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वाराणसी में अपराधियों की अब खैर नहीं, हर थाने के 25 फीसदी जवान रात में करेंगे गश्त

जनसुनवाई में लापरवाही पर होगी कार्रवाई, अपराधियों की गतिविधियों पर नजर रखने और लंबित विवेचनाओं के समयबद्ध निस्तारण पर जोर

वाराणसी। पुलिस कमिश्नरेट में कानून-व्यवस्था को और मजबूत बनाने तथा अपराध नियंत्रण के लिए पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल ने पुलिस अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं। शुक्रवार, 30 अक्टूबर को राजपत्रित अधिकारियों, थाना प्रभारियों और चौकी प्रभारियों के साथ आयोजित समीक्षा बैठक में उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिसिंग केवल कार्यालयों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि सड़कों पर पुलिस की सक्रिय मौजूदगी भी सुनिश्चित होनी चाहिए। इसके तहत प्रत्येक थाने में उपलब्ध पुलिस बल का न्यूनतम 25 प्रतिशत हिस्सा अनिवार्य रूप से रात्रि गश्त करेगा।

बैठक में जनसुनवाई, अपराध नियंत्रण, रात्रि गश्त, यातायात व्यवस्था और लंबित विवेचनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। पुलिस कमिश्नर ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि आम जनता की शिकायतों को गंभीरता से सुना जाए और उनके निस्तारण में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए।

जनसुनवाई में लापरवाही पर होगी कार्रवाई, अपराधियों की गतिविधियों पर नजर रखने और लंबित विवेचनाओं के समयबद्ध निस्तारण पर जोर

जनसुनवाई और शिकायतों के निस्तारण को प्राथमिकता

पुलिस कमिश्नर ने सभी अधिकारियों को निर्धारित समय पर अपने कार्यालयों में उपस्थित रहने तथा फरियादियों की समस्याओं को संवेदनशीलता के साथ सुनने का निर्देश दिया। IGRS, मुख्यमंत्री संदर्भ, पीजी पोर्टल सहित विभिन्न माध्यमों से प्राप्त शिकायतों का निर्धारित समयसीमा में गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा। साथ ही शिकायतकर्ताओं से फीडबैक लेकर कार्रवाई की वास्तविक स्थिति का आकलन करने पर भी जोर दिया।

रात्रि गश्त में बढ़ेगी पुलिस की सक्रियता

अपराध नियंत्रण के लिए प्रत्येक थाने के कुल उपलब्ध पुलिस बल का कम से कम 25 प्रतिशत हिस्सा रात में गश्त करेगा। इसके अलावा शाम के समय प्रमुख सड़कों, बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर पुलिस की पर्याप्त मौजूदगी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। इसका उद्देश्य चोरी, लूट और अन्य आपराधिक घटनाओं पर अंकुश लगाने के साथ आम नागरिकों में सुरक्षा का भरोसा मजबूत करना है।

चेन स्नेचिंग और छेड़खानी की घटनाओं पर विशेष निगरानी

पुलिस कमिश्नर ने चेन स्नेचिंग, छेड़खानी, चोरी और नकबजनी जैसी घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए त्वरित कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए। आदतन और सक्रिय अपराधियों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखने तथा अपराध की आशंका वाले क्षेत्रों में प्रभावी पुलिस गश्त बढ़ाने को कहा गया।

जाम और अतिक्रमण के खिलाफ समन्वित कार्रवाई

शहर की यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए प्रमुख चौराहों और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में यातायात पुलिस तथा थाना पुलिस के बीच समन्वय बढ़ाने के निर्देश दिए गए। सड़कों पर यातायात बाधित करने वाले अवैध अतिक्रमण के खिलाफ संबंधित विभागों के सहयोग से कार्रवाई करने को कहा गया, ताकि आम लोगों को जाम की समस्या से राहत मिल सके।

60 और 90 दिनों में पूरी करनी होंगी विवेचनाएं

लंबित मुकदमों की समीक्षा करते हुए पुलिस कमिश्नर ने निर्धारित 60 और 90 दिनों की समयसीमा के भीतर विवेचनाओं का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण करने पर जोर दिया। उन्होंने साक्ष्य संकलन और कानूनी औपचारिकताओं में अनावश्यक देरी से बचने तथा विवेचकों के कार्यों की नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए।

इसके अलावा भूमि विवादों और स्थानीय स्तर पर संवेदनशील मामलों में समय रहते निरोधात्मक कार्रवाई करने को कहा गया। यक्ष एप पर दर्ज बीट सूचनाओं का विश्लेषण कर संभावित विवादों की पहचान करने और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए पहले से प्रभावी कदम उठाने के निर्देश भी दिए गए।

बैठक के दौरान पुलिस कमिश्नर ने अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि जनशिकायतों के निस्तारण से लेकर अपराध नियंत्रण, रात्रि गश्त और विवेचनाओं की प्रगति तक प्रत्येक स्तर पर जवाबदेही सुनिश्चित की जाए।

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