काशी विश्वनाथ धाम में 20 हजार फूलों से सजा बाबा का दरबार, सावन के पहले सोमवार उमड़ा आस्था का सैलाब
वाराणसी। सावन के पहले सोमवार पर काशी विश्वनाथ धाम भक्ति और आस्था के रंग में पूरी तरह रंग गया। बाबा विश्वनाथ का शंकर स्वरूप में भव्य श्रृंगार किया गया और 20 हजार से अधिक फूलों से पूरे मंदिर परिसर को सजाया गया।

गेंदा, गुलाब, बेला, रजनीगंधा, जरबेरा सहित विभिन्न प्रकार के सुगंधित फूलों से सजे धाम की छटा श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर रही है।

रविवार रात से ही बाबा के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगनी शुरू हो गई थीं। मंदिर प्रशासन के अनुसार मंगला आरती से लेकर शयन आरती तक लगभग चार लाख श्रद्धालुओं के दर्शन करने की संभावना जताई गई है।

पिछले वर्ष सावन के पहले सोमवार को 3.41 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने बाबा विश्वनाथ के दर्शन किए थे, जबकि इस बार पूरे सावन में करीब 80 लाख श्रद्धालुओं के आगमन की तैयारी की गई है।

दर्शन व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए सात प्रवेश द्वार और सात अलग-अलग कतारों की व्यवस्था की गई है।
मैदागिन, गोदौलिया, दशाश्वमेध घाट, जंगमबाड़ी, विश्वनाथ गली और बांसफाटक समेत विभिन्न मार्गों से श्रद्धालु बैरिकेडिंग के जरिए मंदिर पहुंच रहे हैं। गंगा स्नान के बाद श्रद्धालुओं को गंगा द्वार से भी प्रवेश दिया जा रहा है

श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए पुलिस, सीआरपीएफ, एनडीआरएफ और स्वास्थ्य विभाग की टीमें तैनात हैं।
पूरे धाम और आसपास के क्षेत्रों में सीसीटीवी कैमरों के जरिए निगरानी की जा रही है। भीड़ प्रबंधन के लिए विशेष सुरक्षा योजना लागू की गई है।

गोदौलिया से मैदागिन मार्ग तक पब्लिक एड्रेस सिस्टम लगाया गया है, जिससे श्रद्धालुओं को लगातार आवश्यक सूचनाएं दी जा रही हैं। वहीं दिव्यांग, बुजुर्ग और विशिष्ट श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए नि:शुल्क गोल्फ कार्ट सेवा भी संचालित की जा रही है।

मेडिकल सहायता केंद्र और लाइव दर्शन की विशेष व्यवस्था भी की गई है, ताकि अधिक से अधिक श्रद्धालु बिना किसी असुविधा के बाबा विश्वनाथ के दर्शन कर सकें।
