑर्गेनाइजेशन वाराणसी (PROW) के तत्वावधान में काशिल्क उत्पादक कंपनी लिमिटेड का शुभारम्भ वाराणसी के रामनगर स्थित कॉमन फैसिलिटी सेंटर (CFC), वास्तु विहार कॉलोनी में किया गया। यह कंपनी नाबार्ड (NABARD) की वित्तीय सहायता से संचालित है और इसका गठन चिरईगाँव व काशी विद्यापीठ ब्लॉक क्षेत्र के प्रगतिशील बुनकरों के सहयोग से किया गया है।

 

वाराणसी

संयुक्त रूप से किया गया उद्घाटन

उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि सीजीएम रूरल एमएसएमई विभाग, मुंबई डॉ. बी.आर. प्रेमी, नाबार्ड के चीफ जनरल मैनेजर पंकज कुमार, नाबार्ड जिला प्रबंधक सोनिका राणा, PROW के अध्यक्ष कन्हैया सिंह और कंपनी निदेशक रमजान अली ने संयुक्त रूप से फीता काटकर व दीप प्रज्वलित कर कंपनी के कार्यस्थल का उद्घाटन किया। तत्पश्चात अतिथियों का स्वागत माल्यार्पण द्वारा किया गया।

नाबार्ड की पहल से बुनकरों का सामूहिक संगठन

नाबार्ड की जिला प्रबंधक सोनिका राणा ने कंपनी के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए कहा कि काशिल्क उत्पादक कंपनी बुनकरों का एक सामूहिक संगठन है। इसका लक्ष्य पारंपरिक व प्रगतिशील बुनकरों को संगठित कर उनकी आय में वृद्धि और आजीविका में सुधार करना है।

 

वाराणसी।

बनारसी साड़ियों की विरासत को सहेजने का प्रयास


मुख्य अतिथि डॉ. बी.आर. प्रेमी ने अपने संबोधन में कहा कि यह कंपनी बुनकर परिवारों का स्वतंत्र संगठन है, जो वाराणसी व आसपास के जिलों में पारंपरिक हैंडलूम आधारित बनारसी सिल्क साड़ियों का उत्पादन करती है। यह विकेंद्रीकृत कुटीर उद्योग के रूप में कार्य करते हुए बुनकरों व व्यापारियों के जटिल नेटवर्क को जोड़ती है।
उन्होंने कहा कि कंपनी भौगोलिक संकेत (GI) प्रमाणित साड़ियों के निर्माण में परंपरागत तकनीक, कटन रेशम और मेटल ज़री के प्रयोग की विरासत को सहेजने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

बुनकरों के लिए बेहतर बाज़ार और सशक्तिकरण

वाराणसी।

नाबार्ड के सीजीएम पंकज कुमार ने बताया कि काशिल्क उत्पादक कंपनी बुनकरों को एक सामूहिक प्लेटफार्म उपलब्ध कराती है। इसके माध्यम से उन्हें उचित मूल्य, बेहतर बाजार पहुँच और आर्थिक सशक्तिकरण मिलेगा। उन्होंने इसे बुनकरों की आय सृजन और सुदृढ़ीकरण की दिशा में अहम कदम बताया।


कार्यक्रम में नाबार्ड के अन्य प्रतिनिधियों, कंपनी के निदेशकगण, मुख्य कार्यकारी अधिकारी, OFPO फैसिलिटेटर और PROW पदाधिकारी भी उपस्थित रहे।


अंत में कंपनी के निदेशक डॉ. प्रदीप श्रीवास्तव ने मुख्य अतिथि डॉ. बी.आर. प्रेमी, नाबार्ड प्रतिनिधियों तथा सभी आगंतुकों का आभार प्रकट करते हुए समारोह का समापन किया।

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