ईरान के सर्वोच्च नेता के निधन पर शोक, शांति बनाए रखने की अपील - शशांक शेखर त्रिपाठी
वाराणसी। भारतीय जनता पार्टी विधि प्रकोष्ठ, काशी क्षेत्र के संयोजक एवं बनारस बार एसोसिएशन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष शशांक शेखर त्रिपाठी ने ईरान के सर्वोच्च धार्मिक नेता Ayatollah Ali Khamenei के निधन के समाचार पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने इसे वैश्विक स्तर पर धार्मिक और वैचारिक दृष्टि से महत्वपूर्ण क्षति बताते हुए कहा कि ऐसे अवसर मानवता के लिए अत्यंत संवेदनशील क्षण होते हैं।
शशांक शेखर त्रिपाठी ने कहा कि भारत विविधताओं का देश है, जहां विभिन्न धर्मों और मतों के लोग सद्भाव के साथ रहते हैं। उन्होंने विशेष रूप से भारत के शिया समुदाय से अपील की कि वे धैर्य, शांति और मर्यादा के साथ अपनी श्रद्धांजलि अर्पित करें तथा सामाजिक सौहार्द बनाए रखें।
उन्होंने कहा कि भारत की संस्कृति सहअस्तित्व, आपसी सम्मान और संवेदनशीलता पर आधारित है। ऐसे समय में संयम और परिपक्वता का परिचय देना ही भारतीय समाज की परंपरा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी प्रकार की अफवाहों या भड़काऊ संदेशों से बचना चाहिए और प्रशासन के साथ सहयोग करना चाहिए।
राष्ट्रीय शोक घोषित किए जाने के संबंध में पूछे गए प्रश्न पर उन्होंने स्पष्ट किया कि यह पूर्णतः केंद्र सरकार का नीतिगत और कूटनीतिक विषय है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि पूर्व में ईरान के राष्ट्रपति Ebrahim Raisi के निधन पर भारत सरकार ने एक दिन का राष्ट्रीय शोक घोषित किया था, क्योंकि वे निर्वाचित राष्ट्रपति पद पर आसीन थे और अंतरराष्ट्रीय प्रोटोकॉल के तहत राष्ट्राध्यक्ष की श्रेणी में आते थे।
शशांक शेखर त्रिपाठी ने कहा कि भारत की विदेश नीति सदैव संवैधानिक मूल्यों, कूटनीतिक संतुलन और धर्मनिरपेक्ष सिद्धांतों पर आधारित रही है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि ऐसे संवेदनशील विषयों को राजनीतिक दृष्टि से देखने के बजाय राष्ट्रीय एकता और सामाजिक सद्भाव को सर्वोच्च प्राथमिकता दें।
