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हर-हर महादेव के जयघोष से गूंजा काशी विश्वनाथ धाम, पहले दिन दो लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने किए दर्शन​​​​​​​

हर-हर महादेव के जयघोष से गूंजा काशी विश्वनाथ धाम, पहले दिन दो लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने किए दर्शन​​​​​​​
 सावन के पहले दिन बाबा विश्वनाथ के दर्शन को उमड़ी लाखों की भीड़, सुरक्षा और सुविधाओं के रहे पुख्ता इंतजाम

वाराणसी। सावन मास के प्रथम दिन श्री काशी विश्वनाथ धाम में आस्था का अभूतपूर्व जनसैलाब उमड़ पड़ा। करीब 19 घंटे के भीतर दो लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने बाबा विश्वनाथ के दर्शन-पूजन किए। शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक स्थित शिव मंदिरों और शिवालयों में भी दिनभर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रही। पूरे शहर में "हर-हर महादेव" के जयघोष से भक्तिमय वातावरण बना रहा।

कैंट रेलवे स्टेशन से लेकर श्री काशी विश्वनाथ धाम तक कांवड़ियों और शिवभक्तों की लंबी कतारें दिखाई दीं। विभिन्न राज्यों से पहुंचे कांवड़िये जयकारे लगाते हुए धाम पहुंचे और गंगाजल अर्पित कर भगवान शिव का जलाभिषेक किया। मंदिर के सभी सात प्रवेश द्वारों पर दर्शनार्थियों की लंबी कतारें लगी रहीं। नेमी भक्तों के साथ बड़ी संख्या में पर्यटकों ने भी झांकी दर्शन किए।

मंगला आरती के उपरांत श्रद्धालुओं ने गंगा घाटों से जल भरकर बाबा के जलाभिषेक के लिए कतारबद्ध होकर अपनी बारी का इंतजार किया। इस वर्ष सावन मास का शुभारंभ कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि, श्रवण नक्षत्र और आयुष्मान योग में हुआ। श्रद्धालुओं ने विशेष रूप से प्रातः 5:41 बजे से 7:23 बजे तक तथा सायं 7:14 बजे से रात्रि 9:51 बजे तक शुभ चौघड़िया में भगवान शिव की पूजा-अर्चना की।

मंदिर प्रशासन की ओर से श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए व्यापक इंतजाम किए गए थे। औसतन 25 से 30 मिनट के इंतजार के बाद भक्तों को झांकी दर्शन कराए गए। सभी सातों प्रवेश द्वारों पर प्रशिक्षित कार्मिकों की तैनाती रही। सुरक्षा व्यवस्था के साथ-साथ एंबुलेंस, प्राथमिक उपचार केंद्र, चिकित्सक और पैरामेडिकल स्टाफ की भी पर्याप्त व्यवस्था की गई थी।

श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विभिन्न स्थानों पर शुद्ध पेयजल, ग्लूकोज, ओआरएस, विश्राम स्थल तथा अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं। पूरे परिसर और मार्गों पर सुरक्षा कर्मी लगातार निगरानी करते रहे ताकि दर्शन व्यवस्था सुचारु बनी रहे।

इधर, योगी अखाड़ा परिवार की ओर से अस्सी घाट मार्ग स्थित परिसर में सावन मास के दौरान शिवभक्तों के लिए 24 घंटे अन्नपूर्णा सेवा के अंतर्गत महाप्रसाद वितरण की शुरुआत की गई। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वामी राधेश्याम के सान्निध्य में भंडारे का शुभारंभ हुआ। स्वामी राधेश्याम ने कहा कि सावन में देशभर से बड़ी संख्या में शिवभक्त काशी पहुंचते हैं। उनकी सेवा के उद्देश्य से पूरे सावन माह 24 घंटे महाप्रसाद की व्यवस्था की गई है।

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