वाराणसी में पहचान छिपाकर की शादी, महिला को देह व्यापार के लिए किया मजबूर! महिला ने पुलिस कमिश्नर से लगाई न्याय की गुहार
वाराणसी। आदमपुर थाना क्षेत्र के ओम कालेश्वर मोहल्ले के रहने वाले एक युवक पर हिंदू बनकर शादी करने, महिला को देह व्यापार में धकेलने का प्रयास करने और जान से मारने की धमकी देने का गंभीर आरोप लगा है।
पीड़िता ने पुलिस कमिश्नर को प्रार्थना पत्र देकर आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई और न्याय की मांग की है। फिलहाल मामले की जांच आदमपुर पुलिस को सौंप दी गई है।
पीड़िता, जो उत्तर 24 परगना (कोलकाता) की रहने वाली है, ने आरोप लगाया है कि मोहम्मद फैज पुत्र मुख्तारुज्जमा, निवासी ए-33/83, ओम कालेश्वर, वाराणसी, ने वर्ष 2020 में अपनी पहचान छिपाकर बीएचयू स्थित बाबा विश्वनाथ मंदिर में हिंदू रीति-रिवाज से उससे शादी की थी।
महिला के अनुसार, शादी के बाद दोनों कुछ समय तक कोलकाता में रहे। करीब तीन महीने बाद आरोपी उसे वाराणसी के लहरतारा स्थित पुरुषोत्तम नगर कॉलोनी में किराए के मकान में लेकर आया। यहीं से आरोपी ने कथित रूप से उसे देह व्यापार में धकेलने का दबाव बनाना शुरू कर दिया।
पीड़िता का आरोप है कि जब उसने इसका विरोध किया तो आरोपी उसके साथ मारपीट करता था और जान से मारने की धमकी देता था। डर और भय के कारण वह लंबे समय तक विरोध नहीं कर सकी।
महिला ने बताया कि 7 जुलाई 2026 को आरोपी ने उसे अपने किसी काम के बहाने दिल्ली भेज दिया। जब वह वापस वाराणसी लौटी तो किराए के मकान पर ताला लगा मिला। उसने कई बार आरोपी से फोन पर संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला।
मकान मालिक ने महिला को बताया कि आरोपी घर में रखा सारा सामान टेम्पो में लादकर ले गया है। मकान खाली करने के संबंध में आरोपी द्वारा मकान मालिक को लिखित सूचना भी दी गई थी।
इसके बाद पीड़िता ने पुलिस कमिश्नर को लिखित शिकायत देकर आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। शिकायत में उसने आरोप लगाया कि आरोपी ने उसकी पहचान और विश्वास का दुरुपयोग करते हुए शादी की तथा बाद में उसे गलत कार्य करने के लिए मजबूर किया।
इस संबंध में आदमपुर इंस्पेक्टर विमल मिश्रा ने बताया कि महिला का प्रार्थना पत्र प्राप्त हो गया है। मामले की जांच की जा रही है। यदि जांच में लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं तो आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
(नोट: यह खबर पीड़िता द्वारा लगाए गए आरोपों और पुलिस को दिए गए प्रार्थना पत्र पर आधारित है। मामले की जांच जारी है और आरोपी पक्ष का बयान अभी सामने नहीं आया है।)
